{"_id":"5ecff8198ebc3e902d0a9b3e","slug":"danger-rules-being-broken-in-a-hurry-shamli-news-mrt483800362","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरा : जल्दी के चक्कर में तोड़े जा रहे नियम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरा : जल्दी के चक्कर में तोड़े जा रहे नियम
विज्ञापन
शामली भिक्की मोड पर वाहनो से लगा जाम
- फोटो : SHAMLI
शामली। मुंह पर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग। ये दोनों ही कोरोना से जंग में बड़े हथियार हैं। बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना मुश्किल हो रहा है। वजह है समय की कमी। जरूरी सामान की दुकानें एक सप्ताह में केवल 15 घंटे दुकानें खुल रही हैं, जिस कारण सामान लेने के लिए दुकानों पर मारामारी मचती है। जल्दी सामान लेने के चक्कर में ना तो ग्राहक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करता है ना ही दुकानदार। जिस कारण यह समस्या पुलिस प्रशासन के लिए भी एक चुनौती बन गया है। अमर उजाला टीम ने पिछले दो दिनों में बाजार का दौरा कर इसकी वजह जानने की कोशिश की। पेश है रिपोर्ट...
इलेक्ट्रॉनिक्स शॉप पर सबसे ज्यादा भीड़
इन दिनों सबसे ज्यादा भीड़ इलेक्ट्रानिक शॉप पर है। कोई कूलर खरीद रहा है, तो पंखे। फ्रिज, एसी की मांग भी बढ़ गई है। इसके अलावा भी लोगों के घरों में पुराने पंखा, कूलर आदि भी खराब हो रहे हैं। उन्हें ठीक कराने के लिए भी लोग दुकानों पर पहुंच रहे हैं। एक दुकान पर आए ग्राहक संजय बंसल, सोनू कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रानिक शॉप सप्ताह में केवल तीन दिन खुलती हैं और केवल पांच घंटे। इसलिए भीड़ तो बढे़गी ही।
मोबाइल भी हो रहे खराब, ठीक कराना भी जरूरी
मोबाइल शॉप पर भी बुरा हाल है। लॉकडाउन में घरों में रहकर लोग सबसे ज्यादा मोबाइल में ही व्यस्त रहते हैं। इसलिए मोबाइल खराब भी ज्यादा हो रहे हैं। व्यापारी नीरज सिंघल के अनुसार इन दिनों मोबाइल हीटिंग और हैंग होने की शिकायतें बढ़ी हैं। कई दिक्कतें मोबाइल में आ रही हैं। जिसे ठीक कराने को लोग मोबाइल रिपेयरिंग शॉप पहुंच रहे हैं, लेकिन ये दुकानें भी सप्ताह में सिर्फ तीन दिन के लिए खुलती हैं।
विज्ञापन
...गर्मी के कपड़े भी तो चाहिए
लोग अक्सर गर्मी के सीजन के लिए अप्रैल में खरीदारी करते हैं, लेकिन इस बार 24 मार्च को लॉकडाउन के बाद से रेडीमेड शॉप और कपड़ों की दुकानें बंद थीं। दो महीने बाद 20 मई से दुकानें खुलनी शुरू हुईं। इसके बाद 22 और फिर 27 मई में खुली। ऐसे में सात दिन में केवल तीन दिन खुलने का मौका मिला। यही वजह है कि रेडीमेड शॉप पर भी जबर्दस्त भीड़ है।
ग्राहक की नाराजगी की वजह से दुकानदार भी चुप
किराना, दूध, सब्जी, स्टेशनरी आदि कई दुकानों के बाहर तो निर्धारित दूरी पर गोल बनाकर ग्राहक को खड़ा किया जा सकता है। मगर इलेक्ट्रानिक शॉप पर ग्राहक दुकान के अंदर आकर कूलर, फ्रिज आदि सामान पसंद करता है। इसी तरह रेडीमेड शॉप के अंदर भी महिलाएं कपड़े आदि देखती हैं इस वजह से यहां सामाजिक दूरी का पालन संभव नहीं हो पा रहा है। लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े होते हैं। दुकानदार ग्राहक की नाराजगी की वजह से चाहकर भी कुछ नहीं बोलते।
पुलिस भी कहां तक संभाले
बाजारों में पुलिस कर्मी घूमते रहते हैं, लेकिन उनके लिए भी सभी दुकानों के अंदर घुसकर चेक करना संभव नहीं होता। कहीं बाहर भीड़ नजर आती है तो वह टोक देते हैं । व्यवहारिक रुप से भी ये संभव नहीं है।
लोगों को खुद भी समझना होगा
पुलिस कर्मियों की बाजारों में ड्यूटी है और वह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। केस भी दर्ज हो रहे हैं, लेकिन लोगों को अपनी सेहत की परवाह खुद भी करनी होगी। उन्हें समझना होगा कि कोरोना से जंग में सामाजिक दूरी ही सबसे बड़ा हथियार है। बेहतर होगा कि वह एक अच्छे नागरिक होने के नाते सामाजिक दूरी का गंभीरता से पालन करें। - विनीत जायसवाल, एसपी शामली
विज्ञापन
इलेक्ट्रॉनिक्स शॉप पर सबसे ज्यादा भीड़
इन दिनों सबसे ज्यादा भीड़ इलेक्ट्रानिक शॉप पर है। कोई कूलर खरीद रहा है, तो पंखे। फ्रिज, एसी की मांग भी बढ़ गई है। इसके अलावा भी लोगों के घरों में पुराने पंखा, कूलर आदि भी खराब हो रहे हैं। उन्हें ठीक कराने के लिए भी लोग दुकानों पर पहुंच रहे हैं। एक दुकान पर आए ग्राहक संजय बंसल, सोनू कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रानिक शॉप सप्ताह में केवल तीन दिन खुलती हैं और केवल पांच घंटे। इसलिए भीड़ तो बढे़गी ही।
विज्ञापन
मोबाइल भी हो रहे खराब, ठीक कराना भी जरूरी
मोबाइल शॉप पर भी बुरा हाल है। लॉकडाउन में घरों में रहकर लोग सबसे ज्यादा मोबाइल में ही व्यस्त रहते हैं। इसलिए मोबाइल खराब भी ज्यादा हो रहे हैं। व्यापारी नीरज सिंघल के अनुसार इन दिनों मोबाइल हीटिंग और हैंग होने की शिकायतें बढ़ी हैं। कई दिक्कतें मोबाइल में आ रही हैं। जिसे ठीक कराने को लोग मोबाइल रिपेयरिंग शॉप पहुंच रहे हैं, लेकिन ये दुकानें भी सप्ताह में सिर्फ तीन दिन के लिए खुलती हैं।
विज्ञापन
...गर्मी के कपड़े भी तो चाहिए
लोग अक्सर गर्मी के सीजन के लिए अप्रैल में खरीदारी करते हैं, लेकिन इस बार 24 मार्च को लॉकडाउन के बाद से रेडीमेड शॉप और कपड़ों की दुकानें बंद थीं। दो महीने बाद 20 मई से दुकानें खुलनी शुरू हुईं। इसके बाद 22 और फिर 27 मई में खुली। ऐसे में सात दिन में केवल तीन दिन खुलने का मौका मिला। यही वजह है कि रेडीमेड शॉप पर भी जबर्दस्त भीड़ है।
ग्राहक की नाराजगी की वजह से दुकानदार भी चुप
किराना, दूध, सब्जी, स्टेशनरी आदि कई दुकानों के बाहर तो निर्धारित दूरी पर गोल बनाकर ग्राहक को खड़ा किया जा सकता है। मगर इलेक्ट्रानिक शॉप पर ग्राहक दुकान के अंदर आकर कूलर, फ्रिज आदि सामान पसंद करता है। इसी तरह रेडीमेड शॉप के अंदर भी महिलाएं कपड़े आदि देखती हैं इस वजह से यहां सामाजिक दूरी का पालन संभव नहीं हो पा रहा है। लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े होते हैं। दुकानदार ग्राहक की नाराजगी की वजह से चाहकर भी कुछ नहीं बोलते।
पुलिस भी कहां तक संभाले
बाजारों में पुलिस कर्मी घूमते रहते हैं, लेकिन उनके लिए भी सभी दुकानों के अंदर घुसकर चेक करना संभव नहीं होता। कहीं बाहर भीड़ नजर आती है तो वह टोक देते हैं । व्यवहारिक रुप से भी ये संभव नहीं है।
लोगों को खुद भी समझना होगा
पुलिस कर्मियों की बाजारों में ड्यूटी है और वह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। केस भी दर्ज हो रहे हैं, लेकिन लोगों को अपनी सेहत की परवाह खुद भी करनी होगी। उन्हें समझना होगा कि कोरोना से जंग में सामाजिक दूरी ही सबसे बड़ा हथियार है। बेहतर होगा कि वह एक अच्छे नागरिक होने के नाते सामाजिक दूरी का गंभीरता से पालन करें। - विनीत जायसवाल, एसपी शामली

शातली इलक्ट्रोनिक्स की दुकान पर खरिदारी करने के लिये लगी भीड- फोटो : SHAMLI

शामली गांधी चौक बाजार में सामान लेने के लिये जाते लोग- फोटो : SHAMLI

शामली कबाडी बाजार में सामान लेने के लिये वाहनो से गुजरते लोग- फोटो : SHAMLI

शामली में बाइक सवारो के चालान काटते पुलिसकर्मी- फोटो : SHAMLI

शामली सब्जीमंडी में सब्जी की खरिदारी करती महिला व युवक- फोटो : SHAMLI