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कर्ज में डूबे किसान की हार्ट अटैक से मौत
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 30 Jun 2016 12:51 AM IST
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किसान प्रताप सिंह फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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शामली क्षेत्र के एक किसान ने बैंक से ऋण लिया। ऋण समय पर अदा नहीं हुआ और ब्याज लगाकर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता गया, तो वह टेंशन में रहने लगा। सोमवार देर रात हार्ट अटैक के चलते उसकी मौत हो गई। किसान के परिवार में मातम पसरा हुआ है।
मामला बाबरी क्षेत्र के गांव करौदा हाथी का है। किसान प्रताप सिंह (56) ने छह साल पूर्व थानाभवन स्थित ओरिएंटल बैंक से पांच लाख रुपये ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा था। उम्मीद थी कि कृषि कार्यों में ट्रैक्टर का प्रयोग कर आमदनी बढ़ाऊंगा, मगर वह बैंक से लिया ऋण भी अदा नहीं कर सका।
दो साल पूर्व बैंक शाखा से उसे नोटिस मिला, जिसमें उस पर साढे़ सात लाख रुपये की बकायेदारी बताई गई। इसके अलावा 2010 में प्रताप सिंह ने उसी बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड भी बनवाया, जिससे उसे ढाई लाख रुपये ऋण लेकर कृषि कार्यों में उपयोग किया।
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परिस्थितियों के कारण वह रुपया भी बैंक को अदा करने में प्रताप के सामने परेशानियां पैदा हो गईं। परिवार के लोगों के मुताबिक बैंक का दस लाख रुपये कर्ज सिर पर बोझ लगने लगा, जिसकी वजह से प्रताप सिंह टेंशन में रहने लगे। परिजनों ने बताया कि सोमवार रात करीब डेढ़ बजे हार्ट अटैक आने पर प्रताप ने दम तोड़ दिया।
मंगलवार को गमगीन माहौल में किसान का अंतिम संस्कार किया गया। प्रताप की मौत से परिवार में मातम पसरा है।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रताप के पास 21 बीघा कृषि भूमि है। परिवार में दो बेटियां तथा दो बेटे हैं। बड़ी बेटी कविता की कई साल पूर्व शादी हो गई तथा उससे छोटे बेटे तेज सिंह की एक साल पूर्व ही शादी हुई। इनसे छोटी बेटी रीना और बेटा कुलदीप अविवाहित हैं।
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मामला बाबरी क्षेत्र के गांव करौदा हाथी का है। किसान प्रताप सिंह (56) ने छह साल पूर्व थानाभवन स्थित ओरिएंटल बैंक से पांच लाख रुपये ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा था। उम्मीद थी कि कृषि कार्यों में ट्रैक्टर का प्रयोग कर आमदनी बढ़ाऊंगा, मगर वह बैंक से लिया ऋण भी अदा नहीं कर सका।
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दो साल पूर्व बैंक शाखा से उसे नोटिस मिला, जिसमें उस पर साढे़ सात लाख रुपये की बकायेदारी बताई गई। इसके अलावा 2010 में प्रताप सिंह ने उसी बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड भी बनवाया, जिससे उसे ढाई लाख रुपये ऋण लेकर कृषि कार्यों में उपयोग किया।
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परिस्थितियों के कारण वह रुपया भी बैंक को अदा करने में प्रताप के सामने परेशानियां पैदा हो गईं। परिवार के लोगों के मुताबिक बैंक का दस लाख रुपये कर्ज सिर पर बोझ लगने लगा, जिसकी वजह से प्रताप सिंह टेंशन में रहने लगे। परिजनों ने बताया कि सोमवार रात करीब डेढ़ बजे हार्ट अटैक आने पर प्रताप ने दम तोड़ दिया।
मंगलवार को गमगीन माहौल में किसान का अंतिम संस्कार किया गया। प्रताप की मौत से परिवार में मातम पसरा है।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रताप के पास 21 बीघा कृषि भूमि है। परिवार में दो बेटियां तथा दो बेटे हैं। बड़ी बेटी कविता की कई साल पूर्व शादी हो गई तथा उससे छोटे बेटे तेज सिंह की एक साल पूर्व ही शादी हुई। इनसे छोटी बेटी रीना और बेटा कुलदीप अविवाहित हैं।