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संघर्ष से मिली मंजिल, सपने हो रहे साकार
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Mon, 25 Jan 2016 12:39 AM IST
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शामली। जिले में भले ही क्रिकेट खेलने के संसाधन कम हो, लेकिन प्रतिभाओं की कमी नहीं है। अपने संघर्षों के बलबूते यहां के युवा देश प्रदेश में पहचान बना रहे हैं। पहले गांव लपराना के प्रवीण कुमार उर्फ पीके ने इंडियन क्रिकेट टीम में जगह बनाई। अब भैंसवाल के विनीत पंवार भी यही सपना लेकर क्रिकेट खेल रहे हैं। फिलहाल वह यूपी की अंडर-19 क्रिकेट टीम में खेल रहे हैं।
जिले में खिलाड़ियों की प्रैक्टिस के लिए न तो कोई बड़ा स्टेडियम है और न ही यहां अधिक संसाधन है। एक दो प्राइवेट स्कूलों में जरूर क्रिकेट एकेडमी चल रही है, लेकिन उनमें भी स्कूल के छात्र ही खेलते हैं। इसके बावजूद कुछ प्रतिभाएं अपने दम पर निखर रही है। इन्हीं में से एक हैं गांव भैंसवाल के विनीत पंवार। अपने संघर्ष के बलबूते विनीत पंवार यूपी की अंडर 19 टीम में शामिल हो चुके हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
विनीत का कहना है कि पहले गांव में क्रिकेट खेलते थे, क्रिकेट में कॅरियर बनाने की सोची, तो परिवार के लोगों ने साथ दिया। बड़े भाई अनुज पंवार काफी समय से मेरठ में रह रहे हैं। करीब पांच साल पहले उन्होंने मेरठ में बुला लिया, ताकि एकेडमी से जुड़कर बेहतर प्रैक्टिस हो सके। बस यहीं खेलना शुरू कर दिया और इस मुकाम तक पहुंचा। अब इंडियन क्रिकेट टीम में शामिल होना का सपना है। उसके लिए लगातार मेहनत कर रहा हूं।
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बीएसएम क्रिकेट एकेडमी के संचालक सूर्यवीर सिंह का कहना है कि जिले में स्टेडियम हो और उसमें सरकार की ओर से कोच नियुक्त हो। जो खिलाड़ियों को अच्छी कोचिंग दे सके, तो यहां के युवा बेहतर खेल सकते हैं। एकेडमी के स्तर से हम प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वह नाकाफी हैं।
सुविधाएं मिले, तो निखरेंगे खिलाड़ी
विनीत का मानना है कि जिले में क्रिकेट खेलने के लिए स्टेडियम नहीं है। यदि यहां पर भी बड़े शहरों की तर्ज पर स्टेडियम बन जाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों से बेहतर खिलाड़ी मिल सकते हैं। ऐसे खिलाड़ी जो आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण बाहर खेलने नहीं जा पाते। अच्छी प्रैक्टिस से वह भी निखर सकते हैं।
यूपी की अंडर-19 क्रिकेट टीम में शामिल विनीत अभी हाल ही में मुंबई में चली कूच विहार ट्रॉफी में खेला। तेज गेंदबाज के रूप में विनीत अपनी टीम की ओर से खेले। यहां उनकी टीम ने मुंबई को हराकर ट्रॉफी जीती। अब तक विनीत छह मैच खेल चुके हैं। जिसमें उन्होंने 19 विकेट लिए हैं।
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जिले में खिलाड़ियों की प्रैक्टिस के लिए न तो कोई बड़ा स्टेडियम है और न ही यहां अधिक संसाधन है। एक दो प्राइवेट स्कूलों में जरूर क्रिकेट एकेडमी चल रही है, लेकिन उनमें भी स्कूल के छात्र ही खेलते हैं। इसके बावजूद कुछ प्रतिभाएं अपने दम पर निखर रही है। इन्हीं में से एक हैं गांव भैंसवाल के विनीत पंवार। अपने संघर्ष के बलबूते विनीत पंवार यूपी की अंडर 19 टीम में शामिल हो चुके हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
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विनीत का कहना है कि पहले गांव में क्रिकेट खेलते थे, क्रिकेट में कॅरियर बनाने की सोची, तो परिवार के लोगों ने साथ दिया। बड़े भाई अनुज पंवार काफी समय से मेरठ में रह रहे हैं। करीब पांच साल पहले उन्होंने मेरठ में बुला लिया, ताकि एकेडमी से जुड़कर बेहतर प्रैक्टिस हो सके। बस यहीं खेलना शुरू कर दिया और इस मुकाम तक पहुंचा। अब इंडियन क्रिकेट टीम में शामिल होना का सपना है। उसके लिए लगातार मेहनत कर रहा हूं।
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बीएसएम क्रिकेट एकेडमी के संचालक सूर्यवीर सिंह का कहना है कि जिले में स्टेडियम हो और उसमें सरकार की ओर से कोच नियुक्त हो। जो खिलाड़ियों को अच्छी कोचिंग दे सके, तो यहां के युवा बेहतर खेल सकते हैं। एकेडमी के स्तर से हम प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वह नाकाफी हैं।
सुविधाएं मिले, तो निखरेंगे खिलाड़ी
विनीत का मानना है कि जिले में क्रिकेट खेलने के लिए स्टेडियम नहीं है। यदि यहां पर भी बड़े शहरों की तर्ज पर स्टेडियम बन जाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों से बेहतर खिलाड़ी मिल सकते हैं। ऐसे खिलाड़ी जो आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण बाहर खेलने नहीं जा पाते। अच्छी प्रैक्टिस से वह भी निखर सकते हैं।
यूपी की अंडर-19 क्रिकेट टीम में शामिल विनीत अभी हाल ही में मुंबई में चली कूच विहार ट्रॉफी में खेला। तेज गेंदबाज के रूप में विनीत अपनी टीम की ओर से खेले। यहां उनकी टीम ने मुंबई को हराकर ट्रॉफी जीती। अब तक विनीत छह मैच खेल चुके हैं। जिसमें उन्होंने 19 विकेट लिए हैं।