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दुकान की साझेदारी के विवाद से शुरू हुई खूनी रंजिश में गई तीन जान
Sat, 25 May 2019 10:57 PM IST
NAVEEN GUPTA
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Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Sat, 25 May 2019 10:57 PM IST
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- फोटो : amarujala
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बरलाजट के किसान की हत्या के पीछे करीब तीन साल पहले दुकान की साझेदारी के विवाद को लेकर शुरू हुई रंजिश मानी जाए तो इस खूनी खेल में शनिवार को किसान की तीसरी हत्या हुई है। इससे पहले दो हत्याएं हो चुकी हैं।
पुलिस के मुताबिक शनिवार को मारे गए बरलाजट निवासी किसान सियानंद के भाई रविंद्र जिला बागपत के कस्बा बिनौली में सबमर्सिबल की दुकान करते थे। दुकान में बिनौली निवासी मनोज की साझेदारी थी। दोनों मिलजुलकर दुकान कर रहे थे। करीब तीन साल पहले मनोज की हत्या हो गई थी। इस हत्या में परिजनों ने रविंद्र और उसके भतीजे सन्नी आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। करीब दो साल पहले रविंद्र और सन्नी हत्या के मुकदमे में बागपत कोर्ट में गए थे। कोर्ट में तारीख भुगतने के बाद जब दोनों शामली लौट रहे थे, तो रास्ते में बागपत के गांव टयोढ़ी के निकट रविंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि सन्नी गोली लगने से गंभीर घायल हुआ था। इस मुकदमे में रविंद्र के भाई सियानंद ने बिनौली निवासी विनेशपाल, विनोद और मोहित के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में विनेशपाल जमानत पर जेल से बाहर है, जबकि विनोद और मोहित अभी जेल में है। इसी मुकदमेबाजी की रंजिश में शनिवार को सियानंद की तीसरी हत्या हुई है।
मृत किसान का भाई खुफिया विभाग में इंस्पेक्टर
शामली। ग्रामीणों के मुताबिक मृतक सियानंद तीन भाई थे। बड़े भाई रविंद्र की हत्या दो साल पहले हो चुकी है। उनके एक लड़का व लड़की बीकॉम में पढ़ते हैं। सियानंद के दो लड़के हैं, जिनमें बड़ा मनीष 11वीं और छोटा काला 10वीं में पढ़ता है। सियानंद का छोटा भाई जयपाल सिंह बदायूं में खुफिया विभाग में इंस्पेक्टर है। उनका बड़ा बेटा राहुल सीआईएसएफ में कमांडर के पद पर है, जबकि छोटा पुत्र अंकित यूपी पुलिस में सिपाही है जो वर्तमान में सीतापुर में तैनात है।
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गोलियों की आवाज सुनकर खेत में दुबके किसान
शामली। मेरठ-करनाल हाईवे पर सरेशाम हुई किसान सियानंद की हत्या के दौरान गोलियों की तड़तड़ाहट से आसपास का इलाका दहल गया। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो बाइक पर आए हमलावरों ने पहले किसान के साथ गालीगलौज की और उसकी घेराबंदी कर ली, जिससे उसे भागने तक का मौका भी नहीं मिला। इसके बाद गोलियों की तड़तड़ाहट शुरू हुई तो आसपास खेतों में काम करने वाले लोग दुबक गए और हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों के पहिये थम गए। हत्या की वारदात को लेकर लोग सहम गए। हमलावरों के जाने के बाद लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद वाहनों का आवागमन शुरू हुआ।
मौके से मिले दो तरह के खोखे
शामली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की तो कई खोखे बरामद हुए। पुलिस सूत्रों की माने मौके से पिस्टल और तमंचे के खोखे मिले है, जिससे यह माना जा रहा है कि किसान की हत्या में दो तरह के हथियारों का इस्तेमाल हुआ। हालांकि पुलिस अधिकारी इस बारे में अधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बता रहे है।
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पुलिस के मुताबिक शनिवार को मारे गए बरलाजट निवासी किसान सियानंद के भाई रविंद्र जिला बागपत के कस्बा बिनौली में सबमर्सिबल की दुकान करते थे। दुकान में बिनौली निवासी मनोज की साझेदारी थी। दोनों मिलजुलकर दुकान कर रहे थे। करीब तीन साल पहले मनोज की हत्या हो गई थी। इस हत्या में परिजनों ने रविंद्र और उसके भतीजे सन्नी आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। करीब दो साल पहले रविंद्र और सन्नी हत्या के मुकदमे में बागपत कोर्ट में गए थे। कोर्ट में तारीख भुगतने के बाद जब दोनों शामली लौट रहे थे, तो रास्ते में बागपत के गांव टयोढ़ी के निकट रविंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि सन्नी गोली लगने से गंभीर घायल हुआ था। इस मुकदमे में रविंद्र के भाई सियानंद ने बिनौली निवासी विनेशपाल, विनोद और मोहित के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में विनेशपाल जमानत पर जेल से बाहर है, जबकि विनोद और मोहित अभी जेल में है। इसी मुकदमेबाजी की रंजिश में शनिवार को सियानंद की तीसरी हत्या हुई है।
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मृत किसान का भाई खुफिया विभाग में इंस्पेक्टर
शामली। ग्रामीणों के मुताबिक मृतक सियानंद तीन भाई थे। बड़े भाई रविंद्र की हत्या दो साल पहले हो चुकी है। उनके एक लड़का व लड़की बीकॉम में पढ़ते हैं। सियानंद के दो लड़के हैं, जिनमें बड़ा मनीष 11वीं और छोटा काला 10वीं में पढ़ता है। सियानंद का छोटा भाई जयपाल सिंह बदायूं में खुफिया विभाग में इंस्पेक्टर है। उनका बड़ा बेटा राहुल सीआईएसएफ में कमांडर के पद पर है, जबकि छोटा पुत्र अंकित यूपी पुलिस में सिपाही है जो वर्तमान में सीतापुर में तैनात है।
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गोलियों की आवाज सुनकर खेत में दुबके किसान
शामली। मेरठ-करनाल हाईवे पर सरेशाम हुई किसान सियानंद की हत्या के दौरान गोलियों की तड़तड़ाहट से आसपास का इलाका दहल गया। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो बाइक पर आए हमलावरों ने पहले किसान के साथ गालीगलौज की और उसकी घेराबंदी कर ली, जिससे उसे भागने तक का मौका भी नहीं मिला। इसके बाद गोलियों की तड़तड़ाहट शुरू हुई तो आसपास खेतों में काम करने वाले लोग दुबक गए और हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों के पहिये थम गए। हत्या की वारदात को लेकर लोग सहम गए। हमलावरों के जाने के बाद लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद वाहनों का आवागमन शुरू हुआ।
मौके से मिले दो तरह के खोखे
शामली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की तो कई खोखे बरामद हुए। पुलिस सूत्रों की माने मौके से पिस्टल और तमंचे के खोखे मिले है, जिससे यह माना जा रहा है कि किसान की हत्या में दो तरह के हथियारों का इस्तेमाल हुआ। हालांकि पुलिस अधिकारी इस बारे में अधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बता रहे है।