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नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजी
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 24 Apr 2017 12:01 AM IST
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धोखा
- फोटो : demo pic
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कैराना। सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान एक व्यक्ति ने खुद को वन निगम का राज्यमंत्री बताकर नौ महीने पूर्व युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दस लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों ने फर्जी राज्यमंत्री तथा शामली के एक कथित जिलाध्यक्ष के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम पंजीठ निवासी मुनफेद ने कोतवाली में तहरीर देते हुए अवगत कराया कि समाजवादी पार्टी के एक कथित नेता ने मेरठ निवासी रिहान को वन निगम का राज्यमंत्री बताते हुए पहले उससे मुलाकात कराई थी। उक्त आरोपी ने वन विभाग या आबकारी विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रत्येक से ढाई ढाई लाख रुपये मांगे।
सपा नेता और कथित राज्यमंत्री को 3 अगस्त 2016 को बरनावी में नसीम के आवास पर बुलाया। वहीं पर उसके अलावा नसीम, इनाम व इरफान निवासी पंजीठ को नौकरी दिलाने के एवज में कथित मंत्री को नौ लाख 30 हजार नकद व 70 हजार रुपये उसके बैंक खाते में डलवा दिए। बाद में नौकरी नहीं मिलने पर वे परेशान होकर शामली व मेरठ के चक्कर काटते रहे।
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इस दौरान उन्हें पता चला कि कथित राज्यमंत्री रिहान धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में मेरठ जेल में बंद है, जिसके बाद उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी फर्जी राज्यमंत्री मेरठ जेल मेें बंद है। मामले में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
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ग्राम पंजीठ निवासी मुनफेद ने कोतवाली में तहरीर देते हुए अवगत कराया कि समाजवादी पार्टी के एक कथित नेता ने मेरठ निवासी रिहान को वन निगम का राज्यमंत्री बताते हुए पहले उससे मुलाकात कराई थी। उक्त आरोपी ने वन विभाग या आबकारी विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रत्येक से ढाई ढाई लाख रुपये मांगे।
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सपा नेता और कथित राज्यमंत्री को 3 अगस्त 2016 को बरनावी में नसीम के आवास पर बुलाया। वहीं पर उसके अलावा नसीम, इनाम व इरफान निवासी पंजीठ को नौकरी दिलाने के एवज में कथित मंत्री को नौ लाख 30 हजार नकद व 70 हजार रुपये उसके बैंक खाते में डलवा दिए। बाद में नौकरी नहीं मिलने पर वे परेशान होकर शामली व मेरठ के चक्कर काटते रहे।
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इस दौरान उन्हें पता चला कि कथित राज्यमंत्री रिहान धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में मेरठ जेल में बंद है, जिसके बाद उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी फर्जी राज्यमंत्री मेरठ जेल मेें बंद है। मामले में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।