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Shamli: सैन्य सम्मान के साथ बलिदानी रूपेंद्र तोमर का अंतिम संस्कार, लोगों ने नम आंखों से दी विदाई
Sun, 21 Jul 2024 02:16 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 21 Jul 2024 02:16 PM IST
सार
शुक्रवार को श्रीनगर के स्वर्ण कोट में बलिदान हुए रूपेंद्र तोमर का पार्थिव शरीर रविवार की सुबह शामली जिले में झिंझाना के राष्ट्रीय शिक्षा सदन इंटर कालेज के मैदान में पहुंचा।
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लोगों ने नम आंखों से दी विदाई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शुक्रवार को श्रीनगर के स्वर्ण कोट में बलिदान हुए रूपेंद्र तोमर का पार्थिव शरीर रविवार की सुबह शामली जिले में झिंझाना के राष्ट्रीय शिक्षा सदन इंटर कालेज के मैदान में पहुंचा। जहां पर बलिदानी को श्रद्धांजलि देने के लिए अंतिम यात्रा निकाली गई। जिसमें क्षेत्र के हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
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वहीं, जनपद का सरकारी अमला एवं नेताओं ने भी नम आंखों से बलिदानी को अंतिम विदाई दी। अंतिम विदाई यात्रा कस्बे से होते हुए बलिदानी के पैतृक गांव बीबीपुर जलालाबाद पहुंची। यात्रा में डीजे पर देशभक्ति गीत और जब तक सूरज चांद रहेगा रुपेन्द्र तोमर तेरा नाम रहेगा के नारे गूंजते रहे। बलिदानी को सैन्य सम्मान एवं गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सलामी देते हुए अंतिम विदाई दी। बलिदानी को मुखाग्नि उसके 13 वर्षीय नाबालिग पुत्र हिमांशु ने दी। इस दौरान सभी की आंखें नम हो गई।
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