{"_id":"58d802ae4f1c1b31581a0f86","slug":"entrant-will-have-to-be-motivated","type":"story","status":"publish","title_hn":"दाखिले के लिए करना होगा प्रेरित ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दाखिले के लिए करना होगा प्रेरित
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Mar 2017 12:09 AM IST
विज्ञापन
School
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में रिक्त सीटों पर बालिकाओं के नामांकन के लिए गांव-गांव में शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिले के सभी कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की शिक्षिकाएं अपने-अपने क्षेत्र में शिक्षा से मुंह मोड़ चुकी छात्राओं को घर-घर जाकर दाखिला लेने के लिए प्रेरित करेंगी।
डीसी (जिला समन्वयक) सुभाषचंद्र ने बताया कि जनपद में चार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय है। इन विद्यालयों में 350 सीटें हैं। शामली में 100, कैराना में 100, ऊन में 100 और कांधला में 50 सीटें उपलब्ध है।
नए सत्र से रिक्त सीटों पर शत-प्रतिशत नामांकन कराने के लिए जल्द ही विद्यालयों के मुताबिक अपने-अपने क्षेत्र के गांव मेें शिविर लगाएं जाएंगे। सभी विद्यालयों की शिक्षिकाओं को हाउस होल्ड सर्वे के मुताबिक कक्षा पांच के बाद शिक्षा से और 11 वर्ष से ऊपर की बालिका अभी तक स्कूल में दाखिला नहीं लिया।
विज्ञापन
ऐसी छात्राओं के घर-घर जाकर उनके परिजनों और बच्चों को दाखिले के लिए प्रेरित करेंगी। सभी विद्यालयों की शिक्षिकाएं मंगलवार से तीन दिन तक शिविर लगाएं जाएंगे। शिक्षिकाएं अपने-अपने विद्यालय क्षेत्र के अलग-अलग गंाव में डोर टू डोर व दी गई लिस्ट के अनुसार और मुस्लिम मोहल्लों में ऐसी बालिकाओं के परिजनों को दाखिले के लिए प्रेरित करेंगी।
विज्ञापन
डीसी (जिला समन्वयक) सुभाषचंद्र ने बताया कि जनपद में चार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय है। इन विद्यालयों में 350 सीटें हैं। शामली में 100, कैराना में 100, ऊन में 100 और कांधला में 50 सीटें उपलब्ध है।
विज्ञापन
नए सत्र से रिक्त सीटों पर शत-प्रतिशत नामांकन कराने के लिए जल्द ही विद्यालयों के मुताबिक अपने-अपने क्षेत्र के गांव मेें शिविर लगाएं जाएंगे। सभी विद्यालयों की शिक्षिकाओं को हाउस होल्ड सर्वे के मुताबिक कक्षा पांच के बाद शिक्षा से और 11 वर्ष से ऊपर की बालिका अभी तक स्कूल में दाखिला नहीं लिया।
विज्ञापन
ऐसी छात्राओं के घर-घर जाकर उनके परिजनों और बच्चों को दाखिले के लिए प्रेरित करेंगी। सभी विद्यालयों की शिक्षिकाएं मंगलवार से तीन दिन तक शिविर लगाएं जाएंगे। शिक्षिकाएं अपने-अपने विद्यालय क्षेत्र के अलग-अलग गंाव में डोर टू डोर व दी गई लिस्ट के अनुसार और मुस्लिम मोहल्लों में ऐसी बालिकाओं के परिजनों को दाखिले के लिए प्रेरित करेंगी।