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किसानों ने विद्युत लाइन का काम रुकवाया
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 05 Aug 2016 01:13 AM IST
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चौसाना में विद्युत लाइन खींचने के विवाद को लेकर तैनात पुलिसकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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छत्तीसगढ़ से कुरुक्षेत्र को जोड़ने वाली 800 केवी की विद्युत लाइन का टावर लगाने को लेकर हंगामा हो गया। किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। बाद में पुलिस एवं अफसरों ने किसानों को शांत कराया।
झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव चौसाना और अमलापुर के जंगल में किसान मुबारक अली का खेत है। छत्तीसगढ से कुरुक्षेत्र को जोडने वाली 800 केवी लाइन को वहां से निकाला जा रहा है। बताया जाता है कि इसे लेकर करीब डेढ साल से विवाद चल रहा था। मुबारक अली विद्युत लाइन के टावर को लगाने की एवज में मुआवजा राशि की अधिक मांग कर रहे थे। लेकिन विद्युत लाइन के ठेकेदार और मुबारक अली के बीच सहमति नहीं बन पाई।
उधर, जिलाधिकारी ने पुलिस सुरक्षा में टावर लगाने के निर्देश दिए। इसके चलते बृहस्पतिवार को तहसीलदार ऊन मदनलाल राठौर के साथ लेखपालों की टीम एवं अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और टावर लगाने के कार्य शुरू करा दिए। इसी दौरान काफी संख्या में किसान पहुंचे। उन्होंने यहां कराए जा रहे निर्माण कार्य पर कड़ा विरोध जताया। उनका विरोध देख तहसीलदार ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर अपनी बात रखने को कहा। लेकिन किसान नहीं माने। कुछ ही देर में और ग्रामीण जुट गए।
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मामला बढ़ता देख्र चौसाना सहित ऊन चौकी और झिंझाना थाने की पुलिस मौके पर बुला ली गई। काफी देर गहमागमी के बाद हंगामा शांत कराया गया। किसानों के विरोध को देखते हुए देर शाम तक पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
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झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव चौसाना और अमलापुर के जंगल में किसान मुबारक अली का खेत है। छत्तीसगढ से कुरुक्षेत्र को जोडने वाली 800 केवी लाइन को वहां से निकाला जा रहा है। बताया जाता है कि इसे लेकर करीब डेढ साल से विवाद चल रहा था। मुबारक अली विद्युत लाइन के टावर को लगाने की एवज में मुआवजा राशि की अधिक मांग कर रहे थे। लेकिन विद्युत लाइन के ठेकेदार और मुबारक अली के बीच सहमति नहीं बन पाई।
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उधर, जिलाधिकारी ने पुलिस सुरक्षा में टावर लगाने के निर्देश दिए। इसके चलते बृहस्पतिवार को तहसीलदार ऊन मदनलाल राठौर के साथ लेखपालों की टीम एवं अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और टावर लगाने के कार्य शुरू करा दिए। इसी दौरान काफी संख्या में किसान पहुंचे। उन्होंने यहां कराए जा रहे निर्माण कार्य पर कड़ा विरोध जताया। उनका विरोध देख तहसीलदार ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर अपनी बात रखने को कहा। लेकिन किसान नहीं माने। कुछ ही देर में और ग्रामीण जुट गए।
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मामला बढ़ता देख्र चौसाना सहित ऊन चौकी और झिंझाना थाने की पुलिस मौके पर बुला ली गई। काफी देर गहमागमी के बाद हंगामा शांत कराया गया। किसानों के विरोध को देखते हुए देर शाम तक पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।