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गहरे गड्ढे और टायरों के निशान बने गवाह
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
Updated Sat, 04 Mar 2017 12:02 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। हाईकोर्ट के आदेश पर शामली में अवैध खनन की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम ने शुक्रवार को कैराना यमुना पुल से लेकर किनारे तक कई किमी का दौरा किया। इस दौरान टीम को खनन के सबूत मिले तो टीम ने उनकी वीडियोग्राफी भी कराई।
यमुना खादर में रेत खनन का काला कारोबार चलता रहा है। रेत माफिया रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों से रेत खनन कराते हैं और उसको अन्य शहरों में बेचते है। हालांकि बीच में हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच के चलते पिछले रेत माफिया भूमिगत हो गये थे, लेकिन टीम के जाने के बाद फिर खनन अपने उफान पर था।
इसी कड़ी में एक युवक की मौत भी यमुना खादर में हो गई थी। मीडिया की सुर्खियों में आने के कारण एक बार फिर सीबीआई टीम ने पिछले तीन दिनों से शामली में डेरा डाल रखा है, जिसके बाद से रेत माफिया भूमिगत हो गए है। एक तरफ जहां रेत माफिया हाईटेक मशीनेें से 24 घंटे रेत खनन करा रहे थे, वही आज केवल डंफर व ट्राली के टायरों के निशान ही मौजूद रहे गए हैं।
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शामली आए सीबीआई के एडिशनल एसपी एनके पाठक, डिप्टी एसपी केपी शर्मा व पीसी वेदपाल सिंह शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे कैराना क्षेत्र में यमुना पुल पर पहुंचे। यहां पर सीबीआई टीम ने यमुना पुल के दाहिनी ओर पुल से नीचे उतर कर खनन प्वाइंटों के निशानों की वीडियोग्राफी करायी। साथ ही सहपत, मामौर आदि रेत खनन प्वाइंटों की भी जांच की। टीम यमुना पुल तटबंध के रास्ते नगलाराई, खुरगान, रामड़ा, पठेड़, बसेड़ा, बल्हेड़ा आदि रेत खनन प्वाइंटों पर पहुंची तथा वहां लगे रेत के स्टॉक व गाड़ियों के टायरों के निशानों की भी जांच की।
जानकारी मिली है कि टीम ने प्रत्येक खनन प्वाइंटों के हल्का दरोगाओं और थाना इंचार्ज की भी जानकारी ली कि उक्त खनन प्वाइंट किसके थाना क्षेत्र में तथा किस दरोगा के आधीन आता है। इसके बाद टीम झिंझाना व उन क्षेत्र के रेत खनन के स्थानों की जांच करने के लिए चली गई।
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यमुना खादर में रेत खनन का काला कारोबार चलता रहा है। रेत माफिया रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों से रेत खनन कराते हैं और उसको अन्य शहरों में बेचते है। हालांकि बीच में हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच के चलते पिछले रेत माफिया भूमिगत हो गये थे, लेकिन टीम के जाने के बाद फिर खनन अपने उफान पर था।
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इसी कड़ी में एक युवक की मौत भी यमुना खादर में हो गई थी। मीडिया की सुर्खियों में आने के कारण एक बार फिर सीबीआई टीम ने पिछले तीन दिनों से शामली में डेरा डाल रखा है, जिसके बाद से रेत माफिया भूमिगत हो गए है। एक तरफ जहां रेत माफिया हाईटेक मशीनेें से 24 घंटे रेत खनन करा रहे थे, वही आज केवल डंफर व ट्राली के टायरों के निशान ही मौजूद रहे गए हैं।
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शामली आए सीबीआई के एडिशनल एसपी एनके पाठक, डिप्टी एसपी केपी शर्मा व पीसी वेदपाल सिंह शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे कैराना क्षेत्र में यमुना पुल पर पहुंचे। यहां पर सीबीआई टीम ने यमुना पुल के दाहिनी ओर पुल से नीचे उतर कर खनन प्वाइंटों के निशानों की वीडियोग्राफी करायी। साथ ही सहपत, मामौर आदि रेत खनन प्वाइंटों की भी जांच की। टीम यमुना पुल तटबंध के रास्ते नगलाराई, खुरगान, रामड़ा, पठेड़, बसेड़ा, बल्हेड़ा आदि रेत खनन प्वाइंटों पर पहुंची तथा वहां लगे रेत के स्टॉक व गाड़ियों के टायरों के निशानों की भी जांच की।
जानकारी मिली है कि टीम ने प्रत्येक खनन प्वाइंटों के हल्का दरोगाओं और थाना इंचार्ज की भी जानकारी ली कि उक्त खनन प्वाइंट किसके थाना क्षेत्र में तथा किस दरोगा के आधीन आता है। इसके बाद टीम झिंझाना व उन क्षेत्र के रेत खनन के स्थानों की जांच करने के लिए चली गई।