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Shamli News: विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में जिला पंचायत कर रहा नक्शे पास
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-ध्वस्तीकरण के आदेश के बावजूद भी किए जा रहे नक्शे स्वीकृत
- जिलाधिकारी ने मामले में बैठाई जांच, शहर के बाहरी क्षेत्रों में विकसित हो रही कई कॉलोनी
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
शामली। जिला पंचायत मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र के अवैध कॉलोनियों को स्वीकृत करके नक्शे पास कर रहे है। प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण के आदेश के बावजूद गोहरनी गांव के पास 67470.00 वर्ग मीटर भूमि में जिला पंचायत की ओर से नक्शा पास कर दिया। जिसकी शिकायत पर जिला प्रशासन ने जांच बैठा दी है। जांच समिति ने जिला पंचायत की पत्रावली तलब की है। शामली नगर पालिका परिषद की सीमा के बाहर एक किमी के दायरे में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की सीमा है। इसके बाद जिला पंचायत की सीमा शुरू होती है। जिले के चारों ओर हाईवे, बाईपास और एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन हैं। जिसके आसपास कई आवासीय कॉलोनी विकसित की जा रही हैं।
गोहरनी गांव के जंगल में दक्षिण-पश्चिम दिशा में 67470.00 वर्ग मीटर भूमि में कॉलोनी का मानचित्र स्वीकृत होने का मामला जिला प्रशासन के पास आया है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के अफसरों ने प्राधिकरण से बगैर तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए आवासीय निर्माण किए जाने की शिकायत की है। जबकि इस कॉलोनी के ध्वस्तीकरण का आदेश प्राधिकरण की ओर से पूर्व में जारी हो चुका है।
अनापत्ति प्रमाण पत्र न देने पर भी कर दिया स्वीकृत
जिला पंचायत ने इस भूमि का नक्शा स्वीकृत करने के लिए प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी मांगा था। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने पत्र भेजकर अवगत कराया था था कि यह क्षेत्र प्राधिकरण सीमा के अंतर्गत होने के कारण अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया जाना संभव नहीं है। इसके बाद भी जिला पंचायत की ओर से जिला पंचायत ने मानचित्र स्वीकृत कर दिया। इस भूमि और जिला पंचायत से स्वीकृत अन्य मानचित्रों की जांच करने के लिए डीएम जसजीत कौर ने 16 दिसंबर 2022 को जांच समिति गठित की गई। 16 और 27 दिसंबर को जांच समिति ने जिला पंचायत से भूमि की पत्रावली तीन दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन डीएम जसजीत कौर के आदेश के बाद भी पत्रावली जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की ओर से उपलब्ध नहीं कराई गई।
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भूमि मालिक की ओर से उच्च न्यायालय में चल रहा है वाद
गोहरनी गांव की भूमि का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उच्च न्यायालय के 17 नवंबर 2022 के आदेश में याचिकाकर्ता के आवेदन को आठ सप्ताह में निस्तारित करने के निर्देश दिए है। जिला पंचायत की ओर से संबंधित भूमि की पत्रावली जांच समिति को उपलब्ध नहीं कराई गई है।
तीन बिंदुओं की आख्या के बाद जारी होती है अनुमति
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नदीम अख्तर ने कहना है कि माता की मौत के बाद वह अवकाश पर हैं।अवकाश के बाद जिला पंचायत की पत्रावलियों के जांच समिति को अवगत कराएंगे। उनका कहना है कि जिला पंचायत तीन बिंदुओं पर आख्या के आधार भवन पास करने की स्वीकृति जारी करता है। इस मामले में दमकल विभाग और तहसील की रिपोर्ट के आधार पर नक्शे पास करते हैं।
कोट-:
जिला पंचायत किन मानकों पर नक्शे पास कर रहा है, इस पर एडीएम और विकास प्राधिकरण के सचिव को जांच सौंपी थी। जिला पंचायत की ओर से पत्रावली अभी प्राप्त नहीं हुई है।- जसजीत कौर, डीएम।
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- जिलाधिकारी ने मामले में बैठाई जांच, शहर के बाहरी क्षेत्रों में विकसित हो रही कई कॉलोनी
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
शामली। जिला पंचायत मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र के अवैध कॉलोनियों को स्वीकृत करके नक्शे पास कर रहे है। प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण के आदेश के बावजूद गोहरनी गांव के पास 67470.00 वर्ग मीटर भूमि में जिला पंचायत की ओर से नक्शा पास कर दिया। जिसकी शिकायत पर जिला प्रशासन ने जांच बैठा दी है। जांच समिति ने जिला पंचायत की पत्रावली तलब की है। शामली नगर पालिका परिषद की सीमा के बाहर एक किमी के दायरे में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की सीमा है। इसके बाद जिला पंचायत की सीमा शुरू होती है। जिले के चारों ओर हाईवे, बाईपास और एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन हैं। जिसके आसपास कई आवासीय कॉलोनी विकसित की जा रही हैं।
गोहरनी गांव के जंगल में दक्षिण-पश्चिम दिशा में 67470.00 वर्ग मीटर भूमि में कॉलोनी का मानचित्र स्वीकृत होने का मामला जिला प्रशासन के पास आया है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के अफसरों ने प्राधिकरण से बगैर तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए आवासीय निर्माण किए जाने की शिकायत की है। जबकि इस कॉलोनी के ध्वस्तीकरण का आदेश प्राधिकरण की ओर से पूर्व में जारी हो चुका है।
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अनापत्ति प्रमाण पत्र न देने पर भी कर दिया स्वीकृत
जिला पंचायत ने इस भूमि का नक्शा स्वीकृत करने के लिए प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी मांगा था। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने पत्र भेजकर अवगत कराया था था कि यह क्षेत्र प्राधिकरण सीमा के अंतर्गत होने के कारण अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया जाना संभव नहीं है। इसके बाद भी जिला पंचायत की ओर से जिला पंचायत ने मानचित्र स्वीकृत कर दिया। इस भूमि और जिला पंचायत से स्वीकृत अन्य मानचित्रों की जांच करने के लिए डीएम जसजीत कौर ने 16 दिसंबर 2022 को जांच समिति गठित की गई। 16 और 27 दिसंबर को जांच समिति ने जिला पंचायत से भूमि की पत्रावली तीन दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन डीएम जसजीत कौर के आदेश के बाद भी पत्रावली जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की ओर से उपलब्ध नहीं कराई गई।
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भूमि मालिक की ओर से उच्च न्यायालय में चल रहा है वाद
गोहरनी गांव की भूमि का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उच्च न्यायालय के 17 नवंबर 2022 के आदेश में याचिकाकर्ता के आवेदन को आठ सप्ताह में निस्तारित करने के निर्देश दिए है। जिला पंचायत की ओर से संबंधित भूमि की पत्रावली जांच समिति को उपलब्ध नहीं कराई गई है।
तीन बिंदुओं की आख्या के बाद जारी होती है अनुमति
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नदीम अख्तर ने कहना है कि माता की मौत के बाद वह अवकाश पर हैं।अवकाश के बाद जिला पंचायत की पत्रावलियों के जांच समिति को अवगत कराएंगे। उनका कहना है कि जिला पंचायत तीन बिंदुओं पर आख्या के आधार भवन पास करने की स्वीकृति जारी करता है। इस मामले में दमकल विभाग और तहसील की रिपोर्ट के आधार पर नक्शे पास करते हैं।
कोट-:
जिला पंचायत किन मानकों पर नक्शे पास कर रहा है, इस पर एडीएम और विकास प्राधिकरण के सचिव को जांच सौंपी थी। जिला पंचायत की ओर से पत्रावली अभी प्राप्त नहीं हुई है।- जसजीत कौर, डीएम।