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जिले में किसानों को नहीं मिल रहा खाद
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
Updated Tue, 01 May 2018 11:59 PM IST
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farmer
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जिले के गन्ना सहकारी समिति के खाद गोदामों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। इसके बावजूद किसानों को खाद से वंचित रहना पड़ रहा है। गोदाम प्रभारियों के तबादला होने के बाद भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। खाद नहीं मिलने के कारण विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी फैल गई है।
शामली सहकारी गन्ना समिति के 12 खाद के गोदामों में शामली गन्ना सहकारी समिति-व मुजफ्फरनगर रोड पर खाद का गोदाम, बहावड़ी, लांक, किवाना, फुगाना, कैराना, झिंझाना, गढ़ीपुख्ता, साल्हाखेड़ी आदि शामिल हैं। गोदामों पर प्रभारियों को किसानों को खाद वितरण के लिए नियुक्त गया है। हर साल समिति गोदामों पर तैनात प्रभारियों के तबादले मई- जून माह में होते थे। इस बार गन्ना विभाग के सूबे में सभी गोदामों में तैनात गोदाम प्रभारियों तबादले अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कर दिए गए है।
फिलहाल समिति के गोदामों पर नए प्रभारी नही आ पाए हैं। नए प्रभारियों के न आने से जिले की समिति के 12 गोदामों पर यूरिया, डाई का वितरण न होने से परेशान हैं। ग्राम बधेव के किसान विपिन व विजय आदि किसानों का कहना है कि जिले में गेहूं कटाई के बाद गन्ना बुआई चल रही है। गन्ना बुआई के लिए यूरिया व डाई की किसानों को बेहद जरूरत है। हर किसान को यूरिया व डाई के लिए शामली गन्ना समिति पर आ रहा है, मगर यूरिया व डाई नहीं मिलने से किसान परेशान है।
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उनका कहना है कि वह पिछले एक माह से यूरिया व डाई के लिए चक्कर काट रहा है। यूरिया खाद व डाई के लिए कागजात समिति गोदाम पर जमा है, किंतु खाद नहीं मिलने का एक कारण पॉइट सेल्स मशीन खराब बताया जा रहा है। शामली सहकारी समिति कार्यालय में बने गोदाम पर झिंझाना क्षेत्र के नितिन होंसगपुर, सहेंद्र को भी खाद नहीं मिलने पर निराश होकर लौटना पड़ा। करमूखेड़ी के प्रगति शील किसान देशपाल राणा ने भी दो दिन पूर्व समिति कार्यालय पर खाद न मिलने की शिकायत समिति के सचिव मुकेश राठी से कर चुके हैं।
समिति सचिव मुकेेश राठी ने गोदाम के कार्यवाहक प्रभारी उपेंद्र पंवार को बुलाकर गोदाम से किसानों को खाद न दिए जाने का कारण पूछा, तो उन्होंने बताया कि गोदाम प्रभारी का तबादला 26 अप्रैल को हो गया है। मई के प्रथम सप्ताह में प्रभारी के आने की उम्मीद है। उन्हें ही खाद- यूरिया, डाई दिए जाने का अधिकार है। शामली समेत प्रदेश के समिति के सभी गोदामों की ऐसी स्थिति बनी हुई है। नए प्रभारी आने के बाद खाद वितरण का कार्य किया जाएगा। उनका कहना कि किसान को समिति गोदाम पर निशुल्क खाद मिल जाता है। बाद में किसान के गन्ना भुगतान में छह प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान समिति को चला जाता है। समिति पर पर्याप्त मात्रा मे खाद उपलब्ध हैं।
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शामली सहकारी गन्ना समिति के 12 खाद के गोदामों में शामली गन्ना सहकारी समिति-व मुजफ्फरनगर रोड पर खाद का गोदाम, बहावड़ी, लांक, किवाना, फुगाना, कैराना, झिंझाना, गढ़ीपुख्ता, साल्हाखेड़ी आदि शामिल हैं। गोदामों पर प्रभारियों को किसानों को खाद वितरण के लिए नियुक्त गया है। हर साल समिति गोदामों पर तैनात प्रभारियों के तबादले मई- जून माह में होते थे। इस बार गन्ना विभाग के सूबे में सभी गोदामों में तैनात गोदाम प्रभारियों तबादले अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कर दिए गए है।
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फिलहाल समिति के गोदामों पर नए प्रभारी नही आ पाए हैं। नए प्रभारियों के न आने से जिले की समिति के 12 गोदामों पर यूरिया, डाई का वितरण न होने से परेशान हैं। ग्राम बधेव के किसान विपिन व विजय आदि किसानों का कहना है कि जिले में गेहूं कटाई के बाद गन्ना बुआई चल रही है। गन्ना बुआई के लिए यूरिया व डाई की किसानों को बेहद जरूरत है। हर किसान को यूरिया व डाई के लिए शामली गन्ना समिति पर आ रहा है, मगर यूरिया व डाई नहीं मिलने से किसान परेशान है।
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उनका कहना है कि वह पिछले एक माह से यूरिया व डाई के लिए चक्कर काट रहा है। यूरिया खाद व डाई के लिए कागजात समिति गोदाम पर जमा है, किंतु खाद नहीं मिलने का एक कारण पॉइट सेल्स मशीन खराब बताया जा रहा है। शामली सहकारी समिति कार्यालय में बने गोदाम पर झिंझाना क्षेत्र के नितिन होंसगपुर, सहेंद्र को भी खाद नहीं मिलने पर निराश होकर लौटना पड़ा। करमूखेड़ी के प्रगति शील किसान देशपाल राणा ने भी दो दिन पूर्व समिति कार्यालय पर खाद न मिलने की शिकायत समिति के सचिव मुकेश राठी से कर चुके हैं।
समिति सचिव मुकेेश राठी ने गोदाम के कार्यवाहक प्रभारी उपेंद्र पंवार को बुलाकर गोदाम से किसानों को खाद न दिए जाने का कारण पूछा, तो उन्होंने बताया कि गोदाम प्रभारी का तबादला 26 अप्रैल को हो गया है। मई के प्रथम सप्ताह में प्रभारी के आने की उम्मीद है। उन्हें ही खाद- यूरिया, डाई दिए जाने का अधिकार है। शामली समेत प्रदेश के समिति के सभी गोदामों की ऐसी स्थिति बनी हुई है। नए प्रभारी आने के बाद खाद वितरण का कार्य किया जाएगा। उनका कहना कि किसान को समिति गोदाम पर निशुल्क खाद मिल जाता है। बाद में किसान के गन्ना भुगतान में छह प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान समिति को चला जाता है। समिति पर पर्याप्त मात्रा मे खाद उपलब्ध हैं।