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काम आई कैराना पुलिस की चौकसी

Mon, 28 Nov 2016 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Mon, 28 Nov 2016 12:39 AM IST
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I work Kairana police guard
Terrorist - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। पंजाब की नाभा जेल से आतंकियों को भगाने के सूत्रधार पलविंदर को पकड़ने में पुलिस की चौकसी काम कर गई। वाहन चेकिंग में लगे पुलिसकर्मी चौकन्ने थे। जैसे ही परविंदर कार से कूदकर भागा, तो पुलिसकर्मी उसके पीछे भाग निकले और पलविंदर को दबोच लिया।
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आमतौर पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी सुस्त हो जाते हैं। इशारा करने पर कोई वाहन रुक गया, तो चेक कर लिया, नहीं तो डंडा सड़क पर मारते रह जाते हैं। रविवार शाम को पुलिसकर्मियों ने यह गलती नहीं की। जैसे ही पानीपत की ओर से फार्च्यूनर में सवार पलविंदर कैराना कस्बे में घुसा, तो थाने के पास ही चेकिंग के लिए पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने का इशारा किया। पलविंदर ने कार नहीं रोकी, बल्कि मुख्य चौराहे की तरफ तेजी से भागने लगा। 
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रास्ते में अन्य वाहन के आ जाने के कारण उसने कार रोक ली और कलस्यान चौपाल के पास से चौक बाजार वाले    रास्ते की तरफ भागने लगा। सिपाही शहजाद और दीपांशु भी पीछे भाग लिए। काफी दूर पीछा करने के बाद दोनों सिपाहियों ने आरोपी परविंदर को दबोच लिया। पलविंदर को पकड़ने में सिपाहियों की अधिकारियों ने खूब प्रशंसा की। 
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दोनों राज्यों की चौकी पार कर गया 
आतंकियों को भगाने वाला पलविंदर हरियाणा और यूपी सीमा की चेकपोस्ट को धता बताकर यूपी की सीमा में घुस गया। यमुना पुल पर एक तरफ जहां हरियाणा राज्य की चेकपोस्ट है, तो दूसरी ओर यूपी की सीमा में पुलिस और आबकारी की टीम अलग अलग      चेकिंग पोस्ट बने हुए हैं।

हैरत वाली बात है कि फार्च्यूनर में पिछली सीट पर एसएलआर और बंदूकें खुली रखी थीं। उन पर कोई कपड़ा तक नहीं ढका था, इसके बावजूद दोनों ही राज्यों की चेकपोस्ट पर फार्च्यूनर को पकड़ा नहीं जा सका। गनीमत रही कि कैराना में चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए पलविंदर सिंह पिंदा को दबोच लिया।

बड़ी वारदात कर सकता था पलविंदर
शामली। पंजाब की नाभा जेल से आतंकियों को भगाने के पीछे बड़ी साजिश की ओर इशारा हो रहा है। चर्चा है कि आतंकियों को किसी राजनेता की हत्या का टारगेट दिया गया था। इसी उद्देश्य से हथियारों से लैस होकर पलविंदर सिंह पिंदा हरियाणा से पानीपत के रास्ते यूपी की सीमा में घुसा था।

अहम सवाल यह है कि यूपी में उसे जाना कहां था। हालांकि अधिकारिक सूत्रों की मानें, तो पलविंदर देहरादून की तरफ भागना चाह रहा था। जिस तरह पलविंदर एसएलआर और बंदूकों सहित यूपी की सीमा में घुसा था, उससे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की ओर संकेत भी मिल रहे हैं।

स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ ही खुफिया एजेंसी, क्राइम ब्रांच और आला अफसर पूछताछ में लगे हैं। उधर, सूत्रों से जानकारी मिली है कि आतंकियों से किसी राजनेता की हत्या कराने की साजिश भी रची जा रही थी। वह राजनेता उप्र का  हो सकता है। 

गिरफ्तार पलविंदर सिंह पिंदा से इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की टीम भी पूछताछ कर सकती है। फिलहाल खुफिया इकाइयों ने आला अफसरों को जो जानकारी दी, उसको लेकर आईबी की टीम भी सक्रिय हो गई है। देर रात तक आईबी की टीम के शामली पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
आईजी और डीआईजी पहुंचे जानकारी लेने 
पलविंदर सिंह पिंदा की गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर आईजी जोन अजय आनंद और डीआईजी सहारनपुर जेके शाही भी शामली पहुंच गए। पलविंदर को झिंझाना थाने की ऊन चौकी पर ले जाकर पूछताछ की जा रही है। वहीं पर पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर पलविंदर से हुई पूछताछ के बारे में जानकारी ली। साथ ही पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि पलविंदर से गंभीरता से पूछताछ की जाए, ताकि वह पंजाब की नाभा जेल से भागे आतंकियों के बारे में सटीक जानकारी दे सके। 


पूछताछ में मिले अहम सुराग, छह टीमें गठित
शामली। पंजाब की नाभा जेल से फरार हुए आतंकियों और कैदियों को पलविंदर ने हरियाणा के पानीपत और करनाल में छोड़ने की सूचना भी मिली है। इसके चलते पुलिस की टीमें पानीपत और करनाल में भी संभावित ठिकानों पर दबिश डलवा रही हैं। रविवार देर रात तक हुई पूछताछ के बाद पुलिस की कई टीमें आला अधिकारियों ने गठित कर दी। पलविंदर की गिरफ्तारी पर लखनऊ से भी एडीजी (कानून व्यवस्था) दलजीत चौधरी भी नजर बनाए हुए हैं। 
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