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Shamli News: तीन साल बाद भी नहीं बना हसनपुर लुहारी में सहकारी बैंक
Thu, 07 Nov 2024 01:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 07 Nov 2024 01:13 AM IST
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जलालाबाद। हसनपुर लुहारी गांव की सहकारी समिति से जुड़े सात गांव के 1500 किसानों को रुपये के लेनदेन के लिए जलालाबाद करीब सात किलो मीटर दूर जाना पड़ता है। समिति की वार्षिक बैठक में गांव हसनपुर लुहारी में ही सहकारी बैंक बनवाने की मांग उठी थी। जिसके लिए समिति की ओर से भूमि चिह्नित कर ली गई थी, लेकिन तीन साल गुजरने के बाद भी किसानों को जलालाबाद के सहकारी बैंक में जाना पड़ता है।
गांव हसनपुर लुहारी स्थित सहकारी समिति से फिलहाल हसनपुर लुहारी, ख्यावड़ी, गोसगढ़, उमरपुर, दखोड़ी जमालपुर, दभेड़ी सहित सात गांव व चार मजरे जुड़े हैं। गांव के करीब 1500 किसान समिति से लेनदेन करते हैं। फिलहाल सहकारी बैंक जलालाबाद में स्थित है तो ऐसे में लोगों को समिति से संबंधित किसी भी लेनदेन के लिए सात किलोमीटर दूर जलालाबाद के चक्कर काटने पड़ते हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए सहकारी समिति हसनपुर लुहारी की वार्षिक बैठक में सहकारी बैक बनाने की किसानों ने मांग की थी।
भूमि चिह्नित करने के पश्चात समिति ने सहकारी बैंक बनाने का प्रस्ताव समिति की जिला बोर्ड बैठक में भेज दिया था। समिति के अधिकारियों ने बताया कि बाईपास मार्ग पर खाली पड़ी भूमि सहकारी बैक के लिए चिह्नित की गई है। जल्द ही भूमि पर सहकारी बैंक बनकर तैयार होगा। लेकिन तीन साल गुजरने के बाद भी भूमि पर बैंक बनाने की तैयारी शुरु नहीं हो सकी। किसान रामपाल, राजकुमार, यासीन, सुमित, तेजपाल, नौशाद ने बताया कि उनको हसनपुर लुहारी समिति से खाद बीज लेने व गेहूं क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने की सभी सुविधा मिलती है। लेकिन फसल ऋण लेने व जमा करने के लिए साथ किलोमीटर दूर जलालाबाद मे सहकारी बैक की चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिसमे उनका पूरा दिन खराब हो जाता है।
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हसनपुर लुहारी मे सहकारी बैंक बनाने की प्रकिया अभी चल नहीं रही है। आने वाली जुलाई के बाद पता चलेगा सहकारी बैंक की क्या तैयारी होगी। अभी हसनपुर लुहारी का सहकारी बैंक जलालाबाद बैंक से लेनदेन चल रहा है। - जितेंद्र कुमार ,सचिव साधन सहकारी समिति हसनपुर लुहारी
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गांव हसनपुर लुहारी स्थित सहकारी समिति से फिलहाल हसनपुर लुहारी, ख्यावड़ी, गोसगढ़, उमरपुर, दखोड़ी जमालपुर, दभेड़ी सहित सात गांव व चार मजरे जुड़े हैं। गांव के करीब 1500 किसान समिति से लेनदेन करते हैं। फिलहाल सहकारी बैंक जलालाबाद में स्थित है तो ऐसे में लोगों को समिति से संबंधित किसी भी लेनदेन के लिए सात किलोमीटर दूर जलालाबाद के चक्कर काटने पड़ते हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए सहकारी समिति हसनपुर लुहारी की वार्षिक बैठक में सहकारी बैक बनाने की किसानों ने मांग की थी।
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भूमि चिह्नित करने के पश्चात समिति ने सहकारी बैंक बनाने का प्रस्ताव समिति की जिला बोर्ड बैठक में भेज दिया था। समिति के अधिकारियों ने बताया कि बाईपास मार्ग पर खाली पड़ी भूमि सहकारी बैक के लिए चिह्नित की गई है। जल्द ही भूमि पर सहकारी बैंक बनकर तैयार होगा। लेकिन तीन साल गुजरने के बाद भी भूमि पर बैंक बनाने की तैयारी शुरु नहीं हो सकी। किसान रामपाल, राजकुमार, यासीन, सुमित, तेजपाल, नौशाद ने बताया कि उनको हसनपुर लुहारी समिति से खाद बीज लेने व गेहूं क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने की सभी सुविधा मिलती है। लेकिन फसल ऋण लेने व जमा करने के लिए साथ किलोमीटर दूर जलालाबाद मे सहकारी बैक की चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिसमे उनका पूरा दिन खराब हो जाता है।
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हसनपुर लुहारी मे सहकारी बैंक बनाने की प्रकिया अभी चल नहीं रही है। आने वाली जुलाई के बाद पता चलेगा सहकारी बैंक की क्या तैयारी होगी। अभी हसनपुर लुहारी का सहकारी बैंक जलालाबाद बैंक से लेनदेन चल रहा है। - जितेंद्र कुमार ,सचिव साधन सहकारी समिति हसनपुर लुहारी