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Shamli News: अपनों के नाम का पासवर्ड छोड़िए, मजबूत सुरक्षा से खुद को जोड़िए

Sun, 10 May 2026 01:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sun, 10 May 2026 01:24 AM IST
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Forget your loved ones' names as passwords, connect yourself with strong security
शामली। साइबर ठग अब लोगों के कमजोर पासवर्ड को ही अपना हथियार बना रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि जो लोग अपने सोशल मीडिया अकाउंट, जीमेल या बैंकिंग एप में खुद, माता-पिता या बच्चों के नाम को पासवर्ड बनाते हैं, वे सबसे ज्यादा साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। हाल ही में पकड़े गए अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ में इसका खुलासा किया है।
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एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दिल्ली निवासी महावीर और मोहित को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे सोशल मीडिया पर ऐसे अकाउंट को निशाना बनाते थे, जिनके पासवर्ड नाम, जन्मतिथि या परिवार के सदस्यों से जुड़े होते थे। बताया कि ठग सोशल मीडिया प्रोफाइल से लोगों के पिता, माता, पत्नी, बेटे-बेटी और जन्मतिथि जैसी जानकारी आसानी से निकाल लेते हैं। इसके बाद इन्हीं जानकारियों के आधार पर पासवर्ड का अंदाजा लगाकर अकाउंट हैक कर लेते हैं। गिरोह ने इस तरह की 100 से अधिक वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है।
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इन मामलों का हुआ खुलासा
शामली के लांक निवासी मनोज के खाते से साइबर ठगों ने एक लाख रुपये निकाल लिए। जांच में पता चला कि उन्होंने अपने पिता के नाम को पासवर्ड बनाया था।
सोंटा गांव निवासी शहजाद के खाते से 50 हजार रुपये पार कर दिए गए। उन्होंने अपने नाम को ही पासवर्ड बना रखा था।
पुलिस का कहना है कि आज भी बड़ी संख्या में लोग आसान पासवर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं।

पासवर्ड मजबूत रखना बेहद जरूरी
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से सोशल मीडिया और बैंकिंग अकाउंट की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने अकाउंट में टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर ऑन रखें। इसके अलावा ‘हैव आई बीन पॉनड’ वेबसाइट के माध्यम से यह भी जांच सकते हैं कि उनकी जीमेल आईडी कहीं लीक तो नहीं हुई है।
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उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन में मौजूद सुरक्षा फीचर्स का सही इस्तेमाल करने से भी साइबर ठगी से बचा जा सकता है। एम-टू कवच और एम-आधार जैसे सुरक्षा एप भी मददगार साबित हो सकते हैं। समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें।


हर माह सामने आ रहे 20 साइबर ठगी के मामले
पिछले छह माह में जिले में साइबर ठगी के मामलों में कुछ कमी जरूर आई है। पहले जहां हर माह 30 से अधिक मामले सामने आते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 20 रह गई है। इनमें अधिकतर मामले ठगी की कोशिश से जुड़े होते हैं। हर माह चार से पांच मामलों में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पुलिस का कहना है कि लोगों में जागरूकता बढ़ने से मामलों में कुछ कमी आई है, लेकिन अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है।
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