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Shamli News: जिले में वर्षों से अधूरी हैं चार परियोजनाएं

Sat, 27 May 2023 12:19 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 27 May 2023 12:19 AM IST
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Four projects are incomplete in the district for years
थाना भवन का  र्निमाणाधीन राजकीय आई टी आई  सेंटर
शामली। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत जिले में कई वर्षों से चार परियोजनाओं का निर्माण अधूरा है। जिनमें राजकीय आईटीआई थानाभवन, राजकीय इंटर काॅलेज हसनपुर लुहारी, राजकीय इंटर काॅलेज पट्टी मसावी, राजकीय इंटर काॅलेज पेलखा शामिल है। डीएम ने इन परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए शासन को पत्र लिखकर बजट मांगा है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत थानाभवन में राजकीय आईटीआई 10 मई 2013 को स्वीकृति हुई थी। 4.64 करोड़ रुपये की कुल स्वीकृति में सेे 2.95 करोड़ प्राप्त हुए थे। शासन से अवमुक्त 2.95 करोड़ रुपये 24 फरवरी 2020 तक खर्च हो गए थे। 1.68 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त अवमुक्त नहीं हो पाई। राजकीय इंटर काॅलेज हसनपुर लुहारी के निर्माण के लिए 19 फरवरी 2018 को 3.48 करोड़ रुपये की स्वीकृति हुुई थी। प्रथम किश्त के रूप में 1.27 करोड़ और दूसरी किश्त 46.40 लाख जारी हुई थी। यह धनराशि 24 दिसंबर को 2020 को धनराशि खर्च हो गई थी। इसका उपयोग प्रमाण पत्र शासन को भेजा जा चुका है। 1.74 करोड़ रुपये की धनराशि की तीसरी किश्त अभी अवमुक्त नहीं हुई है।
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इसी प्रकार राजकीय इंटर काॅलेज पट्टी मसावी निर्माण के लिए 19 फरवरी 2018 को 3.48 करोड़ की स्वीकृति हुई थी। प्रथम किश्त 1.27 करोड़ और दूसरी किश्त 46.40 लाख रुपये की खर्च होकर 24 दिसंबर 2020 और 20 अप्रैल 2023 उपयोगिता प्रमाण पत्र निर्माण एजेंसी ने भेज दिया है। तीसरी किश्त के रुपये में 1.74 लाख रुपये अवमुक्त नहीं हुए हैं। राजकीय इंटर काॅलेज पेलखा के निर्माण के लिए 9.42 करोड़ की कुल स्वीकृति गत 8 मार्च 2019 को शासन हुई थी। शासन से 2.82 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर 28 जुलाई 2022 को उपयोगिता प्रमाण शासन को भेजा जा चुका है। शासन से 6.59 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त के रूप में मांग की गई है।
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विकास भवन व एआरटीओ कार्यालय केे लिए भी मांगा बजट
पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी गांव के जंगल में विकास भवन के निर्माण के लिए 14 जुलाई 2015 को 11.52 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति हुई थी। इसके बाद जारी हुई किश्तों से प्रथम तल का निर्माण हुआ था। वर्ष 2018 से विकास भवन का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। 20.68 करोड़ रुपये का रिवाइज एस्टीमेट ग्राम्य विकास विभाग लखनऊ स्वीकृति के लिए भिजवाया गया था। शासन से पिछले पांच साल से धनराशि अवमुक्त नहीं की गई। एआरटीओ कार्यालय एवं सारथी भवन निर्माण की स्वीकृति 30 मार्च 2021 को शासन से हुुई थी। 9.91 करोड़ की स्वीकृति के सापेक्ष 8.95 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। बाकी बचे 96.19 लाख की मांग की गई है।
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सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत जिले की वर्षों से अधूरी छह परियोजनाओं के लिए शासन से 22.24 करोड़ रुपये की धनराशि डीएम रविंद्र सिंह ने अवमुक्त किए जाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव समेत संबंधित विभागों को पत्र लिख चुके हैं।
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