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Shamli News: किसान बोले, 25 रुपये एफआरपी बढ़ाने से नहीं होगा भला

Fri, 23 Feb 2024 01:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Feb 2024 01:06 AM IST
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Farmers said, increasing FRP by Rs 25 will not do any good
शामली। केंद्र सरकार ने गन्ने के (एफआरपी) में 25 रुपये का इजाफा किया है। सरकार के इस फैसले के बाद गन्ने की एमएसपी 340 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। एफआरपी बढ़ाने को लेकर किसानों के साथ-साथ राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों से बात की गई। उन्होंने कुछ यू प्रतिक्रिया दी।
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भाकियू जिलाध्यक्ष कालिंद्र मलिक का कहना है कि किसान को इससे कोई लाभ मिलने वाला नहीं है। सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ये भाजपा का चुनावी स्टंट है।
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सपा के कैराना लोकसभा प्रभारी प्रो़ सुधीर पंवार ने कहा कि इससे किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। चुनाव से पहले किसानों को लुभाने की कोशिश सरकार ने की है। यहां एफआरपी का कोई फायदा नहीं होगा। 340 में कुछ भी नहीं हो पाएगा।
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रालोद नेता राजन जावला का कहना है की केन्द्र सरकार द्वारा गन्ने पर एफआरपी बढ़ाये जाने से किसानों का भला होने वाला नहीं है। किसानों को उनकी मांगों के आधार पर एमएसपी गारंटी कानून और स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर सीटू प्लस 50% के आधार पर फसलों का मूल्य घोषित होना चाहिए
किसान यूनियन के अध्यक्ष चौधरी सवित मलिक ने कहा कि इस एफआरपी का लाभ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के किसानों को नहीं मिल पाएगा, क्योंकि यहां पर एसएपी रेट पहले से ही एफआरपी से अधिक है। इसलिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के किसानों को इससे निराशा ही हाथ लगेगी। आने वाले सालों में जरूर इसका लाभ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के किसानों को मिल सकता है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक सैनी का कहना है कि चुनाव नजदीक होने के कारण किसानों को लॉलीपॉप दिया गया है। इससे किसानों को लाभ नहीं मिलेगा। सरकार को किसानों को दिल्ली कूच करने देना चाहिए।
भाकियू के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव कपिल खाटियान ने कहा कि प्रदेश में इसका कोई लाभ नहीं होगा। राज्य सरकार को भी कम से कम 30 रुपये बढ़ाने चाहिएं, तभी प्रदेश के किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा।

रालोद के जिलाध्यक्ष चौधरी वाजिद अली का कहना है कि एफआरपी बढ़ाकर सरकार ने किसानों का दिल जीत लिया है। इससे किसानों को राहत मिलेगी। आगे भी किसानों के हित में सरकार से फैसले कराए जाएंगे।

बसपा के जिला प्रभारी सुनील जाटव का कहना है कि एफआरपी 25 रुपये बढ़ाया जाना काफी कम है। राज्य स्तर पर भी बढ़ना चाहिए। कहा सरकार किसान विरोधी है, जिसके कारण उन्हें दिल्ली जाने से रोका जा रहा है।

सपा जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि सरकार किसानों को लॉलीपॉप दे रही है। एफआरपी बढ़ाने से किसानों का कोई भला नहीं होगा। 370 से अधिक रुपये बढ़ाए जाने चाहिए थे। किसानों का बेवकूफ बनाया जा रहा है।
पूर्व विधायक राव वारिस ने कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने चीनी सत्र 2024-25 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) को 10.25 प्रतिशत की मूल रिकवरी दर के लिए 340 रुपये प्रति क्विंटल पर मंजूरी दे दी है। एक गन्ना किसान होने के नाते कहना चाहुंगा की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने की मूल रिकवरी दर 12.5 प्रतिशत से अधिक है। एफआरपी अगर 380 रुपये प्रति क्विंटल होता तो अधिक प्रसन्नता होती।

भाजपा जिलाध्यक्ष तेजेंद्र निर्वाल का कहना है कि सरकार किसानों की हितैशी है। एफआरपी बढ़ाकर सरकार ने किसानों को एक तरह से सौगात देने का कार्य किया है।

निर्माण स्थल पर बैठे मजदूर। संवाद

निर्माण स्थल पर बैठे मजदूर। संवाद

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