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Shamli News: उचित दाम नहीं मिलने पर किसानों ने गोभी की फसल पर चलाया ट्रैक्टर
Sun, 03 Dec 2023 11:49 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 03 Dec 2023 11:49 PM IST
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जलालाबाद में गोभी की फसल बहाता किसान
जलालाबाद (शामली)। कस्बे में गोभी का उचित दाम नहीं मिलने के कारण किसानों में निराशा है। भाव गिरने से निराश होकर किसानों ने खेत में ट्रैक्टर चलाकर सैकड़ों बीघे में लगी गोभी फसल नष्ट कर दिया।
कस्बे के किसानों ने बताया कि गोभी प्रति एकड़ लगाने का खर्चा करीब 15 हजार रुपये आता है। कुछ दिन पहले जो गोभी 20-30 रुपये प्रति किलो बिक रही थी आज वह 10 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इससे अधिक खर्च गोभी की तुड़ाई से लेकर उसको मंडी तक पहुंचाने में लग जाता है, ऐसे में किसान के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। जिस कारण खेत में ट्रैक्टर चलाकर गोभी की फसल पर नष्ट कर दिया है। किसानों ने बताया कि सरकार की भावांतर योजना भी सब्जी के दाम दिलवाने में विफल साबित हो रही है। किसानों का कहना है कि गोभी के अलावा शलगम, मूली, मटर, पालक इत्यादि के भावों में भी बहुत गिरावट आई है।
सही भाव नहीं मिल रहे
किसान नीरज नायक ने बताया कि उसने चार बीघा गोभी की फसल लगा रखी थी, जिसमे 12 हजार रुपये प्रति बीघा फसल में लागत आती है, परंतु मंडियों में सही भाव न मिलने के कारण गोभी की फसल को बहा कर नष्ट कर दिया।
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मजदूरों को पहले से दोगुने पैसे देने पड़ रहे हैं ।
किसान रमेश कोरी ने बताया की उसने करीब चार बीघे में गोभी की फसल लगाई थी जो कुछ समय पहले ही तैयार हुई थी,लेकिन मंडियों में सही दाम तो दूर, कोई गोभी को उठाने वाला भी नहीं है। इसीलिए तैयार गोभी की फसल ट्रैक्टर चलवाकर नष्ट कर दी।
भाड़ा भी नहीं निकल रहा था
किसान चरण सिंह सैनी ने बताया कि उसने छह बीघा खेत में गोभी की फसल लगाई थी। भाड़ा भी पूरा नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण फसल नष्ट कर दी है।
अगली फसल के लिए खेत कर दिया खाली
किसान गोविंद सैनी ने बताया कि पांच बीघा गोभी की फसल लगाई थी, लेकिन मंडियों में फसल लेकर जाने का भाड़़ा भी पूरा नहीं हो पा रहा है और आगामी फसल लगाने का समय भी निकलता जा रहा है। इसीलिए गोभी की फसल को ट्रैक्टर चलाकर फसल नष्ट कर दिया है।
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कस्बे के किसानों ने बताया कि गोभी प्रति एकड़ लगाने का खर्चा करीब 15 हजार रुपये आता है। कुछ दिन पहले जो गोभी 20-30 रुपये प्रति किलो बिक रही थी आज वह 10 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इससे अधिक खर्च गोभी की तुड़ाई से लेकर उसको मंडी तक पहुंचाने में लग जाता है, ऐसे में किसान के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। जिस कारण खेत में ट्रैक्टर चलाकर गोभी की फसल पर नष्ट कर दिया है। किसानों ने बताया कि सरकार की भावांतर योजना भी सब्जी के दाम दिलवाने में विफल साबित हो रही है। किसानों का कहना है कि गोभी के अलावा शलगम, मूली, मटर, पालक इत्यादि के भावों में भी बहुत गिरावट आई है।
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सही भाव नहीं मिल रहे
किसान नीरज नायक ने बताया कि उसने चार बीघा गोभी की फसल लगा रखी थी, जिसमे 12 हजार रुपये प्रति बीघा फसल में लागत आती है, परंतु मंडियों में सही भाव न मिलने के कारण गोभी की फसल को बहा कर नष्ट कर दिया।
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मजदूरों को पहले से दोगुने पैसे देने पड़ रहे हैं ।
किसान रमेश कोरी ने बताया की उसने करीब चार बीघे में गोभी की फसल लगाई थी जो कुछ समय पहले ही तैयार हुई थी,लेकिन मंडियों में सही दाम तो दूर, कोई गोभी को उठाने वाला भी नहीं है। इसीलिए तैयार गोभी की फसल ट्रैक्टर चलवाकर नष्ट कर दी।
भाड़ा भी नहीं निकल रहा था
किसान चरण सिंह सैनी ने बताया कि उसने छह बीघा खेत में गोभी की फसल लगाई थी। भाड़ा भी पूरा नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण फसल नष्ट कर दी है।
अगली फसल के लिए खेत कर दिया खाली
किसान गोविंद सैनी ने बताया कि पांच बीघा गोभी की फसल लगाई थी, लेकिन मंडियों में फसल लेकर जाने का भाड़़ा भी पूरा नहीं हो पा रहा है और आगामी फसल लगाने का समय भी निकलता जा रहा है। इसीलिए गोभी की फसल को ट्रैक्टर चलाकर फसल नष्ट कर दिया है।