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पुलिस की जांच में किसी ने नहीं सुनी गोली की आवाज
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 21 Nov 2016 11:54 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। अकबरपुर सुन्हेटी हत्याकांड में ब्रह्मपाल के भाई रमेश ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस की जांच में कहानी कुछ उलझी लग रही है। पुलिस ने ब्रह्मपाल के पड़ोसियों, गांव में तैनात पीएसी के जवानों से बात की, तो उन्होंने गोली की आवाज सुनने से इंकार कर दिया। इससे घटना को लेकर पेंच फंसता नजर आ रहा है।
ब्रह्मपाल के भाई रमेश ने जो तहरीर दी, उसमें वह गोली चलने की आवाज सुनना बताता है और कहता है कि देर रात करीब दो बजे उसने गोली की आवाज सुनी और घर के दरवाजे पर पहुंचा तो कुछ लोगों को घेर से बाहर निकलते पाया। उधर, छानबीन में पुुलिस को मालूम चला है कि घटना का पता सुबह करीब पांच बजे चला, जब ब्रह्मपाल के परिवार की एक महिला घेर में पहुंची। इससे बयानों में विरोधाभास पैदा हो रहा है।
वहीं, ब्रह्मपाल का बेटा रोहित भी उसके साथ घेर में सो रहा था, उससे भी पुलिस ने पूछताछ की, तो उसने भी गोली चलने की आवाज नहीं सुनी। इसके अलावा गांव में तैनात पीएसी के जवानों से भी बात की गई। पुलिस अधीक्षक डाॅ. अजयपाल शर्मा का कहना है कि ब्रह्मपाल के मकान और घेर से करीब 200 मीटर की दूरी पर पीएसी के जवान तैनात थे। पड़ोसी भी गोली चलने की आवाज सुनने से इंकार कर रहे हैं। इससे कुछ संशय पैदा हो रहा है, लेकिन घटना की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। छानबीन पूरी होने पर निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए खुलासा किया जाएगा।
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ब्रह्मपाल के भाई रमेश ने जो तहरीर दी, उसमें वह गोली चलने की आवाज सुनना बताता है और कहता है कि देर रात करीब दो बजे उसने गोली की आवाज सुनी और घर के दरवाजे पर पहुंचा तो कुछ लोगों को घेर से बाहर निकलते पाया। उधर, छानबीन में पुुलिस को मालूम चला है कि घटना का पता सुबह करीब पांच बजे चला, जब ब्रह्मपाल के परिवार की एक महिला घेर में पहुंची। इससे बयानों में विरोधाभास पैदा हो रहा है।
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वहीं, ब्रह्मपाल का बेटा रोहित भी उसके साथ घेर में सो रहा था, उससे भी पुलिस ने पूछताछ की, तो उसने भी गोली चलने की आवाज नहीं सुनी। इसके अलावा गांव में तैनात पीएसी के जवानों से भी बात की गई। पुलिस अधीक्षक डाॅ. अजयपाल शर्मा का कहना है कि ब्रह्मपाल के मकान और घेर से करीब 200 मीटर की दूरी पर पीएसी के जवान तैनात थे। पड़ोसी भी गोली चलने की आवाज सुनने से इंकार कर रहे हैं। इससे कुछ संशय पैदा हो रहा है, लेकिन घटना की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। छानबीन पूरी होने पर निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए खुलासा किया जाएगा।
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