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भनेड़ा में वृद्ध किसान की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 20 Oct 2017 11:53 PM IST
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crime
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कांधला। भनेड़ा गांव में किसान को अगवा कर हत्या करने की सूचना मिलने पर पुलिस में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने पहुंचकर जांच की तो मामला झूठा निकला। पता चला कि किसान की हत्या नहीं बीमार के कारण उसकी मौत हुई है।
थाना क्षेत्र के गांव भनेड़ा निवासी किसान जिले सिंह 70 वर्ष तीन भाई थे। जिनमें दो भाई जगपाल व पीतम की पूर्व में मौत हो चुकी है। किसान की बेटी कविता के अनुसार उसके पिता की दिमागी हालत कई माह से ठीक नही चल रही थी।
उसके पास करीब सात बीघा भूमि थी। आरोप है कि जमीन को हड़पने के लिए पारिवारिक भाइयों ने उन्हें अगवा कर लिया और बृहस्पतिवार देर रात उसकी हत्या कर सूचना दिए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया।
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कविता ने अपने पिता की हत्या की सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद सूचना के बाद थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने गांव में पहुंचकर मामले की जांच की। पुलिस के अनुसार जिले सिंह की करीब सात बीघा भूमि के लिए आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैैं। जबकि उसकी हत्या नहीं बीमारी के चलते मौत हुई है।
उधर, थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने बताया कि जिले सिंह ने करीब 20 साल पहले अपनी बेटी कविता व उसकी मां को अपने से अलग कर दिया था। तभी से अपने पारिवारिक भतीजे सत्यवान के साथ में रह रहा था। कविता को एक वर्ष पूर्व उसके ताऊ पीतम ने गांव में लाकर अपने हिस्से की सात बीघा जमीन दी। जो उसकी मौत के बाद कविता के पास है। अब पिता की मौत के बाद उसकी जमीन को पाने के लिए उसने झूठी सूचना दी।
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थाना क्षेत्र के गांव भनेड़ा निवासी किसान जिले सिंह 70 वर्ष तीन भाई थे। जिनमें दो भाई जगपाल व पीतम की पूर्व में मौत हो चुकी है। किसान की बेटी कविता के अनुसार उसके पिता की दिमागी हालत कई माह से ठीक नही चल रही थी।
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उसके पास करीब सात बीघा भूमि थी। आरोप है कि जमीन को हड़पने के लिए पारिवारिक भाइयों ने उन्हें अगवा कर लिया और बृहस्पतिवार देर रात उसकी हत्या कर सूचना दिए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया।
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कविता ने अपने पिता की हत्या की सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद सूचना के बाद थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने गांव में पहुंचकर मामले की जांच की। पुलिस के अनुसार जिले सिंह की करीब सात बीघा भूमि के लिए आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैैं। जबकि उसकी हत्या नहीं बीमारी के चलते मौत हुई है।
उधर, थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने बताया कि जिले सिंह ने करीब 20 साल पहले अपनी बेटी कविता व उसकी मां को अपने से अलग कर दिया था। तभी से अपने पारिवारिक भतीजे सत्यवान के साथ में रह रहा था। कविता को एक वर्ष पूर्व उसके ताऊ पीतम ने गांव में लाकर अपने हिस्से की सात बीघा जमीन दी। जो उसकी मौत के बाद कविता के पास है। अब पिता की मौत के बाद उसकी जमीन को पाने के लिए उसने झूठी सूचना दी।