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Shamli News: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन

Fri, 13 Feb 2026 01:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Fri, 13 Feb 2026 01:16 AM IST
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Demonstration at the Collectorate against the India-US trade agreement
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता । संवाद
शामली/कैराना। अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में बृहस्पतिवार को किसानों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद किसानों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन डीएम अरविंद कुमार चौहान को सौंपा।
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किसानों ने कहा कि अमेरिका की खेती भारी सब्सिडी और बड़े कॉरपोरेट फार्म मॉडल पर आधारित है, जबकि भारत के किसान छोटे व सीमांत खेतों पर निर्भर हैं। ऐसे में यदि आयात शुल्क कम किया गया तो सस्ती अमेरिकी फसलें भारतीय बाजार में आ जाएंगी, जिससे देश के किसानों की आय पर सीधा असर पड़ेगा।
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किसानों ने आशंका जताई कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था कमजोर होगी और भारतीय मंडियों में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना मुश्किल हो जाएगा। किसानों ने कहा कि भारत का डेयरी मॉडल छोटे किसानों की सहकारी व्यवस्था पर टिका है। यदि अमेरिकी डेयरी उत्पादों का आयात बढ़ा तो दूध उत्पादन से जुड़े लाखों परिवार प्रभावित होंगे।
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किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह समझौता रद्द नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा वे सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि यह केवल व्यापार का मामला नहीं, बल्कि किसानों की आय, ग्रामीण रोजगार, खाद्य सुरक्षा और देश की आर्थिक स्वायत्तता से जुड़ा मुद्दा है। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष शांता प्रधान, चौधरी शोकिंद्र सिंह, अशजद जंग, कविता चौधरी, कमलेश पंवार, योगेंद्र पंवार, मौ. फैल, जाहिद, बिजेंद्र सिंह, इनाम, गय्यूर हसन, अमरपाल, उदयवीर सिंह, फैजान रहे।
कैराना में भारतीय किसान संगठन ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में तहसील पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। संगठन का कहना है कि इस फैसले से भारतीय कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष चौधरी प्रदीप सिंह, प्रदेश महासचिव चौ. मदनपाल प्रधान, जिलाध्यक्ष डॉ. सत्यपाल सिंह कश्यप मौजूद रहे।


मजदूर संघर्ष संगठन ने भी सौंपा ज्ञापन
शामली। मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान के आह्वान पर मजदूर संघर्ष संगठन और किसान एकता केंद्र ने भी जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मांग की कि केंद्र सरकार द्वारा 21 नवंबर 2025 को लागू की गई चार श्रम संहिताएं वापस ली जाएं। मनरेगा को कमजोर करने और वी बी राम जी कानून में किए गए बदलावों को निरस्त किया जाए। बिजली बिल 2025 वापस लेने और भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता रद्द करने की मांग भी प्रमुख रही। दीपक, अरुण, राजा, रूपक, शिवम, अमित, जुगनू, चंद्रहास, महका, तुमरेज, सौरव, गौरव, आदित्य मौजूद रहे।
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