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Shamli News: बच्चों को संस्कारवान बनाने का दिया जोर
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शामली सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जूनियर हाई स्कूल में आयोजित मातृ सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्य
- फोटो : SHAMLI
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शामली। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल शामली में कक्षा प्रवेशिका से कक्षा द्वितीय तक की कक्षा के बच्चों का मातृ सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में माताओं को अपने बच्चों को शिक्षा के साथ व्यवहारिक, संस्कारित बनाने पर जोर दिया।
स्कूल में रविवार को आयोजित कार्यक्त्रस्म मुख्य अतिथि उपमा शर्मा ने बच्चों के खानपान के बारे में माताओं को विशेष ध्यान रखने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में व्यस्तता के कारण हम कभी-कभी बच्चों को बाजार की बनी हुई वस्तुएं चॉकलेट, टॉफी, मैगी और अन्य वस्तुएं देकर विद्यालय भेज देते हैं। इन सभी वस्तुओं में पोषक तत्वों की कमी होती है और धीरे-धीरे वह इन वस्तुओं खाने का आदि भी हो जाता है जिससे वह घर की बनी हुई वस्तुओं को नकार देता है। इसलिए बच्चे को अपने हाथ से बना पौष्टिक आहार दे। कार्यक्रम में शिक्षिका मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षण कराने में शिशु का सहयोग करें। शिक्षिका स्वाति जैन ने बताया कि बच्चों के संस्कार पक्ष को अच्छा बनाने में माताओं का बहुत बड़ा योगदान होता है। अत: माताएं अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने में सहयोग करें, क्योंकि माता ही शिशु की प्रथम शिक्षिका होती है और घर उसका प्रथम विद्यालय होता है।
विशिष्ट अतिथि अनुपमा शर्मा ने बताया कि बच्चों के शिक्षण में माताओं का बहुत बड़ा योगदान होता है। इसलिए बच्चों को अपने पास बैठाकर प्यार स्नेह तथा दुलार से उनके गृह कार्य कराने में उनकी मदद करें और मोबाइल का प्रयोग कम से कम करने की सीख दे। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्रधानाचार्य संजय कुमार सैनी ने बताया कि इस कार्यक्त्रस्म का उद्देश्य माताओं को अपने शिशु के खानपान, शिक्षा संस्कार और व्यावहारिक पक्ष को अच्छा बनाने में सहयोग करना था। कार्यक्रम में प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।
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संचालन रमा शर्मा ने किया। मौके पर प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद शर्मा, रविंद्र कुमार, दीपक गुप्ता, साक्षी शर्मा,स्वाति जैन, मीनाक्षी शर्मा, रिचा सिंघल, सविता गुप्ता, सुधा शर्मा, संगीता गोयल, सारिका शर्मा, दीपा बंसल, लक्ष्मी गर्ग, नीरज, रितु, रोहिला मौजूद रहे।
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स्कूल में रविवार को आयोजित कार्यक्त्रस्म मुख्य अतिथि उपमा शर्मा ने बच्चों के खानपान के बारे में माताओं को विशेष ध्यान रखने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में व्यस्तता के कारण हम कभी-कभी बच्चों को बाजार की बनी हुई वस्तुएं चॉकलेट, टॉफी, मैगी और अन्य वस्तुएं देकर विद्यालय भेज देते हैं। इन सभी वस्तुओं में पोषक तत्वों की कमी होती है और धीरे-धीरे वह इन वस्तुओं खाने का आदि भी हो जाता है जिससे वह घर की बनी हुई वस्तुओं को नकार देता है। इसलिए बच्चे को अपने हाथ से बना पौष्टिक आहार दे। कार्यक्रम में शिक्षिका मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षण कराने में शिशु का सहयोग करें। शिक्षिका स्वाति जैन ने बताया कि बच्चों के संस्कार पक्ष को अच्छा बनाने में माताओं का बहुत बड़ा योगदान होता है। अत: माताएं अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने में सहयोग करें, क्योंकि माता ही शिशु की प्रथम शिक्षिका होती है और घर उसका प्रथम विद्यालय होता है।
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विशिष्ट अतिथि अनुपमा शर्मा ने बताया कि बच्चों के शिक्षण में माताओं का बहुत बड़ा योगदान होता है। इसलिए बच्चों को अपने पास बैठाकर प्यार स्नेह तथा दुलार से उनके गृह कार्य कराने में उनकी मदद करें और मोबाइल का प्रयोग कम से कम करने की सीख दे। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्रधानाचार्य संजय कुमार सैनी ने बताया कि इस कार्यक्त्रस्म का उद्देश्य माताओं को अपने शिशु के खानपान, शिक्षा संस्कार और व्यावहारिक पक्ष को अच्छा बनाने में सहयोग करना था। कार्यक्रम में प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।
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संचालन रमा शर्मा ने किया। मौके पर प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद शर्मा, रविंद्र कुमार, दीपक गुप्ता, साक्षी शर्मा,स्वाति जैन, मीनाक्षी शर्मा, रिचा सिंघल, सविता गुप्ता, सुधा शर्मा, संगीता गोयल, सारिका शर्मा, दीपा बंसल, लक्ष्मी गर्ग, नीरज, रितु, रोहिला मौजूद रहे।