{"_id":"6920bfe898e4dbe5d902787a","slug":"even-after-14-years-the-blood-bank-has-not-started-patients-are-forced-to-get-blood-from-private-sources-shamli-news-c-26-1-sal1002-154012-2025-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: 14 साल बाद भी ब्लड बैंक शुरू नहीं, मरीज प्राइवेट से खून लेने को मजबूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: 14 साल बाद भी ब्लड बैंक शुरू नहीं, मरीज प्राइवेट से खून लेने को मजबूर
विज्ञापन
शामली। जिला बनने के लगभग 14 साल बाद भी शामली में सरकारी ब्लड बैंक शुरू नहीं हो सका है। जबकि चिकित्सक और अन्य स्टाफ का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई बार शासन को पत्राचार किया गया, लेकिन अभी तक यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई।
28 सितंबर 2011 को शामली को जिला बनाया गया था। तब लोगों को जिला अस्पताल और ब्लड बैंक जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की उम्मीद थी। 2014 में मुंडेट गांव के पास जिला संयुक्त चिकित्सालय का निर्माण शुरू हुआ। करीब 39.5 करोड़ रुपये की लागत से भवन बनकर तैयार हुआ और दो साल पहले इसे स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द कर दिया गया।
कोरोना काल में जिला अस्पताल में कोविड अस्पताल चलाया गया। पिछले साल 16 अगस्त से ओपीडी शुरू हुई, लेकिन ब्लड बैंक अभी तक नहीं खुला। इससे गंभीर रोगियों और आपातकालीन मामलों में रक्त उपलब्ध कराने के लिए मरीजों को प्राइवेट ब्लड बैंकों का सहारा लेना पड़ता है, जहां अधिक शुल्क देना पड़ता है।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
ब्लड बैंक शुरू करने की तैयारी पूरी
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के लिए भवन पहले से आरक्षित है। शासन ने स्टाफ से बैंक चलाने की जानकारी मांगी थी। जिला अस्पताल की तरफ से पैथोलोजिस्ट, चिकित्साधिकारी, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स और काउंसर के नाम भेजे गए।
एक सप्ताह पहले केंद्र और राज्य स्तर की टीम ने जिला अस्पताल में ब्लड बैंक की तैयारियों का जायजा लिया। कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दे दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासन की अनुमति मिलते ही ब्लड बैंक शुरू कर दिया जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -
गर्भवती महिलाओं के लिए रक्त सुविधा
सीएचसी शामली में रक्त संग्रह केंद्र चल रहा है, जिसमें मुजफ्फरनगर ब्लड बैंक से रक्त लाकर रखा जाता है। फिलहाल इसमें केवल चार प्रकार का रक्त उपलब्ध है – ए, बी, एबी और ओ पॉजिटिव। यह सुविधा गर्भवती महिलाओं के लिए ही सीमित है।
यह बोले लोग शहर के अस्पताल रोड के रहने वाले पंकज गुप्ता ने बताया कि सरकारी ब्लड बैंक न होने से परेशानी होती है। लोगों को प्राइवेट ब्लड बैंक से खून खरीदने के लिए अधिक पैसे देने पड़ते हैं। माजरा रोड के अमित चौधरी का कहना है कि ब्लड बैंक जल्द से जल्द शुरू होना चाहिए। इस मामले को लेकर हम जल्द ही जिला अधिकारी से भी मुलाकात करेंगे।
वर्जन
ब्लड बैंक शुरू करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और शासन की अनुमति मिलते ही इसे शुरू किया जाएगा। कई बार पत्राचार किया जा चुका है। - डॉ. किशोर कुमार आहूजा, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
28 सितंबर 2011 को शामली को जिला बनाया गया था। तब लोगों को जिला अस्पताल और ब्लड बैंक जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की उम्मीद थी। 2014 में मुंडेट गांव के पास जिला संयुक्त चिकित्सालय का निर्माण शुरू हुआ। करीब 39.5 करोड़ रुपये की लागत से भवन बनकर तैयार हुआ और दो साल पहले इसे स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द कर दिया गया।
विज्ञापन
कोरोना काल में जिला अस्पताल में कोविड अस्पताल चलाया गया। पिछले साल 16 अगस्त से ओपीडी शुरू हुई, लेकिन ब्लड बैंक अभी तक नहीं खुला। इससे गंभीर रोगियों और आपातकालीन मामलों में रक्त उपलब्ध कराने के लिए मरीजों को प्राइवेट ब्लड बैंकों का सहारा लेना पड़ता है, जहां अधिक शुल्क देना पड़ता है।
विज्ञापन
ब्लड बैंक शुरू करने की तैयारी पूरी
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के लिए भवन पहले से आरक्षित है। शासन ने स्टाफ से बैंक चलाने की जानकारी मांगी थी। जिला अस्पताल की तरफ से पैथोलोजिस्ट, चिकित्साधिकारी, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स और काउंसर के नाम भेजे गए।
एक सप्ताह पहले केंद्र और राज्य स्तर की टीम ने जिला अस्पताल में ब्लड बैंक की तैयारियों का जायजा लिया। कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दे दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासन की अनुमति मिलते ही ब्लड बैंक शुरू कर दिया जाएगा।
गर्भवती महिलाओं के लिए रक्त सुविधा
सीएचसी शामली में रक्त संग्रह केंद्र चल रहा है, जिसमें मुजफ्फरनगर ब्लड बैंक से रक्त लाकर रखा जाता है। फिलहाल इसमें केवल चार प्रकार का रक्त उपलब्ध है – ए, बी, एबी और ओ पॉजिटिव। यह सुविधा गर्भवती महिलाओं के लिए ही सीमित है।
यह बोले लोग शहर के अस्पताल रोड के रहने वाले पंकज गुप्ता ने बताया कि सरकारी ब्लड बैंक न होने से परेशानी होती है। लोगों को प्राइवेट ब्लड बैंक से खून खरीदने के लिए अधिक पैसे देने पड़ते हैं। माजरा रोड के अमित चौधरी का कहना है कि ब्लड बैंक जल्द से जल्द शुरू होना चाहिए। इस मामले को लेकर हम जल्द ही जिला अधिकारी से भी मुलाकात करेंगे।
वर्जन
ब्लड बैंक शुरू करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और शासन की अनुमति मिलते ही इसे शुरू किया जाएगा। कई बार पत्राचार किया जा चुका है। - डॉ. किशोर कुमार आहूजा, सीएमएस जिला अस्पताल