{"_id":"67fd627d33a98370e505c791","slug":"fungus-and-chaupata-disease-are-ruining-the-mango-crop-shamli-news-c-26-1-sal1002-140249-2025-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: आम की फसल को चौपट कर रहा फंगस और चौपता रोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: आम की फसल को चौपट कर रहा फंगस और चौपता रोग
विज्ञापन
जलालाबाद। आम की फसल अचानक फंगस, चौपता रोग की चपेट में आ गई है। इससे बागवानों की चिंता बढ़ने लगी है। कृषि विशेषज्ञों ने उन्हें बचाव के लिए सुझाव दिए हैं।
आम के पेड़ों पर आई नई बौर देखकर इस बार भरपूर आम होने की उम्मीद थी। जलालाबाद क्षेत्र में लगभग 300 एकड़ में आम की खेती होती है। किसानों के अनुसार, इस साल आम की फसल में फंगस रोग लगने से पेड़ों पर आया फूल काला पड़कर झड़ने लगा है, और इस कारण अधिकतर पेड़ रोग की चपेट में आ चुके हैं। बढ़ते तापमान के कारण यहां आम के फसलों पर चेपा नामक रोग भी लग गया है।
इस बार आम के पौधों पर बेतहाशा बौर आया था, परंतु चेपा नामक रोग लग जाने के कारण आम की पत्तों, शाखाओं और फलों से रस चूसने के कारण आम की फसल लगभग 50 से 60 प्रतिशत प्रभावित हो गई है। अगेता बोर आने पर बागवान काफी खुश नजर आ रहे थे। 3 से 4 सप्ताह तक तो सब ठीक था, इसके बाद दिन-प्रतिदिन आम पर आया फूल काला पड़ कर झड़ना शुरू हो गया है। इससे बागवान परेशान हैं। बागवान मुकेश कुमार, इकराम उल्ला, नौशाद, शमीम अहमद आदि ने बताया कि कस्बे सहित निकटवर्ती गांवों उमरपुर, दखौड़ी जमालपुर, नागल, इस्माइलपुर, चंदेनामाल, अंबेहटा, सहित आदि क्षेत्रों में आम के काफी बगीचे हैं। बाहर व लोकल की मंडियों में भरपूर मात्रा में आम पहुंच जाता है, लेकिन इस बार आम की फसल में अचानक आया रोग बागवानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है। महबूब, इकराम उल्ला, वास्त खान, अंजुम आदि ने बताया कि बढ़ते तापमान के कारण यहां आम में रोग लगा है।
विज्ञापन
इस बार आम के पौधों पर बेतहाशा बौर आया था परंतु चेपा लग जाने से आम के पत्तों, शाखा और फलों से रस चूसने के कारण फसल को नुकसान पहुंचाता है और उत्पादन गिरता है।
विज्ञापन
आम के पेड़ों पर आई नई बौर देखकर इस बार भरपूर आम होने की उम्मीद थी। जलालाबाद क्षेत्र में लगभग 300 एकड़ में आम की खेती होती है। किसानों के अनुसार, इस साल आम की फसल में फंगस रोग लगने से पेड़ों पर आया फूल काला पड़कर झड़ने लगा है, और इस कारण अधिकतर पेड़ रोग की चपेट में आ चुके हैं। बढ़ते तापमान के कारण यहां आम के फसलों पर चेपा नामक रोग भी लग गया है।
विज्ञापन
इस बार आम के पौधों पर बेतहाशा बौर आया था, परंतु चेपा नामक रोग लग जाने के कारण आम की पत्तों, शाखाओं और फलों से रस चूसने के कारण आम की फसल लगभग 50 से 60 प्रतिशत प्रभावित हो गई है। अगेता बोर आने पर बागवान काफी खुश नजर आ रहे थे। 3 से 4 सप्ताह तक तो सब ठीक था, इसके बाद दिन-प्रतिदिन आम पर आया फूल काला पड़ कर झड़ना शुरू हो गया है। इससे बागवान परेशान हैं। बागवान मुकेश कुमार, इकराम उल्ला, नौशाद, शमीम अहमद आदि ने बताया कि कस्बे सहित निकटवर्ती गांवों उमरपुर, दखौड़ी जमालपुर, नागल, इस्माइलपुर, चंदेनामाल, अंबेहटा, सहित आदि क्षेत्रों में आम के काफी बगीचे हैं। बाहर व लोकल की मंडियों में भरपूर मात्रा में आम पहुंच जाता है, लेकिन इस बार आम की फसल में अचानक आया रोग बागवानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है। महबूब, इकराम उल्ला, वास्त खान, अंजुम आदि ने बताया कि बढ़ते तापमान के कारण यहां आम में रोग लगा है।
विज्ञापन
इस बार आम के पौधों पर बेतहाशा बौर आया था परंतु चेपा लग जाने से आम के पत्तों, शाखा और फलों से रस चूसने के कारण फसल को नुकसान पहुंचाता है और उत्पादन गिरता है।