{"_id":"626c3453aca76b7c30423c79","slug":"god-is-inside-all-living-beings-tejashwi-das-shamli-news-mrt5866049156","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी जीवों के अंदर है परमात्मा: तेजस्वी दास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी जीवों के अंदर है परमात्मा: तेजस्वी दास
विज्ञापन
शामली। गीता भागवत प्रचार समिति की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक तेजस्वी दास ने कहा कि सभी जीवों के अंदर परमात्मा का वास होता है।
समिति के अध्यक्ष और कथा वाचक तेजस्वी दास ने कहा कि भगवान के मिलने के बाद भी हमारी भक्ति निरंतर चलती रहती हैं। भक्ति का कभी अंत नहीं होता है। प्रेम भक्ति करने से श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम हो जाता है। यह प्रेम श्रीकृष्ण की भक्ति कराता रहता है। भक्ति के लिए साध्य भी साधन है। श्रीकृष्ण परमानंद है। सभी जीवों के अंदर परमात्मा है।
उन्होंने कहा कि भगवान के जितने अवतार हुए उन सभी के लोक बने हुए हैं। हमारी सोच बहुत गलत है हम पशु पक्षियों में परमात्मा नहीं मानते और उनका वध करते हैं, जो घोर पाप हैं। जिसका कोई भी दंड भगवान के द्वारा मिल सकता है। कथा में कंडेला, जगाधरी, कैराना, झिंझाना, लोनी से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मौके पर प्रवीण, सविता, राजपाल, राज शरण, विशाल, गीता, करुणा, रीता, नीरज, डॉ. हरि निवास, सरिता, अभिलाषा मौजूद रहे।
विज्ञापन
समिति के अध्यक्ष और कथा वाचक तेजस्वी दास ने कहा कि भगवान के मिलने के बाद भी हमारी भक्ति निरंतर चलती रहती हैं। भक्ति का कभी अंत नहीं होता है। प्रेम भक्ति करने से श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम हो जाता है। यह प्रेम श्रीकृष्ण की भक्ति कराता रहता है। भक्ति के लिए साध्य भी साधन है। श्रीकृष्ण परमानंद है। सभी जीवों के अंदर परमात्मा है।
उन्होंने कहा कि भगवान के जितने अवतार हुए उन सभी के लोक बने हुए हैं। हमारी सोच बहुत गलत है हम पशु पक्षियों में परमात्मा नहीं मानते और उनका वध करते हैं, जो घोर पाप हैं। जिसका कोई भी दंड भगवान के द्वारा मिल सकता है। कथा में कंडेला, जगाधरी, कैराना, झिंझाना, लोनी से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मौके पर प्रवीण, सविता, राजपाल, राज शरण, विशाल, गीता, करुणा, रीता, नीरज, डॉ. हरि निवास, सरिता, अभिलाषा मौजूद रहे।
विज्ञापन