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पिटते रहे जवान, देखती रही भीड़
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:46 AM IST
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crime
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। अलविदा जुमे की नमाज के दौरान जामा मस्जिद से करीब 500 मीटर पहले ही वाहनों को रोक दिया गया था। बाजार में भीड़ थी। जैसे ही युवकों ने सिपाहियों पर हमला किया, तो बाजार में भगदड़ मच गई। दुकानदारों में भी हड़कंप मच गया था। देर रात एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने घायल सिपाहियों से पूछताछ की।
पीएसी के सिपाहियों पर भरे बाजार दो युवकों ने हमला किया। दोनों सिपाहियों के पास हथियार भी थे, लेकिन वह पिटते रहे। शर्मनाक बात यह है कि मौके पर मौजूद लोगों में से किसी ने भी जवानों को बचाने अथवा आरोपियों को पकड़ने का प्रयास नहीं किया। एक जवान ने हमलावरों का पीछा भी किया, लेकिन भीड़ में किसी व्यक्ति ने इसमें भी सहयोग नहीं किया।
अलविदा जुमे की नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पीएसी को लगाया गया था। पीएसी की 49 वीं बटालियन के सिपाहियों को बड़ा बाजार में जामा मस्जिद के आसपास दोनों तरफ तैनात किया गया था। आम तौर पर पीएसी की ड्यूटी जहां भी लगाई जाती है, वहां एक सेक्शन तैनात की जाती है।
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इसमें एएसआई समेत पांच-छह पुलिसकर्मी होते है। एक जवान का कहना था कि सिविल पुलिस ने उनके सेक्शन के पुलिसकर्मियों को दो जगह तैनात करा दिया था।
इसी कारण दो जवान रह गए। यदि सभी होते तो इस तरह की घटना नहीं होती। घटनास्थल के पास ही बिल्डिंग पर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली गई, जिसमें दो युवक भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। अब सवाल यह है कि पीएसी के जवानों पर हमला करने वाले ये युवक कौन थे, किसी खुराफात के मकसद से हमला किया या फिर पीएसी पुलिस को उकसाने के लिए, ट्रैफिक रोकने के दौरान हुई कहासुनी के बाद घटना की गई। सही स्थिति तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
पहचान बताने वाले को इनाम देंगे सीओ
घटनास्थल से कुछ दूरी पर स्थित एक बिल्डिंग पर सीसीटीवी लगा हुआ है। पुलिस ने उस सीसीटीवी की फुटेज खंगाली, तो उसमें दोनों हमलावर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने हमलावरों की फुटेज को लेकर सोशल मीडिया पर पहचान के लिए वायरल करा दिया है। सीओ सिटी ने दोनों की पहचान पर व्यक्तिगत तौर पर ढाई हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
सोशन मीडिया पर डाले हमलावरों के फोटो
सीओ सिटी अशोक कुमार का कहना है कि सिपाहियों पर हमला करने वालों को पहचानने का प्रयास किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज को सोशल मीडिया पर भिजवाया है। हमलावरों के बारे में सूचना देने वाले को पुरस्कार दिया जाएगा और नाम गुप्त रखा जाएगा। हमले का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं है। रूट डायवर्जन के दौरान बाइक सवारों से विवाद की बात भी सामने आई है। हमलावरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। टीम बनाकर युवकों की तलाश कराई जा रही है।
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पीएसी के सिपाहियों पर भरे बाजार दो युवकों ने हमला किया। दोनों सिपाहियों के पास हथियार भी थे, लेकिन वह पिटते रहे। शर्मनाक बात यह है कि मौके पर मौजूद लोगों में से किसी ने भी जवानों को बचाने अथवा आरोपियों को पकड़ने का प्रयास नहीं किया। एक जवान ने हमलावरों का पीछा भी किया, लेकिन भीड़ में किसी व्यक्ति ने इसमें भी सहयोग नहीं किया।
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अलविदा जुमे की नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पीएसी को लगाया गया था। पीएसी की 49 वीं बटालियन के सिपाहियों को बड़ा बाजार में जामा मस्जिद के आसपास दोनों तरफ तैनात किया गया था। आम तौर पर पीएसी की ड्यूटी जहां भी लगाई जाती है, वहां एक सेक्शन तैनात की जाती है।
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इसमें एएसआई समेत पांच-छह पुलिसकर्मी होते है। एक जवान का कहना था कि सिविल पुलिस ने उनके सेक्शन के पुलिसकर्मियों को दो जगह तैनात करा दिया था।
इसी कारण दो जवान रह गए। यदि सभी होते तो इस तरह की घटना नहीं होती। घटनास्थल के पास ही बिल्डिंग पर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली गई, जिसमें दो युवक भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। अब सवाल यह है कि पीएसी के जवानों पर हमला करने वाले ये युवक कौन थे, किसी खुराफात के मकसद से हमला किया या फिर पीएसी पुलिस को उकसाने के लिए, ट्रैफिक रोकने के दौरान हुई कहासुनी के बाद घटना की गई। सही स्थिति तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
पहचान बताने वाले को इनाम देंगे सीओ
घटनास्थल से कुछ दूरी पर स्थित एक बिल्डिंग पर सीसीटीवी लगा हुआ है। पुलिस ने उस सीसीटीवी की फुटेज खंगाली, तो उसमें दोनों हमलावर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने हमलावरों की फुटेज को लेकर सोशल मीडिया पर पहचान के लिए वायरल करा दिया है। सीओ सिटी ने दोनों की पहचान पर व्यक्तिगत तौर पर ढाई हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
सोशन मीडिया पर डाले हमलावरों के फोटो
सीओ सिटी अशोक कुमार का कहना है कि सिपाहियों पर हमला करने वालों को पहचानने का प्रयास किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज को सोशल मीडिया पर भिजवाया है। हमलावरों के बारे में सूचना देने वाले को पुरस्कार दिया जाएगा और नाम गुप्त रखा जाएगा। हमले का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं है। रूट डायवर्जन के दौरान बाइक सवारों से विवाद की बात भी सामने आई है। हमलावरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। टीम बनाकर युवकों की तलाश कराई जा रही है।