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बदला लेने के लिए किया था हमला
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:16 AM IST
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arrest
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। शहर की जामा मस्जिद से पांच सौ मीटर की दूरी पर तैनात पीएसी के जवानों पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात दरोगा के टोकने पर हमला करने की बात स्वीकारी है। इस मामले में अभी तीसरा आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
शनिवार को सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज के दौरान बड़ा बाजार में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात तैनात पीएसी के सिपाही महावीर और पुरुषोत्तम ने जामा मस्जिद की तरफ जा रहे बाइक सवार तीन युवकों को रोक दिया था। इसके बाद तीनों युवक चले गए थे।
कुछ देर बाद दो युवक आए तथा महावीर सिंह और पुरुषोत्तम पर डंडे से हमला कर दिया था। इस हमले में महावीर सिंह के सिर में डंडा लगने से गंभीर रूप से वह घायल हो गया, जबकि पुरुषोत्तम की नेम प्लेट टूट गई थी।
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शुक्रवार की देर रात इस मामले में महावीर सिंह की ओर से अज्ञात में युवकों के खिलाफ लोक सेवक पर ड्यूटी के दौरान जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आरोपियों की पहचान होने पर देर रात पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अजयपाल शर्मा ने पुलिस टीम का गठन कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया।
शनिवार को अलसुबह करीब 4.30 बजे पुलिस ने कलंदरशाह निवासी आरोपी वसीम पुत्र यूसुफ और मोहल्ला पंसारियान निवासी सरफराज पुत्र इरशाद को फव्वारा चौक के पास से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने बताया कि बाइक पर वह तीनों जा रहे थे, उसी दौरान कोतवाली में तैनात एक दरोगा ने उनको आगे जाने से रोक लिया। इसी बात से वह आहत हो गए। उन्होंने दूसरी तरफ बाइक लगाई तथा पीछे से आकर हमला किया।
बताया कि तीनों को रोकने के बाद दरोगा दूसरी ओर चले गए तथा उनकी जगह पर महावीर और पुरुषोत्तम वहां आकर खड़े हो गए थे। आरोपियों ने पीछे से आकर हमला किया और फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक इस मामले में अभी एक और हमलावर फरार है। उसको तलाश किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक बाइक तीसरे फरार आरोपी के पास है।
टल गया बड़ा बवाल
अलविदा जुमे की नमाज के दौरान जब पीएसी के जवानों पर हमला किया गया, तो युवकों को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मियों ने पीछा भी किया था। चूूंकि हमलावर दूसरे समुदाय से थे और घटनास्थल के आसपास नमाज के लिए जामा मस्जिद पर आना जाना लगा हुआ था। यदि हमलावर उसी दौरान पकड़े जाते और पुलिस के गुस्से का शिकार होते, तो बवाल भी हो सकता था।
सरफराज हत्या के मामले में है नामजद
एसएसआई रामकुमार ने बताया कि पकड़े आरोपी सरफराज के खिलाफ शामली कोतवाली क्षेत्र में हत्या का एक मामला जानकारी में आया है, जो करीब छह साल पूर्व दर्ज हुआ था। इसके अलावा अन्य थानों से भी इनका आपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
सोशल मीडिया बना आरोपियों के पकड़े जाने का हथियार
शुक्रवार को जब घटना हुई, तो उसी दौरान सीओ सिटी ने आसपास की बिल्डिंग पर लगे सीसीटीवी की फुटेज निकलवा ली थी। फुटेज और उसमें से फोटो बनवाकर सोशल मीडिया पर शाम होते-होते हमलावरों को फोटो व्हाट्सएप पर वायरल हो गए थे।
देर रात तक पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी के बाद दोनों को पकड़ लिया। सीओ सिटी अशोक कुमार ने बताया कि आरोपियों के बारे में सूचना देने वाले को 2500 रुपये का इनाम भी दिया है। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा गया है।
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शनिवार को सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज के दौरान बड़ा बाजार में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात तैनात पीएसी के सिपाही महावीर और पुरुषोत्तम ने जामा मस्जिद की तरफ जा रहे बाइक सवार तीन युवकों को रोक दिया था। इसके बाद तीनों युवक चले गए थे।
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कुछ देर बाद दो युवक आए तथा महावीर सिंह और पुरुषोत्तम पर डंडे से हमला कर दिया था। इस हमले में महावीर सिंह के सिर में डंडा लगने से गंभीर रूप से वह घायल हो गया, जबकि पुरुषोत्तम की नेम प्लेट टूट गई थी।
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शुक्रवार की देर रात इस मामले में महावीर सिंह की ओर से अज्ञात में युवकों के खिलाफ लोक सेवक पर ड्यूटी के दौरान जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आरोपियों की पहचान होने पर देर रात पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अजयपाल शर्मा ने पुलिस टीम का गठन कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया।
शनिवार को अलसुबह करीब 4.30 बजे पुलिस ने कलंदरशाह निवासी आरोपी वसीम पुत्र यूसुफ और मोहल्ला पंसारियान निवासी सरफराज पुत्र इरशाद को फव्वारा चौक के पास से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने बताया कि बाइक पर वह तीनों जा रहे थे, उसी दौरान कोतवाली में तैनात एक दरोगा ने उनको आगे जाने से रोक लिया। इसी बात से वह आहत हो गए। उन्होंने दूसरी तरफ बाइक लगाई तथा पीछे से आकर हमला किया।
बताया कि तीनों को रोकने के बाद दरोगा दूसरी ओर चले गए तथा उनकी जगह पर महावीर और पुरुषोत्तम वहां आकर खड़े हो गए थे। आरोपियों ने पीछे से आकर हमला किया और फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक इस मामले में अभी एक और हमलावर फरार है। उसको तलाश किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक बाइक तीसरे फरार आरोपी के पास है।
टल गया बड़ा बवाल
अलविदा जुमे की नमाज के दौरान जब पीएसी के जवानों पर हमला किया गया, तो युवकों को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मियों ने पीछा भी किया था। चूूंकि हमलावर दूसरे समुदाय से थे और घटनास्थल के आसपास नमाज के लिए जामा मस्जिद पर आना जाना लगा हुआ था। यदि हमलावर उसी दौरान पकड़े जाते और पुलिस के गुस्से का शिकार होते, तो बवाल भी हो सकता था।
सरफराज हत्या के मामले में है नामजद
एसएसआई रामकुमार ने बताया कि पकड़े आरोपी सरफराज के खिलाफ शामली कोतवाली क्षेत्र में हत्या का एक मामला जानकारी में आया है, जो करीब छह साल पूर्व दर्ज हुआ था। इसके अलावा अन्य थानों से भी इनका आपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
सोशल मीडिया बना आरोपियों के पकड़े जाने का हथियार
शुक्रवार को जब घटना हुई, तो उसी दौरान सीओ सिटी ने आसपास की बिल्डिंग पर लगे सीसीटीवी की फुटेज निकलवा ली थी। फुटेज और उसमें से फोटो बनवाकर सोशल मीडिया पर शाम होते-होते हमलावरों को फोटो व्हाट्सएप पर वायरल हो गए थे।
देर रात तक पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी के बाद दोनों को पकड़ लिया। सीओ सिटी अशोक कुमार ने बताया कि आरोपियों के बारे में सूचना देने वाले को 2500 रुपये का इनाम भी दिया है। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा गया है।