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Shamli News: बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि
Tue, 31 Mar 2026 01:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:10 AM IST
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शामली। जिले में रविवार देर रात और सोमवार तड़के बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
रविवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। देर रात अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। सोमवार सुबह करीब चार बजे भी हल्की बूंदाबांदी हुई। दिन में कभी धूप तो कभी बादल छाए रहे।
सोमवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रविवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा था।
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सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ की मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
ऐसे करें बचाव
कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, बैंगन, मिर्च और अन्य सब्जी फसलों को नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गेहूं की फसल भी गिर गई हे, जिससे दाना कमजोर हो सकता है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
ओलावृष्टि के बाद खेतों में पानी जमा न होने दें, तुरंत निकासी की व्यवस्था करें
गेहूं की फसल गिर गई हो तो खेत में हल्की सिंचाई न करें, फसल को सूखने दें
सरसों की फसल में पानी भरने से दाने खराब हो सकते हैं, जल निकासी जरूरी करें
सब्जी फसलों में इस समय सिंचाई करने से बचें
फसलों पर फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव करें, ताकि रोगों से बचाव हो सके
तेज हवा या ओलों से क्षतिग्रस्त पौधों को सहारा दें
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रविवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। देर रात अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। सोमवार सुबह करीब चार बजे भी हल्की बूंदाबांदी हुई। दिन में कभी धूप तो कभी बादल छाए रहे।
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सोमवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रविवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा था।
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सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ की मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
ऐसे करें बचाव
कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, बैंगन, मिर्च और अन्य सब्जी फसलों को नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गेहूं की फसल भी गिर गई हे, जिससे दाना कमजोर हो सकता है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
ओलावृष्टि के बाद खेतों में पानी जमा न होने दें, तुरंत निकासी की व्यवस्था करें
गेहूं की फसल गिर गई हो तो खेत में हल्की सिंचाई न करें, फसल को सूखने दें
सरसों की फसल में पानी भरने से दाने खराब हो सकते हैं, जल निकासी जरूरी करें
सब्जी फसलों में इस समय सिंचाई करने से बचें
फसलों पर फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव करें, ताकि रोगों से बचाव हो सके
तेज हवा या ओलों से क्षतिग्रस्त पौधों को सहारा दें