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Shamli News: कुर्सी खाली, अफसर नदारद... जनसुनवाई के वक्त दफ्तरों से साहब गायब
Thu, 24 Sep 2026 12:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:54 AM IST
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पड़ताल: जिला पूर्ति अधिकारी की कार्यालय में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद
शामली/बनत। प्रदेश सरकार के सख्त आदेश हैं कि सभी विभागाध्यक्ष सुबह 10 से 12 बजे तक अपने दफ्तरों में बैठकर जनता की समस्याएं सुनें। लेकिन शामली जिले में जनसुनवाई के समय ही जिम्मेदार अफसर अपने दफ्तरों से नदारद हैं। बुधवार सुबह 10 से 11 बजे के बीच रिपोटिंग टीम ने प्रशासनिक कार्यालयों की पड़ताल की तो जिला प्रोबेशन अधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त, खाद्य सुरक्षा सहायक आयुक्त, जिला समाज कल्याण अधिकारी और बीएसए समेत तमाम बड़े विभागाध्यक्ष अपने दफ्तरों से गायब मिले। दफ्तरों में अफसरों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं और दूर-दराज के गांवों से आए फरियादी साहब के आने का इंतजार करते रहे।
सुबह 10:07 बजे (जिला प्रोबेशन कार्यालय) : दफ्तर में ताला लटका मिला। जिला प्रोबेशन अधिकारी समेत कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं था।
सुबह 10:07 बजे (बिजलीघर, खेड़ीकरमू) : अधिशासी अभियंता (चतुर्थ) आशीष कौशल दफ्तर से नदारद मिले और उनकी कुर्सी खाली पड़ी थी।
सुबह 10:08 बजे (श्रम विभाग) : सहायक श्रम आयुक्त अरविंद कुमार अपने कार्यालय में नहीं मिले। दफ्तर खुला था, लेकिन कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं था।
सुबह 10:11 बजे (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) : सहायक आयुक्त (खाद्य) पंकज कुमार और खाद्य निरीक्षक समेत पूरा अमला नदारद मिला।
सुबह 10:15 बजे (बाल विकास परियोजना कार्यालय) : सीडीपीओ ममता अपने दफ्तर में मौजूद नहीं थीं। स्टाफ ने निरीक्षण पर जाने की बात कही।
सुबह 10:23 बजे (समाज कल्याण विभाग) : जिला समाज कल्याण अधिकारी रितु रस्तौगी कार्यालय से नदारद मिलीं।
सुबह 10:26 बजे (विकास भवन) : उपायुक्त (स्वरोजगार) और जिला सांख्यिकी अधिकारी अपने-अपने दफ्तरों से गायब मिले।
सुबह 10:31 बजे (पूर्ति विभाग, सदर तहसील) : जिला पूर्ति अधिकारी अंकुर यादव नदारद थे। स्टाफ ने बताया कि साहब निरीक्षण पर हैं।
सुबह 10:48 बजे (बेसिक शिक्षा विभाग): बीएसए संतोष कुमार कार्यालय से नदारद मिले। फोन पर उन्होंने बैठक में होने की जानकारी दी।
फरियादियों का दर्द : अफसरों की खाली कुर्सियां देख लौट रहे वापस
खोड़समा के बलविंदर सिंह ने बताया वोटर कार्ड बनवाने के लिए सुबह 10 बजे तहसील आ गया था, लेकिन साहब का दफ्तर खाली पड़ा है। 11 बजने वाले हैं और कोई अधिकारी आया ही नहीं।
खेड़ाभाऊ के अमित कुमार ने बताया किबच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है। यहां पहुंचा तो अधिकारी और कर्मचारी दोनों नदारद मिले। घंटों से उनका इंतजार कर रहा हूं।
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सुबह 10 से 12 बजे तक अधिकारियों का दफ्तर में रहना अनिवार्य है। जो अधिकारी बिना पूर्व सूचना के जनसुनवाई के समय नदारद पाए गए हैं, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
— आलोक यादव, जिलाधिकारी, शामली
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सुबह 10:07 बजे (जिला प्रोबेशन कार्यालय) : दफ्तर में ताला लटका मिला। जिला प्रोबेशन अधिकारी समेत कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं था।
सुबह 10:07 बजे (बिजलीघर, खेड़ीकरमू) : अधिशासी अभियंता (चतुर्थ) आशीष कौशल दफ्तर से नदारद मिले और उनकी कुर्सी खाली पड़ी थी।
सुबह 10:08 बजे (श्रम विभाग) : सहायक श्रम आयुक्त अरविंद कुमार अपने कार्यालय में नहीं मिले। दफ्तर खुला था, लेकिन कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं था।
सुबह 10:11 बजे (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) : सहायक आयुक्त (खाद्य) पंकज कुमार और खाद्य निरीक्षक समेत पूरा अमला नदारद मिला।
सुबह 10:15 बजे (बाल विकास परियोजना कार्यालय) : सीडीपीओ ममता अपने दफ्तर में मौजूद नहीं थीं। स्टाफ ने निरीक्षण पर जाने की बात कही।
सुबह 10:23 बजे (समाज कल्याण विभाग) : जिला समाज कल्याण अधिकारी रितु रस्तौगी कार्यालय से नदारद मिलीं।
सुबह 10:26 बजे (विकास भवन) : उपायुक्त (स्वरोजगार) और जिला सांख्यिकी अधिकारी अपने-अपने दफ्तरों से गायब मिले।
सुबह 10:31 बजे (पूर्ति विभाग, सदर तहसील) : जिला पूर्ति अधिकारी अंकुर यादव नदारद थे। स्टाफ ने बताया कि साहब निरीक्षण पर हैं।
सुबह 10:48 बजे (बेसिक शिक्षा विभाग): बीएसए संतोष कुमार कार्यालय से नदारद मिले। फोन पर उन्होंने बैठक में होने की जानकारी दी।
फरियादियों का दर्द : अफसरों की खाली कुर्सियां देख लौट रहे वापस
खोड़समा के बलविंदर सिंह ने बताया वोटर कार्ड बनवाने के लिए सुबह 10 बजे तहसील आ गया था, लेकिन साहब का दफ्तर खाली पड़ा है। 11 बजने वाले हैं और कोई अधिकारी आया ही नहीं।
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खेड़ाभाऊ के अमित कुमार ने बताया किबच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है। यहां पहुंचा तो अधिकारी और कर्मचारी दोनों नदारद मिले। घंटों से उनका इंतजार कर रहा हूं।
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सुबह 10 से 12 बजे तक अधिकारियों का दफ्तर में रहना अनिवार्य है। जो अधिकारी बिना पूर्व सूचना के जनसुनवाई के समय नदारद पाए गए हैं, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
— आलोक यादव, जिलाधिकारी, शामली

पड़ताल: जिला पूर्ति अधिकारी की कार्यालय में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद

पड़ताल: जिला पूर्ति अधिकारी की कार्यालय में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद

पड़ताल: जिला पूर्ति अधिकारी की कार्यालय में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद