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झिंझाना के कई गांवों में फसलों को नुकसान
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झिंझाना क्षेत्र गेंहू की फसल को देखते प्रभारी मंत्री अजित पाल शामली विधायक तेजेन्द्र निर्वाल
- फोटो : SHAMLI
झिंझाना के कई गांवों में फसलों को नुकसान
झिंझाना। लगातार हो रही बारिश एवं ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद होने पर किसान परेशान है। गेहूं की पकी फसल जलमग्न हो रही है।
कई दिनों से लगातार हो रही बारिश एवं ओलावृष्टि ने किसानों को चिंतित कर दिया है। शनिवार को भी बारिश एवं ओलावृष्टि ने किसानों की धड़कन बढ़ा दीं। मंसूरा गांव के किसान सरदार जगतार सिंह ने बताया बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए मुसीबत बनकर आई है। किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। जिसके बाद किसानों ने सरकार से राहत की गुहार लगाई है। किसान रेशम सिंह व सुजीत सिंह ने बताया किसान की मेहनत की कमाई पूंजी बारिश में धुल गई है। कर्ज लेकर जिस फसल को रात-दिन मेहनत करके तैयार किया वह बर्बाद हो चुकी है।
हालत यह है कि फसलें पक कर कटने के लिए तैयार हैं। लेकिन बारिश ने फसल को खराब कर दिया। खेतों में पानी भरा हुआ है। बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों की फसलों को खासा नुकसान हुआ है। जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई। किसानों का कहना है कि इस बार फसल से खासी उम्मीदें थीं, लेकिन मौसम ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों ने शासन से राहत की गुहार लगाई है। किसानों की पीड़ा जानने के लिए आए प्रभारी मंत्री अजीत पाल भी वेदखेड़ी से लौट गए हैं।
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झिंझाना। लगातार हो रही बारिश एवं ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद होने पर किसान परेशान है। गेहूं की पकी फसल जलमग्न हो रही है।
कई दिनों से लगातार हो रही बारिश एवं ओलावृष्टि ने किसानों को चिंतित कर दिया है। शनिवार को भी बारिश एवं ओलावृष्टि ने किसानों की धड़कन बढ़ा दीं। मंसूरा गांव के किसान सरदार जगतार सिंह ने बताया बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए मुसीबत बनकर आई है। किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। जिसके बाद किसानों ने सरकार से राहत की गुहार लगाई है। किसान रेशम सिंह व सुजीत सिंह ने बताया किसान की मेहनत की कमाई पूंजी बारिश में धुल गई है। कर्ज लेकर जिस फसल को रात-दिन मेहनत करके तैयार किया वह बर्बाद हो चुकी है।
हालत यह है कि फसलें पक कर कटने के लिए तैयार हैं। लेकिन बारिश ने फसल को खराब कर दिया। खेतों में पानी भरा हुआ है। बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों की फसलों को खासा नुकसान हुआ है। जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई। किसानों का कहना है कि इस बार फसल से खासी उम्मीदें थीं, लेकिन मौसम ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों ने शासन से राहत की गुहार लगाई है। किसानों की पीड़ा जानने के लिए आए प्रभारी मंत्री अजीत पाल भी वेदखेड़ी से लौट गए हैं।
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