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विदेश में रहकर भी ना भूले अपनी संस्कृति: डॉ रमा शर्मा
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विदेशों में रहकर भी ना भूलें अपनी संस्कृति
थानाभवन। राजस्थान के हनुमानगढ़ स्थित श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के तत्वावधान में शिक्षा एवं मानवीय मूल्यों पर एक दिवसीय ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन हुआ। कार्यशाला में देश-विदेश के वक्ताओं के साथ हिंदी कल्चरल सेंटर जापान की मानद सदस्य डॉ. मोनिका शर्मा ने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
डा. मोनिका शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का विषय वर्तमान समय में शिक्षा व मानवीय मूल्यों की उपयोगिता रहा। इस कार्यक्रम में अध्यक्ष दिनेश जुनेजा कुलाधिपति खुशाल दास विश्वविद्यालय रहे। मुख्य अतिथि हिंदी कल्चरल सेंटर की अध्यक्ष डॉ. रमा शर्मा ने कहा कि हम जैसे कई लोग विदेश में रह रहे हैं, लेकिन हमारी जिम्मेदारी है कि वहां रहकर भी हम अपने मानवीय मूल्यों को बचाए रखें। उदाहरण के तौर पर उन्होंने जापान में अपने घर के आंगन में भगवान शिव का मंदिर स्थापित किया हुआ है। अब उनके बच्चे शिव मंदिर को देखकर उसके बारे में पूछते हैं तो हम उन्हें अपनी संस्कृति के बारे में जानकारी देते हैं, ताकि हमारी संस्कृति व सभ्यता जीवित रहे। यह प्रयास सभी को करना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ. अमरदीप कौर ने कहा कि शिक्षा जीवन का अहम पहलू है। शिक्षा के साथ ही हम अपने मानवीय मूल्यों को जीवंत रख सकते हैं। इसके लिए सभी को प्रयास करने होंगे।
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थानाभवन। राजस्थान के हनुमानगढ़ स्थित श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के तत्वावधान में शिक्षा एवं मानवीय मूल्यों पर एक दिवसीय ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन हुआ। कार्यशाला में देश-विदेश के वक्ताओं के साथ हिंदी कल्चरल सेंटर जापान की मानद सदस्य डॉ. मोनिका शर्मा ने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
डा. मोनिका शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का विषय वर्तमान समय में शिक्षा व मानवीय मूल्यों की उपयोगिता रहा। इस कार्यक्रम में अध्यक्ष दिनेश जुनेजा कुलाधिपति खुशाल दास विश्वविद्यालय रहे। मुख्य अतिथि हिंदी कल्चरल सेंटर की अध्यक्ष डॉ. रमा शर्मा ने कहा कि हम जैसे कई लोग विदेश में रह रहे हैं, लेकिन हमारी जिम्मेदारी है कि वहां रहकर भी हम अपने मानवीय मूल्यों को बचाए रखें। उदाहरण के तौर पर उन्होंने जापान में अपने घर के आंगन में भगवान शिव का मंदिर स्थापित किया हुआ है। अब उनके बच्चे शिव मंदिर को देखकर उसके बारे में पूछते हैं तो हम उन्हें अपनी संस्कृति के बारे में जानकारी देते हैं, ताकि हमारी संस्कृति व सभ्यता जीवित रहे। यह प्रयास सभी को करना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ. अमरदीप कौर ने कहा कि शिक्षा जीवन का अहम पहलू है। शिक्षा के साथ ही हम अपने मानवीय मूल्यों को जीवंत रख सकते हैं। इसके लिए सभी को प्रयास करने होंगे।
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