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देवस्थली पुस्तकालय का शुभारंभ
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संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़ीपुखता। गांव हथछोया स्थित देवस्थली विद्यापीठ में सोमवार को लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया। प्रेमकुल मिशन ट्रस्ट अध्यक्ष प्रेम सिंह ने देवस्थली विद्यापीठ के लाइब्रेरियन नरेंद्र कुमार को लाइब्रेरी की चाबी सौंपी।
देवस्थली विद्यपीठ लाइब्रेरी में इतिहास, भूगोल, राजनीतिक विज्ञान, अर्थशास्त्र, गृहविज्ञान, सामाजिक विज्ञान, शिक्षाशास्त्र समेत आईएएस/पीसीएस/ एसएससी/नेट/टेट/ पुलिस भर्ती आदि सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्चस्तरीय पुस्तकें उपलब्ध हैं। छात्राएं लाइब्रेरी के शुरू हो जाने से अत्यधिक उत्साहित हैं। छात्रा तनु ने बताया कि अब वह गांव में रहकर ही कॉलेज की लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेगी।
लाइब्रेरियन नरेंद्र कुमार ने बताया कि जो छात्र देवस्थली विद्यापीठ में अध्ययनरत नहीं करते है।, उन्हें भी न्यूनतम शुल्क पर लाइब्रेरी सुविधा देने पर विचार किया जा रहा है। जिससे देवस्थली द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर प्रतियोगी वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि इच्छुक लोग नई अथवा पुरानी पुस्तकें लाइब्रेरी को दान कर सकते हैं ताकि क्षेत्र के छात्रों को उनका लाभ मिल सके। देवस्थली लाइब्रेरी में लगभग दो हजार पुस्तकें हैं। जिनकी संख्या शीघ्र ही पांच हजार करने की योजना है। इस अवसर पर ज्योति, प्रियंका, श्वेता, प्रतिभा आदि उपस्थित रहे।
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गढ़ीपुखता। गांव हथछोया स्थित देवस्थली विद्यापीठ में सोमवार को लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया। प्रेमकुल मिशन ट्रस्ट अध्यक्ष प्रेम सिंह ने देवस्थली विद्यापीठ के लाइब्रेरियन नरेंद्र कुमार को लाइब्रेरी की चाबी सौंपी।
देवस्थली विद्यपीठ लाइब्रेरी में इतिहास, भूगोल, राजनीतिक विज्ञान, अर्थशास्त्र, गृहविज्ञान, सामाजिक विज्ञान, शिक्षाशास्त्र समेत आईएएस/पीसीएस/ एसएससी/नेट/टेट/ पुलिस भर्ती आदि सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्चस्तरीय पुस्तकें उपलब्ध हैं। छात्राएं लाइब्रेरी के शुरू हो जाने से अत्यधिक उत्साहित हैं। छात्रा तनु ने बताया कि अब वह गांव में रहकर ही कॉलेज की लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेगी।
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लाइब्रेरियन नरेंद्र कुमार ने बताया कि जो छात्र देवस्थली विद्यापीठ में अध्ययनरत नहीं करते है।, उन्हें भी न्यूनतम शुल्क पर लाइब्रेरी सुविधा देने पर विचार किया जा रहा है। जिससे देवस्थली द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर प्रतियोगी वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि इच्छुक लोग नई अथवा पुरानी पुस्तकें लाइब्रेरी को दान कर सकते हैं ताकि क्षेत्र के छात्रों को उनका लाभ मिल सके। देवस्थली लाइब्रेरी में लगभग दो हजार पुस्तकें हैं। जिनकी संख्या शीघ्र ही पांच हजार करने की योजना है। इस अवसर पर ज्योति, प्रियंका, श्वेता, प्रतिभा आदि उपस्थित रहे।
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