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राम मंदिर निर्माण के बनाए गए ट्रस्ट पर जताई खुशी

Fri, 07 Feb 2020 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Feb 2020 12:09 AM IST
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Expresses happiness over trust built for construction of Ram temple
शामली। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन किया गया है। 15 सदस्यीय ट्रस्ट के गठन होने से राम मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि ट्रस्ट का गठन होने से मंदिर निर्माण का सपना जल्द पूरा होगा।
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार ने 15 सदस्यीय ट्रस्ट का गठन हो गया है। गठन के साथ ही मंदिर आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों को जगह न दिए जाने पर नाराजगी भी जताई जा रही है, लेकिन शामली में मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों से इस बारे में बातचीत की गई तो उनका कहना था कि मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन किया गया है। इसमें सभी को जगह दिया जाना संभव नहीं होता। मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़े सभी लोगों का उद्देश्य मंदिर निर्माण का रहा है। वह पूरा हो रहा है।
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विहिप के पूर्व नगर मंत्री सेवा भारती के जिलाध्यक्ष डा. सतीश गर्ग अयोध्या में राम मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर निर्माण के लिए हजारों लोग जुड़े हुए हैं। सभी की इच्छा ट्रस्ट में जगह पाने की रही होगी, लेकिन सभी को शामिल नहीं किया जा सकता। इसलिए ट्रस्ट में जगह न दिए जाने को लेकर किसी को नाराज नहीं होना चाहिए।
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भाजपा के पूर्व नगराध्यक्ष डा. विपिन कौशिक 1991 में अयोध्या जाते समय पुलिस प्रशासन ने उन्हें शामली में ही रोक लिया था। उन्हें कोतवाली में रखा गया था और बाद में निजी मुचलके पर छोड़ा गया था। उनका कहना है कि ट्रस्ट का गठन होने से अयोध्या में मंदिर निर्माण का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। यह खुशी की बात है। ट्रस्ट में किसे शामिल करना है या नहीं यह सरकार का निर्णय है।
धर्मयात्रा महासंघ केंद्रीय सत्संग समिति के अध्यक्ष पवन बजरंगी ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए 1991 में शामली में जुलूस निकाला गया था। उस समय अयोध्या जाते समय उन सहित आठ लोगों को सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया था। वे करीब एक माह तक मेरठ जेल में रहे थे। उनका कहना है कि राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन हुआ है। ट्रस्ट में किसी को शामिल न करने पर किसी को नाराजगी नहीं होनी चाहिए।
मंदिर आंदोलन में योगदान देने वाले प्रोफेसर अमलेश गुप्ता का कहना है कि मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार सरकार ने किया है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट का गठन करने का अधिकार सरकार को दिया है। मंदिर आंदोलन से जुड़े सभी लोगों को इसमें जगह नहीं मिल सकती, इसलिए किसी को नाराज नहीं होना चाहिए। सभी का लक्ष्य सिर्फ मंदिर निर्माण था और आगे भी रहना चाहिए।

मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे विहिप के पूर्व नगराध्यक्ष कमलकांत का कहना है कि मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए ट्रस्ट में साधु संतों को भी सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन साथ ही कहा कि ट्रस्ट का गठन होने से उन्हें इस बात की खुशी है कि मंदिर का जल्द निर्माण कार्य शुरू जाएगा।
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