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300 से ज्यादा गांवों में अवैध कब्जे

Thu, 01 Jun 2017 12:08 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
शामली, अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 01 Jun 2017 12:08 AM IST
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Illegal occupation in more than 300 villages
Illegal occupation - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। जिले में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को लेकर जिला प्रशासन ने सूची तैयार करा ली है। जिले के 300 से ज्यादा गांवों में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे पाए गए हैं।
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अधिकांश गांवों में पशुचर, चारागाह और तालाबों की जमीन पर अवैध कब्जे हैं। कुछ स्थानों से प्रशासन ने अवैध कब्जे हटवाए भी, लेकिन सभी कब्जों को   हटवाने के लिए जिला प्रशासन जल्दी ही विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। 
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शासन ने जिले के अधिकारियों को सरकारी जमीनों से अवैध    कब्जे हटवाने के लिए निर्देश   जारी किए थे। इसके बाद जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने सभी विभागों के अधिकारियों को पत्र भेजकर सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जे चिह्नित       करने के लिए कहा था। अधिकांश विभागों ने इस संबंध में सूचना भेज दी है, लेकिन कुछ विभागों से   अभी सूचना नहीं आई है।
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फिलहाल शामली तहसील क्षेत्र     के 122 गांवों में से 199 में    अवैध कब्जे पाए गए हैं। जबकि कैराना क्षेत्र के 101 गांवों में से करीब 96 और ऊन तहसील क्षेत्र के 100 गांवों में से 97 गांवों में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे चिह्नित किए गए     हैं। इनमें अधिकांश अवैध      कब्जे तालाब, पशुचर और चारागाह की जमीन पर किए       हुए हैं। अवैध कब्जों की संख्या जिलेभर में 3500 से ज्यादा है।  

जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के संबंध में       सूची बनवा ली गई है। कुछ     गांवों में अवैध कब्जे हटवाए भी गए हैं। जल्दी ही सभी अवैध कब्जों को हटवाने के लिए अभियान शुरू कराया जाएगा। इसके लिए राजस्व कर्मियों की   टीम के साथ ही पुलिस बल भी साथ लेकर अवैध कब्जा हटवाने की कार्रवाई की जाएगी। 

अवैध कब्जों के कारण ही खत्म हो गए तालाब 
जनपद में ऐसे बहुत से गांव हैं, जहां तालाबों की जमीन पर अवैध कब्जे हैं। इस वजह से गांवों की गलियों में जलभराव की समस्या भी रहती है। क्योंकि अवैध कब्जे के कारण तालाब तक गंदे पानी की निकासी ठीक से नहीं हो पाती और तालाब सिमटने के कारण वह जल्दी ही ओवरफ्लो भी हो जाते हैं। यदि प्रशासन अवैध कब्जे हटवाकर तालाबों की जीर्णोद्धार पर भी ध्यान देता है, तो उससे गांवों में जलभराव की समस्या से भी मुक्ति मिल जाएगी। 

जिला पंचायत की बैठक में भी उठ चुका है मुद्दा 
तालाब, स्कूल और अस्पतालों की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला       बीते दिनों जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में भी जिला पंचायत सदस्यों द्वारा उठाया जा चुका है। जिला पंचायत सदस्यों ने कहा था कि जिला पंचायत     की जमीन पर भी अवैध कब्जे हो रहे हैं, जिसे हटवाया जाना चाहिए।     इसके अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी    ने भी जिले के सभी प्रधानाचार्यों से स्कूलों की जमीन पर अवैध कब्जों       के संबंध में सूचना मांगी थी। 


तहसील के कई गांवों में हटवाए गए कब्जे 

शामली एसडीएम एमपी सिंह ने बताया कि अवैध कब्जों को चिह्नित करने के बाद थानाभवन, जलालाबाद, बाबरी और शामली क्षेत्र में कई गांवों में सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटवाए जा चुके हैं। कई स्थान पर सरकारी जमीन पर बोई गई फसल भी ट्रैक्टर चलाकर नष्ट की गई।
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