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किसानों और मिल मालिकों की वार्ता विफल

Tue, 22 Nov 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Tue, 22 Nov 2016 12:01 AM IST
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Farmers and millers failed talks
meeting - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ऊन।  बकाया भुगतान की मांग को लेकर ऊन चीनी मिल पर सोमवार को किसानों के बीच बकाया भुगतान की समस्या का समाधान करने के लिए मिल मालिक किसानों के बीच वार्ता विफल रही। चीनी मिल मालिक  किसानों को दस करोड़ तत्काल एवं शेष धनराशि चीनी मिल चलने के बाद दिए जाने की बात कर रहे थे। लेकिन किसान बीस करोड़ रुपये तत्काल देने की मांग कर रहे थे। 
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बैठक में मिल मालिकों ने बीस करोड़ रुपये दिए जाने से इंकार कर दिया। जिससे वार्ता बिना नतीजे के समाप्त हो गई।  पिछले साल के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर ऊन चीनी मिल पर किसानों का 57वें दिन बेमियादी धरना जारी रहा। सोमवार को धरना स्थल पर सुपीरियर फूड चीनी मिल के मालिक इंद्रप्रताप राणा व जीएम जीएस खेेरा चीनी मिल अधिकारियों के साथ पहुंचे और धरने पर बैठे किसानों से वार्ता की।
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उन्होंने किसानों से कहा कि वह पिछले साल के बकाया गन्ना भुगतान में 10 करोड़ रुपये का भुगतान तत्काल व चीनी से अलग शेष भुगतान मिल के चलने के बाद दिए जाने की घोषणा की। चीनी मिल मालिकों की इस घोषणा के बाद धरने पर बैठे किसानों ने एक कमेटी बनाकर विचार करने के बाद अपना निर्णय बताने की बात कही । 
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किसानों की कमेटी ने मिल मालिकों से 20 करोड़ रुपये तत्काल  दिए जाने जब्त चीनी का फैसला अगर 29 नवंबर को किसानों के हक में आता है तो ठीक है , वरना उसके भुगतान का समय तय करने की बात कही।  किसानों के इस फैसले पर मिल मालिक सहमत नहीं हो पाए। किसानों के धरनास्थल से चीनी मिल मालिक इंद्र प्रताप राणा लौट आए।  धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि अगर मिल मालिक किसानों की इस शर्त को मानते हैं तो वह धरना खत्म कर मिल को चलाने देंगे, वरना जब तक भुगतान नहीं हो जाता तब तक धरना जारी रखेंगे।

‌किसानों ने कहा कि 50 दिन से ज्यादा समय से आंदोलन चलने के बावजूद मिल प्रबंधन मनमानी ही कर रहा है। यह सब नहीं चलेगा। बेमियादी धरने में  पूर्व चेयरमैन प्रदीप चौधरी,  राजवीर,  नीटू,  भास्कर, कपिल पिंडोरा, सुनील प्रधान, वेदपाल चिकारा, रवि सिरोही, पप्पू प्रधान गागोर, मनोज चौधरी ऊन आदि शामिल रहे। 


इस मामले में जिला गन्ना अधिकारी डाक्टर अनिल भारती ने बताया कि किसानों- चीनी मिल के मालिक  के बीच वार्ता में आपसी सहमति के बाद ही गन्ना विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।   
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