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बैंक पर लगाया गया जुर्माना
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Tue, 13 Oct 2015 12:51 AM IST
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शामली। जिला उपभोक्ता फोरम ने क्रेडिट कार्ड से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए पीएनबी शाखा द्वारा वसूली पर रोक लगाने का आदेश दिया है। बैंक शाखा ने बंद पड़े क्रेडिट कार्ड के खाते से बचत खाते में एक लाख 39 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे।
झिंझाना के गांव खोडसमा निवासी राजबीर सिंह ने चौसाना स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा मेें किसान क्रेडिट कार्ड का खाता खुलवाया था। जिसे दो नवंबर 2010 में जारी कर दिया गया। राजबीर का इसी शाखा में पुराना क्रेडिट कार्ड का खाता भी था, जिसे राजबीर ने बंद करा दिया।
राजबीर ने उपभोक्ता फोरम में दायर याचिका में कहा कि वह नए किसान क्रेडिट कार्ड में 18 नवंबर 2014 को 43 हजार रुपये जमा कराने गया। जहां शाखा प्रबंधक ने उसे पुराने क्रेडिट कार्ड के दो लाख तीन हजार रुपये बकाया होने के बारे में बताया और जमा कराए गए 43 हजार रुपये भी पुराने क्रेडिट कार्ड में समायोजित कर दिए। साथ ही बैंक की ओर से खाते के लेन देन पर रोक लगा दी।
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इस मामले में बैंक की ओर से बताया कि 23 मार्च 2012 को राजबीर के किसान क्रेडिट कार्ड के खाते में एक लाख 39 हजार रुपये जमा कराए गए थे। यह उसी का बकाया पैसा है, जो बढ़कर दो लाख तीन हजार तक पहुंच गया है। इस मामले में जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव व सदस्य श्रवण कुमार, इंदु चौधरी की पीठ ने अपना फैसला सुनाते हुए बैंक द्वारा दो लाख तीन हजार रुपये की वसूली पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
साथ ही राजबीर सिंह को भी आदेश दिया कि उसे बैंक के एक लाख 39 हजार रुपये जमा कराने होंगे। जिला उपभोक्ता फोरम ने बैंक द्वारा राजबीर को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 15 हजार रुपये भी देने के आदेश दिए हैं।
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झिंझाना के गांव खोडसमा निवासी राजबीर सिंह ने चौसाना स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा मेें किसान क्रेडिट कार्ड का खाता खुलवाया था। जिसे दो नवंबर 2010 में जारी कर दिया गया। राजबीर का इसी शाखा में पुराना क्रेडिट कार्ड का खाता भी था, जिसे राजबीर ने बंद करा दिया।
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राजबीर ने उपभोक्ता फोरम में दायर याचिका में कहा कि वह नए किसान क्रेडिट कार्ड में 18 नवंबर 2014 को 43 हजार रुपये जमा कराने गया। जहां शाखा प्रबंधक ने उसे पुराने क्रेडिट कार्ड के दो लाख तीन हजार रुपये बकाया होने के बारे में बताया और जमा कराए गए 43 हजार रुपये भी पुराने क्रेडिट कार्ड में समायोजित कर दिए। साथ ही बैंक की ओर से खाते के लेन देन पर रोक लगा दी।
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इस मामले में बैंक की ओर से बताया कि 23 मार्च 2012 को राजबीर के किसान क्रेडिट कार्ड के खाते में एक लाख 39 हजार रुपये जमा कराए गए थे। यह उसी का बकाया पैसा है, जो बढ़कर दो लाख तीन हजार तक पहुंच गया है। इस मामले में जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव व सदस्य श्रवण कुमार, इंदु चौधरी की पीठ ने अपना फैसला सुनाते हुए बैंक द्वारा दो लाख तीन हजार रुपये की वसूली पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
साथ ही राजबीर सिंह को भी आदेश दिया कि उसे बैंक के एक लाख 39 हजार रुपये जमा कराने होंगे। जिला उपभोक्ता फोरम ने बैंक द्वारा राजबीर को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 15 हजार रुपये भी देने के आदेश दिए हैं।