{"_id":"687fecc69f01a500e7094bbf","slug":"dispute-with-kanwariyas-of-haryana-over-loud-dj-sound-shamli-news-c-26-1-sal1002-146219-2025-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: यमुना का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: यमुना का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
विज्ञापन
बिडौली। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी के तेज बहाव से चौसाना और बिड़ौली के निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई है। नदी की तेजधार के चलते कई जगह खेतों में कटान शुरू हो गई है, जिससे उपजाऊ जमीन भी बह गई है।
ग्राम मंगलोरा, बिडौली सादात, शीतल गढ़ी और कबीरपुर के खेतों में कटान की स्थिति बनी हुई है। बिडौली के किसान रामपाल, सोरन, अली अब्बास, वसी हैदर और फरमान ने बताया कि उनकी ईंख और ज्वार की फसल जलमग्न हुई है। उनके अलावा कई अन्य किसानों की फसलें भी जलमग्न है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी की गति और कटाव देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि हथिनी कुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। किसानों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की भी मांग की है। उनका कहना है कि अगर स्थिति पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो नुकसान और बढ़ सकता है।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता विकास चौधरी ने बताया कि हथिनी कुंड से पानी का डिस्चार्ज अधिक नहीं है, लेकिन लगातार बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि हुई है। विभाग द्वारा स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
विज्ञापन
ग्राम मंगलोरा, बिडौली सादात, शीतल गढ़ी और कबीरपुर के खेतों में कटान की स्थिति बनी हुई है। बिडौली के किसान रामपाल, सोरन, अली अब्बास, वसी हैदर और फरमान ने बताया कि उनकी ईंख और ज्वार की फसल जलमग्न हुई है। उनके अलावा कई अन्य किसानों की फसलें भी जलमग्न है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि नदी की गति और कटाव देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि हथिनी कुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। किसानों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की भी मांग की है। उनका कहना है कि अगर स्थिति पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो नुकसान और बढ़ सकता है।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता विकास चौधरी ने बताया कि हथिनी कुंड से पानी का डिस्चार्ज अधिक नहीं है, लेकिन लगातार बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि हुई है। विभाग द्वारा स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।