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फर्जी सीबीआई अफसर गिरफ्तार
Tue, 18 Dec 2018 12:07 AM IST
Deepak Sharma
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Tue, 18 Dec 2018 12:07 AM IST
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arrest
- फोटो : अमर उजाला
शामली। पुलिस और साइबर सेल ने फर्जी सीबीआई अफसर बनकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 11 हजार रुपये और अन्य सामान बरामद किया है। सोमवार को पुलिस लाइन में एसपी अजय कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि करीब चार माह पहले शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी अश्वनी कुमार की दुकान पर नरेश नाम का व्यक्ति मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए आता था।
उसने अपने को सीबीआई अफसर बताकर अश्वनी और उसके भाई कार्तिक की सीबीआई में क्लर्क पर नौकरी लगवाने की बात कही थी। जिसके झांसे आकर अश्वनी ने उसको ढाई लाख रुपये कैश दे दिए। आरोपी नरेश ने अश्वनी को दो बैंक खातों के नंबर भी दिए थे। जिसमें उसने बाकी रकम करीब 8.49 लाख रुपये जमा करा दिए थे।
इसके बाद नरेश ने उसको नियुक्तिपत्र में नाम सीरियल नंबर और बैच नंबर बताते हुए ज्वाइन कराने से पहले साढ़े तीन लाख रुपये की और मांग की। अश्वनी ने मां के बीमार होना बताते हुए रकम का इंतजाम में असमर्थता जताई। नरेश ने नौकरी न लगने की बात कही। इसके बाद पीड़ित ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। एसपी के आदेेेश पर थाना आदर्श मंडी में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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एसपी ने इस मामले की जांच साइबर सेल और आदर्श मंडी पुलिस को सौंपी। साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने सर्विलांस की मदद से आरोपी नरेश निवासी ग्राम धूमसी थाना इंद्री जिला करनाल हरियाणा को अग्रवाल धर्मशाला मंडी मार्शगंज के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 11 हजार 330 रुपये नकद, आधार कार्ड, पेनकार्ड, एक डीएल, तीन बैंक पासबुक, चार एटीएम और पीड़ित अश्वनी के शैक्षिक प्रमाणपत्र, फोटो आदि दस्तावेज बरामद हुए।
एसपी ने बताया कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले रैकेट में पांच लोग शामिल हैं। जिनमें पकड़ा गया नरेश मुख्य आरोपी है, जो फर्जी सीबीआई अफसर बनकर लोगों के साथ ठगी करता है। ठगी की रकम अपने और अपने साथियों के खाते में जमा कराता था। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसपी ने आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को दस हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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उसने अपने को सीबीआई अफसर बताकर अश्वनी और उसके भाई कार्तिक की सीबीआई में क्लर्क पर नौकरी लगवाने की बात कही थी। जिसके झांसे आकर अश्वनी ने उसको ढाई लाख रुपये कैश दे दिए। आरोपी नरेश ने अश्वनी को दो बैंक खातों के नंबर भी दिए थे। जिसमें उसने बाकी रकम करीब 8.49 लाख रुपये जमा करा दिए थे।
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इसके बाद नरेश ने उसको नियुक्तिपत्र में नाम सीरियल नंबर और बैच नंबर बताते हुए ज्वाइन कराने से पहले साढ़े तीन लाख रुपये की और मांग की। अश्वनी ने मां के बीमार होना बताते हुए रकम का इंतजाम में असमर्थता जताई। नरेश ने नौकरी न लगने की बात कही। इसके बाद पीड़ित ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। एसपी के आदेेेश पर थाना आदर्श मंडी में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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एसपी ने इस मामले की जांच साइबर सेल और आदर्श मंडी पुलिस को सौंपी। साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने सर्विलांस की मदद से आरोपी नरेश निवासी ग्राम धूमसी थाना इंद्री जिला करनाल हरियाणा को अग्रवाल धर्मशाला मंडी मार्शगंज के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 11 हजार 330 रुपये नकद, आधार कार्ड, पेनकार्ड, एक डीएल, तीन बैंक पासबुक, चार एटीएम और पीड़ित अश्वनी के शैक्षिक प्रमाणपत्र, फोटो आदि दस्तावेज बरामद हुए।
एसपी ने बताया कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले रैकेट में पांच लोग शामिल हैं। जिनमें पकड़ा गया नरेश मुख्य आरोपी है, जो फर्जी सीबीआई अफसर बनकर लोगों के साथ ठगी करता है। ठगी की रकम अपने और अपने साथियों के खाते में जमा कराता था। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसपी ने आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को दस हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।