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फिर बदल सकता है मौसम का मिजाज
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 24 Apr 2017 12:06 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। इस बार अप्रैल के महीने में ही जून जैसी गर्मी होने से मौसम में शीघ्र उलटफेर होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि दो और तीन दिन में मौसम में बदलाव हो सकता है।
इस महीने के प्रथम सप्ताह में चार-पांच अप्रैल की रात आकाश में बादल, बूंदाबांदी और उत्तरी क्षेत्र में ओलावृष्टि होने से मौसम में बदलाव आया था। शनिवार को दिन निकलते ही गर्मी से लोगों का हाल बेहाल रहा। दोपहर बाद शाम को चार बजे तेज हवाएं चलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली।
हालांकि रविवार को सुबह मौसम साफ हो गया। सुबह दस बजे के बाद तापमान बढ़ता चला गया। धूप से बचने के लिए सड़कों पर वाहन चालक एवं पैदल चलने वाले लोगों ने मुंह को कपड़े से ढककर निकले।
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रविवार को मौसम 36 डिग्री सेल्सियस रहा। उधर, गर्मी से बचने के लिए बच्चों ने पूर्वी यमुना नहर में डुबकी लगाकर आनंद उठाया। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के निदेशक डॉक्टर पीके सिंह व सरदार बल्लभ भाई कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मृदा विभाग के अध्यक्ष डाक्टर एके अहलुवालिया ने बताया कि मौसम का मिजाज अभी फिर बदल सकता है। दो-तीन बाद तेज हवाएं चलने और बूंदाबांदी की संभावना है।
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इस महीने के प्रथम सप्ताह में चार-पांच अप्रैल की रात आकाश में बादल, बूंदाबांदी और उत्तरी क्षेत्र में ओलावृष्टि होने से मौसम में बदलाव आया था। शनिवार को दिन निकलते ही गर्मी से लोगों का हाल बेहाल रहा। दोपहर बाद शाम को चार बजे तेज हवाएं चलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली।
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हालांकि रविवार को सुबह मौसम साफ हो गया। सुबह दस बजे के बाद तापमान बढ़ता चला गया। धूप से बचने के लिए सड़कों पर वाहन चालक एवं पैदल चलने वाले लोगों ने मुंह को कपड़े से ढककर निकले।
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रविवार को मौसम 36 डिग्री सेल्सियस रहा। उधर, गर्मी से बचने के लिए बच्चों ने पूर्वी यमुना नहर में डुबकी लगाकर आनंद उठाया। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के निदेशक डॉक्टर पीके सिंह व सरदार बल्लभ भाई कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मृदा विभाग के अध्यक्ष डाक्टर एके अहलुवालिया ने बताया कि मौसम का मिजाज अभी फिर बदल सकता है। दो-तीन बाद तेज हवाएं चलने और बूंदाबांदी की संभावना है।