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बढ़ता तापमान झुलसा रहा बदन
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 May 2017 12:24 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। धीरे-धीरे बढ़ रही गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। रविवार को जिले का तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया। पूरे दिन लू और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान रखा। भीषण गर्मी के कारण बाजारों और सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा।
एक मई को बादल और तेज हवाएं चलने से मौसम में बदलाव हो गया था। मगर कुछ दिन बाद मौसम में फिर बदलाव आने से गर्मी बढ़ने लगी। हालत ये हो गए कि दिन निकलते ही सूरज की तपिश लोगों को परेशान करने लगती है। दोपहर होते ही गरम हवाएं और लू चलने से सड़कों पर चलना दुश्वार हो जाता है।
रविवार को भी गर्मी का यही हाल रहा। सुबह दस बजे से सूरज की तपिश और गर्म हवाओं ने लोगों कोे बेहाल कर दिया। गर्मी से बचने के लिए राह चलते लोगों को कपड़े का सहारा लेना पड़ा। रविवार को सबसे गरम दिन रिकार्ड किया गया।
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मौसम विभाग के अनुसार रविवार शाम चार बजे दिन का तापमान 42 न्यूनतम और 27 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। बघरा कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. पीके सिंह ने बताया कि रविवार को सबसे गरम दिन रिकार्ड किया गया है। कहा कि एक सप्ताह तक मौसम गरम रहेगा और दिन का तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
गरम मौसम रहने आम की फसल के लिए लाभदायक है। गन्ने समेत खेत में पैदा होने कीट-मच्छर और कीड़े समाप्त हो जाएंगे। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि दिन का तापमान ओर बढ़ने से मौसम में हल्का सा बदलाव आएगा। आकाश में बादलों के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
उधर, डॉ. अनुपम सक्सेना ने बताया कि गर्मी बढ़ने के कारण सीएचसी में उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इसके अलावा स्कीन एलर्जी के मामले भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने इनसे बचने के लिए लोगों को सलाह दी कि गर्मी के मौसम में बाहर कम से कम निकले। बहुत जरूरी होने पर अपने पूरे शरीर को कपड़े से ढककर ही बाहर निकले।
खाली पेट न रहने दें बच्चों को
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम सक्सेना कहा कि जिस तरह ही गर्मी बढ़ रही है खासकर बच्चों में उल्टी दस्त, खासी जुकाम, बुखार हो सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिए हैं कि बच्चों को खाली पेट न रखें। पानी की कमी न आने दें और बच्चों को आईस्कीम न खाने दें।
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एक मई को बादल और तेज हवाएं चलने से मौसम में बदलाव हो गया था। मगर कुछ दिन बाद मौसम में फिर बदलाव आने से गर्मी बढ़ने लगी। हालत ये हो गए कि दिन निकलते ही सूरज की तपिश लोगों को परेशान करने लगती है। दोपहर होते ही गरम हवाएं और लू चलने से सड़कों पर चलना दुश्वार हो जाता है।
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रविवार को भी गर्मी का यही हाल रहा। सुबह दस बजे से सूरज की तपिश और गर्म हवाओं ने लोगों कोे बेहाल कर दिया। गर्मी से बचने के लिए राह चलते लोगों को कपड़े का सहारा लेना पड़ा। रविवार को सबसे गरम दिन रिकार्ड किया गया।
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मौसम विभाग के अनुसार रविवार शाम चार बजे दिन का तापमान 42 न्यूनतम और 27 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। बघरा कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. पीके सिंह ने बताया कि रविवार को सबसे गरम दिन रिकार्ड किया गया है। कहा कि एक सप्ताह तक मौसम गरम रहेगा और दिन का तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
गरम मौसम रहने आम की फसल के लिए लाभदायक है। गन्ने समेत खेत में पैदा होने कीट-मच्छर और कीड़े समाप्त हो जाएंगे। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि दिन का तापमान ओर बढ़ने से मौसम में हल्का सा बदलाव आएगा। आकाश में बादलों के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
उधर, डॉ. अनुपम सक्सेना ने बताया कि गर्मी बढ़ने के कारण सीएचसी में उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इसके अलावा स्कीन एलर्जी के मामले भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने इनसे बचने के लिए लोगों को सलाह दी कि गर्मी के मौसम में बाहर कम से कम निकले। बहुत जरूरी होने पर अपने पूरे शरीर को कपड़े से ढककर ही बाहर निकले।
खाली पेट न रहने दें बच्चों को
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम सक्सेना कहा कि जिस तरह ही गर्मी बढ़ रही है खासकर बच्चों में उल्टी दस्त, खासी जुकाम, बुखार हो सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिए हैं कि बच्चों को खाली पेट न रखें। पानी की कमी न आने दें और बच्चों को आईस्कीम न खाने दें।