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Shamli News: जिले को मिले 77 शिक्षक, नौ का हुआ स्थानांतरण
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- जिले में 30 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने किया था अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन
- बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक-शिक्षिकाओं की शासन से जारी हुई अंतर जनपदीय स्थानांतरण सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शासन से जारी हुई अंतर जनपदीय स्थानांतरण सूची में जिले को गैर जनपदों से 77 शिक्षक-शिक्षिका मिले हैंं जबकि शामली में तैनात तीन शिक्षक व छह शिक्षिकाओं का गैर जनपद स्थानांतरण हुआ है। जिले से 30 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था, जिनमें से 28 आवेदन पत्रों का सत्यापन कर शासन को भेजा गया था।
शैक्षिक सत्र 2023-24 में बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक- शिक्षिकाओं के अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए पोर्टल पर नौ जून से से 14 जून तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे और उनकी पत्रावली बीएसए कार्यालय में जमा कराई गई थी। 17 जून तक संशोधन किया गया। स्थानांतरण के लिए कुल 30 शिक्षकों ने आवेदन किए थे। बीएसए कार्यालय से आवेदन पत्रों के दस्तावेजों का सत्यापन कर 28 आवेदन पत्रों को शासन को भेजा गया था।
मंगलवार को बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव की तरफ से स्थानांतरण की सूची जारी की गई है। जिसमें जनपद शामली से नौ शिक्षक-शिक्षिकाओं को विभिन्न जनपदों में स्थानांतरण हुआ है, जिनमें छह शिक्षिकाएं हैं। इसके साथ ही गैर जनपदों से स्थानांतरण होकर जनपद शामली में आने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं की संख्या 77 है। उन्होंने बताया कि पारस्परिक अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया अभी चल रही है।
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चार शिक्षकों को मिला असाध्य रोग के प्रमाण पत्र का लाभ
बीएसए कोेमल ने बताया कि स्थानांतरण के लिए जिले से किए गए आवेदन पत्रों में नौ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भारांक (वेटेज) का लाभ लेने के लिए असाध्य रोगों के प्रमाण पत्र लगाए थे। इनके सत्यापन के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था। असाध्य रोगों के प्रमाणपत्रों में सिर्फ पांच शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रमाण असाध्य रोग की श्रेणी में पाए गए। अन्य चार शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रमाण पत्र असाध्य रोगों की श्रेणी में न मिलने पर उनका भारांक हटाते हुए उनके आवेदन पत्रों को अग्रसारित किया गया था।
आवेदन करने वाले सभी शिक्षकों का होना चाहिए था स्थानांतरण
उत्तर प्रदेशीय शिक्षक प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लाक शामली के अध्यक्ष सुनील चौधरी का कहना है कि जिन शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया गया था। इनमें जिन आवेदनों के सत्यापन की कार्रवाई पूरी हो चुकी थी, उन सभी के स्थानांतरण होने चाहिए थे, क्योंकि आवेदन करने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को अपने स्थानांतरण की उम्मीद थी।
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- बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक-शिक्षिकाओं की शासन से जारी हुई अंतर जनपदीय स्थानांतरण सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शासन से जारी हुई अंतर जनपदीय स्थानांतरण सूची में जिले को गैर जनपदों से 77 शिक्षक-शिक्षिका मिले हैंं जबकि शामली में तैनात तीन शिक्षक व छह शिक्षिकाओं का गैर जनपद स्थानांतरण हुआ है। जिले से 30 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था, जिनमें से 28 आवेदन पत्रों का सत्यापन कर शासन को भेजा गया था।
शैक्षिक सत्र 2023-24 में बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक- शिक्षिकाओं के अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए पोर्टल पर नौ जून से से 14 जून तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे और उनकी पत्रावली बीएसए कार्यालय में जमा कराई गई थी। 17 जून तक संशोधन किया गया। स्थानांतरण के लिए कुल 30 शिक्षकों ने आवेदन किए थे। बीएसए कार्यालय से आवेदन पत्रों के दस्तावेजों का सत्यापन कर 28 आवेदन पत्रों को शासन को भेजा गया था।
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मंगलवार को बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव की तरफ से स्थानांतरण की सूची जारी की गई है। जिसमें जनपद शामली से नौ शिक्षक-शिक्षिकाओं को विभिन्न जनपदों में स्थानांतरण हुआ है, जिनमें छह शिक्षिकाएं हैं। इसके साथ ही गैर जनपदों से स्थानांतरण होकर जनपद शामली में आने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं की संख्या 77 है। उन्होंने बताया कि पारस्परिक अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया अभी चल रही है।
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चार शिक्षकों को मिला असाध्य रोग के प्रमाण पत्र का लाभ
बीएसए कोेमल ने बताया कि स्थानांतरण के लिए जिले से किए गए आवेदन पत्रों में नौ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भारांक (वेटेज) का लाभ लेने के लिए असाध्य रोगों के प्रमाण पत्र लगाए थे। इनके सत्यापन के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था। असाध्य रोगों के प्रमाणपत्रों में सिर्फ पांच शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रमाण असाध्य रोग की श्रेणी में पाए गए। अन्य चार शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रमाण पत्र असाध्य रोगों की श्रेणी में न मिलने पर उनका भारांक हटाते हुए उनके आवेदन पत्रों को अग्रसारित किया गया था।
आवेदन करने वाले सभी शिक्षकों का होना चाहिए था स्थानांतरण
उत्तर प्रदेशीय शिक्षक प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लाक शामली के अध्यक्ष सुनील चौधरी का कहना है कि जिन शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया गया था। इनमें जिन आवेदनों के सत्यापन की कार्रवाई पूरी हो चुकी थी, उन सभी के स्थानांतरण होने चाहिए थे, क्योंकि आवेदन करने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को अपने स्थानांतरण की उम्मीद थी।