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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Provision of seven years imprisonment and fines

सात साल कारावास और जुर्माने का प्राविधान

Thu, 12 Oct 2017 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Thu, 12 Oct 2017 12:12 AM IST
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Provision of seven years imprisonment and fines
Gasoline in Shamli - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। गैस रिसाव प्रकरण में दर्ज हुई रिपोर्ट शुगर मिल प्रबंधन के गले की फांस बन सकती है। मामला गंभीर होने के कारण धारा 308 में आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द ही हो सकती है। कानून के जानकारों का कहना है कि धारा 308 के अलावा लगी धाराएं जमानती अपराध की श्रेणी में है।  
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मंगलवार की सुबह सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज में सरशादीलाल शुगर मिल की डिस्टलरी से गैस रिसाव के कारण 300 बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। सरस्वती विद्यामंदिर बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार की तरफ से सरशादीलाल शुगर मिल मालिक रजत लाल और मिल प्रबंधन के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।   
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वहीं, इसके अलावा इस मामले में अधिवक्ता ब्रह्मपाल चौहान और शगुन मित्तल के मुताबिक धारा 308 गैरजमानती धारा है, जो गैरइरादतन जानलेवा हमले के मामले में लगती है। विशेष परिस्थिति में मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी सीआरपीसी की धारा 41 (1ए) के तहत किए जाने का प्राविधान है। इसके अलावा अन्य धाराएं जमानती अपराध की श्रेणी में आती है।  
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मुकदमे में लगी धाराओं में सजा, जुर्माने की स्थिति
आईपीसी 278   
वकीलों के मुताबिक कोई व्यक्ति वायुमंडल को जब दूषित करेगा, जिससे जन साधारण के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव होता हो। उस दशा में इस धारा के तहत 500 रुपये तक जुर्माने का प्राविधान है।  
आईपीसी 284
किसी विषैले पदार्थ से उतावलेपन या उपेक्षा से कार्य करना, जिससे किसी व्यक्ति को, उपहति या क्षति पहुंचे, या मानव जीवन को खतरा उत्पन्न हो जाए। इसमें छह माह तक कारावास और एक हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है।  
आईपीसी 308
गैरइरादतन आपराधिक मानववध का प्रयास, जिससे किसी व्यक्ति को उपहति पहुंचाना। ऐसे मामले में कम से कम तीन साल और अधिकतम सात वर्ष के कारावास और जुर्माने से दंडित किए जाने का प्राविधान है।  

आईपीसी 338
यदि कोई व्यक्ति उतावलेपन या उपेक्षा से कोई कार्य करता है, जिससे मानव जीवन या दूसरों के जीवन पर संकट उत्पन्न हो जाए। किसी व्यक्ति को घोर उपहति होती है, तो दो वर्ष तक कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना का प्राविधान है।  
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