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व्यापारियों के लिए मांगा आर्थिक राहत पैकेज
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शामली। व्यापारी सेना ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर व्यापारियों को आर्थिक राहत पैकेज देने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि कोरोना संकटकाल के कारण लगे लॉकडाउन से व्यापारियों की अर्थव्यवस्था व आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। व्यापारी सेना प्रदेश भर के व्यापारियों के व्यापार को पटरी पर लाने के लिए आर्थिक राहत पैकेज जारी कराने की मांग कर रही है।
बृहस्पतिवार को व्यापारी सेना के प्रदेश प्रभारी पंकज वालिया की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश भर के व्यापारी की अर्थव्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। पिछले वर्ष मार्च, अप्रैल और मई में लगातार तीन माह कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में बाजार बंद रहे लेकिन लगातार बिजली के बिल, बैंकों की ईएमआई, बैंकों का ब्याज बराबर व्यापारियों पर लगता रहा। इस वर्ष भी मई माह में कोरोना संकटकाल के कारण लगे लॉकडाउन और साप्ताहिक कर्फ्यू से व्यापारियों की आर्थिक हालत बदतर हो गई। व्यापारियों के लिए सरकार को आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की जानी चाहिए। व्यापारियों के लिए चार माह के बिजली के बिल माफ हो, चार माह की ईएमआई बैंकों का ब्याज माफ हो साथ ही प्रदेश में कॉमर्शियल विद्युत दरों को घरेलू दरों के बराबर किया जाए। कोरोना से मृत जीएसटी में पंजीकृत को दुर्घटना मानते हुए दस लाख का जीवन दुर्घटना बीमा का लाभ दिया जाए। श्रम विभाग या खाद्य विभाग में पंजीकृत व्यापारी की कोरोना से मौत होने पर परिजनों को पांच लाख का मुआवजा दिया जाए।
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बृहस्पतिवार को व्यापारी सेना के प्रदेश प्रभारी पंकज वालिया की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश भर के व्यापारी की अर्थव्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। पिछले वर्ष मार्च, अप्रैल और मई में लगातार तीन माह कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में बाजार बंद रहे लेकिन लगातार बिजली के बिल, बैंकों की ईएमआई, बैंकों का ब्याज बराबर व्यापारियों पर लगता रहा। इस वर्ष भी मई माह में कोरोना संकटकाल के कारण लगे लॉकडाउन और साप्ताहिक कर्फ्यू से व्यापारियों की आर्थिक हालत बदतर हो गई। व्यापारियों के लिए सरकार को आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की जानी चाहिए। व्यापारियों के लिए चार माह के बिजली के बिल माफ हो, चार माह की ईएमआई बैंकों का ब्याज माफ हो साथ ही प्रदेश में कॉमर्शियल विद्युत दरों को घरेलू दरों के बराबर किया जाए। कोरोना से मृत जीएसटी में पंजीकृत को दुर्घटना मानते हुए दस लाख का जीवन दुर्घटना बीमा का लाभ दिया जाए। श्रम विभाग या खाद्य विभाग में पंजीकृत व्यापारी की कोरोना से मौत होने पर परिजनों को पांच लाख का मुआवजा दिया जाए।
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