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53 हजार किसानों की सम्मान निधि पर संकट

Thu, 14 Nov 2019 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2019 11:42 PM IST
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Crisis on the honor fund of 53 thousand farmers
शामली। जिले में करीब 53 हजार किसानों की सम्मान निधि पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इनके नाम आधार कार्ड में दर्ज नाम से मेल नहीं खा रहे हैं। सरकार ने इन किसानों की लिस्ट कृषि विभाग को भेज दी है। जिन्हें संबंधित तहसीलों को भेज दिया गया है। 30 नवंबर तक इन किसानों के नाम आधार कार्ड के अनुसार डाटा में दर्ज करने हैं। नाम ठीक होनेे के बाद ही इन्हें अगले साल की किस्त जारी होगी।
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लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए तहसील प्रशासन और कृषि विभाग की टीमों से संयुक्त रुप से सर्वे कार्य किया था। तहसील प्रशासन द्वारा जल्दबाजी के चलते उस वक्त जल्दबाजी में किसानों का डाटा लेकर फीड किया गया था। लोकसभा चुनाव के चलते सरकार ने भी किसानों के खातों में सम्मान निधि की धनराशि भी डाल दी। हाल ही में जिले के 80 हजार 119 किसानों के खातों में साल की अंतिम और तीसरी किस्त भी भेज दी गई, लेकिन अब सरकार इस योजना के पूरे सिस्टम के साफ्टवेयर को अपडेट किया है। इसमें पता चला कि जिले के करीब 53 हजार किसानों के नाम उनके आधार कार्ड और तहसील प्रशासन द्वारा फीड किए गए रिकार्ड से मेल नहीं खा रहे। आधार और नामांकन फार्म में नाम की भिन्नता की वजह से अपडेट सॉफ्टवेयर उन नामों को स्वीकार नहीं कर रहा है।
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इस तरह की हो रही त्रुटि
कृषि विभाग के अधिकारियों के उदाहरण के तौर पर किसी किसान का नाम आधार कार्ड में सेठपाल है। लेकिन तहसील प्रशासन द्वारा किसान के ऑनलाइन फीड डाटा में उसका नाम सेठ पाल है। सेठ और पाल के बीच में स्पेस होने की वजह से योजना का अपडेट सॉफ्टवेयर सिस्टम उसे स्वीकार नहीं कर रहा। इसी तरह आधार कार्ड में किसान का नाम दीपचंद है, लेकिन रिकार्ड में दीप चंद लिखा गया है। इसी तरह की मामूली तकनीकी गलतियां हुई हैं।
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साइट से ठीक कर लें डाटा
किसान पीएम किसान डॉट जीओवी डॉट इन वेबसाइट पर जाकर खुद या जनसेवा केंद्र के माध्यम से पता कर सकता है कि उनका डाटा गलत है या सकी। इस साइट पर जाकर अपना स्टेटस चेक कर लें। जिन किसानों का डाटा गलत है वे अपना डाटा ठीक कर सकते हैं।

जिले में अब तक किसान निधि का ब्यौरा
किस्त किसान
पहली 93,653
दूसरी 89745
तीसरी 80119
आधार कार्ड और डाटा में दर्ज करीब 53 हजार किसानों के नाम में भिन्नता है। इन किसानों की सूची संबंधित तहसीलों को भेज दी गई है। तहसील प्रशासन द्वारा उक्त किसानों के आधार कार्ड की फोटो प्रति मंगाकर तहसीलों में रखे इन किसानों के रिकार्ड को उनके आधार में दर्ज एंट्री के हिसाब से अपडेट करेंगे। कृषि विभाग कार्यालय में भी इन्हें ठीक किया जा जा रहा है। किसान चाहें तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की साइट पर जाकर खुद या जनसेवा केंद्र के माध्यम से भी अपना डाटा अपडेट करा सकता है। 30 नवंबर तक ये डाटा ठीक होना है। डाटा ठीक होने के बाद ही किसानों को अगले साल से सम्मान निधि मिलेेगी। - शिव कुमार केसरी उपनिदेशक कृषि
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