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Shamli News: कोहरे से आलू की फसल पर झुलसा रोग का खतरा, किसान चिंतित

Tue, 23 Dec 2025 12:59 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Dec 2025 12:59 AM IST
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हसनपुर लुहारी। पिछले कई दिनों से पड़ रहे घने कोहरे से खेती-किसानी पर असर पड़ रहा है। खासकर आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका से किसान चिंतित हैं। मौसम में बढ़ी नमी और कम धूप के कारण यह रोग तेजी से फैल सकता है, जिससे पैदावार पर भारी असर पड़ने की संभावना है।
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ठंडे और नम मौसम में फफूंदजनित रोग तेजी से पनपते हैं। जिले में लगभग पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती की गई है, ऐसे में यदि दो-तीन दिन तक लगातार कोहरा बना रहा तो फसल को नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय आलू की फसल सबसे अधिक संवेदनशील है।
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मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है। बारिश की संभावना नहीं है और कोहरे की चादर लगातार छाई रहने से खेतों में नमी बनी हुई है। इससे झुलसा रोग के साथ-साथ सब्जियों और सरसों की फसल पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
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कृषि विशेषज्ञ अमित सैनी ने बताया कि लगातार कोहरे के कारण सरसों जैसी फसलों में माहू (एफिड) का प्रकोप बढ़ जाता है। वहीं नमी और कम धूप से फफूंद तेजी से फैलती है, जिससे आलू में झुलसा, मटर में पत्ती धब्बा जैसी बीमारियां पनपती हैं।
सुमित सैनी का कहना है कि घने कोहरे के कारण पौधों को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती, जिससे प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इससे पौधे कमजोर होकर पीले पड़ने लगते हैं और फसल की बढ़वार रुक जाती है, जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ता है।

झुलसा रोग से बचाव के उपाय
कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डाॅ. संदीप चौधरी के अनुसार,आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए किसान रोगमुक्त और प्रमाणित बीज कंद का प्रयोग करें तथा खेत में जलभराव न होने दें। फसल में उचित दूरी रखें ताकि हवा का संचार बना रहे और रोगग्रस्त पत्तियों को तुरंत हटाकर नष्ट करें।

इसके साथ ही संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें, अधिक नाइट्रोजन देने से बचें और सुबह के समय सिंचाई करें, ताकि पत्तियां देर तक गीली न रहें। किसानों से अपील की है कि किसी भी दवा का प्रयोग करने से पहले नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग से परामर्श अवश्य लें, ताकि फसल सुरक्षित रहे और बेहतर उत्पादन मिल सके।
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