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शामली: घबराएं न किसान, जिले में टिड्डी दल का प्रकोप नहीं, बचाव को ये बरतें सावधानियां
Tue, 02 Jun 2020 11:43 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2020 11:43 PM IST
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टिड्डी दल (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
किसानों में टिड्डी दल को लेकर दहशत है। आम टिड्डी को खेत में देखकर टिड्डी दल के आने का शोर मचा रहे हैं। कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि वह घबराएं नहीं। खेतों में नजर आने वाला टिड्डी दल नहीं है। वह साधारण टिड्डी है, जो गन्ने की पत्ती को कुतर कर खाती है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि जनपद में अभी तक टिड्डी दल का प्रकोप नहीं है। कुछ किसानों के गन्ने के खेतों में जो टिड्डी दिखाई दे रही है वह आम टिड्डी है, जो गन्ने की पत्ती को कुतर कर खाती हैं, लेकिन किसान इसी को टिड्डी दल मान रहे हैं।
यह टिड्डी के दल नहीं है और ना ही अभी टिड्डी दल का आसपास में अभी आने की कोई उम्मीद है। उन्होंने किसानों से कहा कि टिड्डी दल काफी बड़े झुंड में आता है।
किसानों से अपील की है कि यदि टिड्डी दल का कहीं प्रकोप होता है तो ग्राम प्रधान, लेखपाल को तुरंत सूचना दें। कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक, ग्राम पंचायत अधिकारी ,प्राइमरी विद्यालय के अध्यापकों के माध्यम से भी जिला प्रशासन को तत्काल सूचना दी जा सकती है।
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टिड्डी दल से बचाव को ये बरतें सावधानियां
1. सामान्यतया टिड्डी दल दिन में फसल खाता है और रात्रि में अंडे देता है।
2. अगर किसी क्षेत्र में टिड्डी दल रात्रि में रुक जाता है तो सुबह उस क्षेत्र की जुताई कर दें।
3. टिड्डी दल का प्रकोप होने पर इकट्ठा होकर टिन के डिब्बे, थालियों, ढोल आदि को बजाकर शोर मचाएं।
4. शाम के समय खेतों के चारों तरफ ध्वनि उत्पन्न कर बैठने नहीं दिया जाए
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि जनपद में अभी तक टिड्डी दल का प्रकोप नहीं है। कुछ किसानों के गन्ने के खेतों में जो टिड्डी दिखाई दे रही है वह आम टिड्डी है, जो गन्ने की पत्ती को कुतर कर खाती हैं, लेकिन किसान इसी को टिड्डी दल मान रहे हैं।
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यह टिड्डी के दल नहीं है और ना ही अभी टिड्डी दल का आसपास में अभी आने की कोई उम्मीद है। उन्होंने किसानों से कहा कि टिड्डी दल काफी बड़े झुंड में आता है।
किसानों से अपील की है कि यदि टिड्डी दल का कहीं प्रकोप होता है तो ग्राम प्रधान, लेखपाल को तुरंत सूचना दें। कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक, ग्राम पंचायत अधिकारी ,प्राइमरी विद्यालय के अध्यापकों के माध्यम से भी जिला प्रशासन को तत्काल सूचना दी जा सकती है।
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टिड्डी दल से बचाव को ये बरतें सावधानियां
1. सामान्यतया टिड्डी दल दिन में फसल खाता है और रात्रि में अंडे देता है।
2. अगर किसी क्षेत्र में टिड्डी दल रात्रि में रुक जाता है तो सुबह उस क्षेत्र की जुताई कर दें।
3. टिड्डी दल का प्रकोप होने पर इकट्ठा होकर टिन के डिब्बे, थालियों, ढोल आदि को बजाकर शोर मचाएं।
4. शाम के समय खेतों के चारों तरफ ध्वनि उत्पन्न कर बैठने नहीं दिया जाए