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करोड़ों की लागत से बने आवासों की बिगड़ी सूरत
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Thu, 12 Apr 2018 11:26 PM IST
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बनत में डूडा द्वारा बनाए गए आवास हुए खस्ताहाल।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली में दस साल पूर्व करोड़ों रुपये की लागत से नगरीय विकास अभिकरण योजना के तहत बनाए गए 428 आवासों की सूरत बिगड़ गई है। इन आवासों केदरवाजे और खिड़की टूटने लगे हैं। बनत नगर पंचायत के सदस्यों की शिकायत पर राजकीय निर्माण निगम मेेरठ की टीम ने आवासों की कमियों को दूर करने का काम अभी तक शुरू नहीं किया है। ऐसे में जरूरतमंदों को आवंटित आवास खंडहर में कभी भी तब्दील हो सकते हैं।
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वर्ष 2007-08 में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) ने 40 बीघा भूमि में बनत नगर पंचायत की भूमि में जरूरतमंदों केरहने के लिए 476 आवासीय योजना स्वीकृत की थी। आवासीय योजना के लिए 12 करोड़ रुपये की धनराशि की परियोजना को मंजूरी मिल गई थी। इसके तहत 11 करोड़ रुपये की धनराशि निर्माण एजेंसी राजकीय निर्माण निगम मेरठ को जारी की गई। 476 आवासों में राजकीय निर्माण निगम ने 428 आवासों का निर्माण कराया गया। अभी भी 48 आवास अधूरे छोड़ दिए गए हैं। डूडा द्वारा बिना सुविधा दिए पात्रों को 360 आवासों का अलग-अलग धनराशि लेकर आवंटित कर दिए गए हैं। चहारदीवारी रहित आवासों की धीरे-धीरे हालत खस्ता होने लगी है। इस साल 11 जनवरी 2018 को बनत नगर पंचायत के सदस्य कंवरपाल, साबरा बेगम,बबलू, गीता,योगेंद्र शर्मा, भूपेँद्र सिंह आदि ने जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को शिकायत भेजकर अवगत कराया था। सालों पूर्व नगर पंचायत बनत में योजना के तहत 476 आवास बनाए गए हैं। आवासों की पुताई कराई गई है। आवासों में बिजली, पानी, स्ट्रीट लाइट,रास्ते और सड़क की सुविधा भी नही हैं।
नगर पंचायत सदस्यों की शिकायत पर डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने 428 आवासों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने इस मामले में बनत के अधिशासी अधिकारी से रिपोर्ट तलब की। तत्कालीन तहसीलदार सदर राकेश त्यागी ने आठ फरवरी को जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा के कार्यालय को जांच समिति गठित करके स्थलीय सत्यापन, पात्रता की जांच के आदेश दिए थे। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम यूनिट मेरठ के सहायक अभियंता से आवासों की रिपोर्ट तलब की गई। 17 मार्च को उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम यूनिट मेरठ के सहायक अभियंता ने बनत नगर पंचायत के आधीन आवासीय योजना का स्थलीय निरीक्षण करके बनत नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी रवि यादव व चेयरमैन राजीव कुमार को रिपोर्ट भेजकर योजना के तहत बनाए गए आवासों रो दूर कराने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
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48 आवास अधूरे छोड़ दिए
बनत नगर पंचायत के सचिव रवि यादव ने बताया कि जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा द्वारा स्वीकृत 476 आवासीय योजना में 428 आवासों का बनत में राजकीय निर्माण निगम मेरठ द्वारा निर्माण कराया गया है। 48 आवासों को छोड़ दिया गया है। इन आवासों में शौचालयों, पानी, सड़क बिजली की सुविधा नहीं दी गई है। 428 आवासों में से 360 जरूरतमंदों को बिना सुविधा दिए आवंटित कर दिया गए। शौचालय के लिए बनाए टैंक के लिए पानी निकालने के बाद सुविधा नही दी गई है। शौचालयों का पानी निकालने के लिए नगर पंचायत को बरसात के दिनो में व्यवस्था करनी पड़ती है।
14, 700 रुपये लेकर सुविधा नहीं दी
गरीबों के आवास में रह रहे समर सिंह ने बताया कि सामान्य श्रेणी में दो कमरो का सेट के 15,720 रुपये लेेकर आवास आवंटित किए गए हैं। बिना बिजली, पानी के वह रह रहे हैं। बनत गांव के सोनू ने बताया कि उनका आवास 14,700 रुपये लेकर आवंटित किया गया है। आवास में रहकर किराना की दुकान चलाने वाले सोनू ने कहा कि ज्यादातर आवासों के कमरों में किवाड़, खिड़की, शौचालयों का दरवाजा नही लगाया गया है। उनका कहना है कि छह से लेकर 12 आवासों का एक ब्लाक बनाया गया है।
निर्माण एजेंसी की जांच की जा रही है : सिंह
शामली। जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा के परियोजना अधिकारी आरपी सिह ने बताया कि परियोजना को पूरा करने के लिए राजकीय निर्माण निगम मेरठ को धनराशि आवंटित की जा चुकी है। निर्माण एजेंसी द्वारा अधूरे आवासों की परियोजना का निर्माण नहीं कर रहा है। निर्माण एजेंसी की जांच के बाद कार्रवाई की रिपोर्ट डीएम को माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।
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