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Shamli News: परिजन बोले- अरशद को पुलिस के सामने पेश करना चाहते थे

Wed, 22 Jan 2025 12:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Wed, 22 Jan 2025 12:41 AM IST
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Family members said- wanted to present Arshad before the police
शामली पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक बदमाश अरशद के परिजनों से घटना की जानकारी लेते पुलिसकर्मी l संवाद
शामली। पुलिस मुठभेड़ में मारे गया एक लाख का इनामी बदमाश अरशद 14 साल तक लगातार उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरियाणा में करनाल की जेल में बंद रहा था। 16 मई 2024 को वह करनाल जेल से जमानत पर आया था। अरशद के परिजनों का कहना है कि वह उसे पुलिस के सामने पेश करना चाहते थे।
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सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के गांव बाढ़ी माजरा निवासी अरशद के भाई राशिद, दिव्यांग साजिद और वाजिद उर्फ वाजा पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। राशिद ने बताया कि अरशद चार भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था। चारों भाइयों के पास करीब 15 बीघा खेती की जमीन है और परिवार मजदूरी करता है। बताया कि ज्यादातर मुकदमों में वह बरी हो चुका है। पुलिस उनके घर पर आती थी, जिस कारण वे अरशद को पुलिस के सामने पेश करना चाहते थे, लेकिन वह डर के मारे इधर-उधर रिश्तेदारियों व अन्य स्थानों पर उनसे इधर-उधर छिपता फिर रहा था। उसके पास कोई फोन नहीं था। मंगलवार सुबह को उन्हें मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया पर अरशद के मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी मिली।
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सतीश के परिजन बोले- उन्हें शव दिखाए बिना पोस्टमार्टम न कर देना
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए करनाल के अशोक विहार निवासी सतीश के परिजन व रिश्तेदार मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। भाई बंटी ने बताया कि सतीश के 18 व 13 वर्ष की दो लड़की है। उसकी पत्नी की करीब साढ़े तीन साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। बताया सतीश सोमवार दोपहर शादी में जाने की बात कहकर घर से गया था। इसके बाद उसका मोबाइल फोन स्विच हो गया। थाना मधुबन पुलिस ने उन्हें सतीश के मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी दी। बंटी का कहना है कि सतीश पर करीब 20 साल पहले मारपीट का एक मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें वह बरी हो चुका था। परिजनों ने पोस्टमार्टम से पहले सतीश का शव दिखाने की मांग की, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया। इसे लेकर पुलिस व परिजनों के बीच नोकझोंक हुई। परिजनों ने पुलिस से कहा कि उन्हें शव दिखाए बिना पोस्टमार्टम न किया जाए। अगर ऐसा किया तो वे शव को नहीं ले जाएंगे और इस मामले में आगे तक जाएंगे। अगर मुख्यमंत्री तक प्रयागराज भी जाना पड़ा तो वहां भी जाएंगे।
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