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डायलिसिस यूनिट को जल्द मिलेंगी चार मशीनें
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डायलिसिस यूनिट को जल्द मिलेंगी चार मशीनें
शामली। जिला संयुक्त चिकित्सालय की डायलिसिस यूनिट में चार और मशीनें जल्द लगाए जाने की उम्मीद है। डायलिसिस यूनिट में फिलहाल चार मशीनें लगाई गई हैं। डायलिसिस के मरीजों की संख्या बढ़ने पर मशीनों की जरूरत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी को डिमांड भेजी है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में पिछले साल 15 नवंबर को पीपीपी के तहत एसकेज संजीवनी एजेंसी ने डायलिसिस यूनिट चालू की थी। शुरूआत में दो मशीनों पर मरीजों की निशुल्क डायलिसिस शुरू की गई थी। शुरूआत में मरीजों की संख्या कम रही थी, लेकिन बाद में मरीजों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई थी। इसके बाद एक और मशीन यूनिट में लगाई गई, जिस पर हेपेटाइटिस बी व सी पॉजिटिव मरीजों की डायलिसिस शुरू की गई थी। पिछले महीने एक और मशीन लगाई गई। इस तरह से यूनिट में फिलहाल चार मशीनों पर मरीजों की निशुल्क डायलिसिस की जा रही है। एक मशीन पर एक दिन में तीन मरीजों की ही डायलिसिस होती है।
एक डायलिसिस में तीन से चार घंटे लगते हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने पर कई बार डायलिसिस के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मुजफ्फरनगर व आसपास के जिलों से भी कई मरीज डायलिसिस कराने के लिए आ चुके हैं। मरीजों की संख्या को देखते हुए डायलिसिस मशीनों की जरूरत पड़ रही है। यूनिट संचालित करने वाली एजेंसी को चार मशीनों की डिमांड भेजी गई है। जल्द ही मशीनों के पहुंचने की उम्मीद है। डायलिसिस यूनिट में दस मशीनों तक लगाया जाना प्रस्तावित है।
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ये है डायलिसिस की स्थिति
नवंबर - 32
दिसंबर -179
जनवरी - 229
फरवरी (अब तक) - 57
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शामली। जिला संयुक्त चिकित्सालय की डायलिसिस यूनिट में चार और मशीनें जल्द लगाए जाने की उम्मीद है। डायलिसिस यूनिट में फिलहाल चार मशीनें लगाई गई हैं। डायलिसिस के मरीजों की संख्या बढ़ने पर मशीनों की जरूरत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी को डिमांड भेजी है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में पिछले साल 15 नवंबर को पीपीपी के तहत एसकेज संजीवनी एजेंसी ने डायलिसिस यूनिट चालू की थी। शुरूआत में दो मशीनों पर मरीजों की निशुल्क डायलिसिस शुरू की गई थी। शुरूआत में मरीजों की संख्या कम रही थी, लेकिन बाद में मरीजों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई थी। इसके बाद एक और मशीन यूनिट में लगाई गई, जिस पर हेपेटाइटिस बी व सी पॉजिटिव मरीजों की डायलिसिस शुरू की गई थी। पिछले महीने एक और मशीन लगाई गई। इस तरह से यूनिट में फिलहाल चार मशीनों पर मरीजों की निशुल्क डायलिसिस की जा रही है। एक मशीन पर एक दिन में तीन मरीजों की ही डायलिसिस होती है।
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एक डायलिसिस में तीन से चार घंटे लगते हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने पर कई बार डायलिसिस के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मुजफ्फरनगर व आसपास के जिलों से भी कई मरीज डायलिसिस कराने के लिए आ चुके हैं। मरीजों की संख्या को देखते हुए डायलिसिस मशीनों की जरूरत पड़ रही है। यूनिट संचालित करने वाली एजेंसी को चार मशीनों की डिमांड भेजी गई है। जल्द ही मशीनों के पहुंचने की उम्मीद है। डायलिसिस यूनिट में दस मशीनों तक लगाया जाना प्रस्तावित है।
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ये है डायलिसिस की स्थिति
नवंबर - 32
दिसंबर -179
जनवरी - 229
फरवरी (अब तक) - 57