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पहले भी हुआ कई बार हमला
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
Updated Fri, 04 May 2018 12:13 AM IST
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crime
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। एक के बाद एक एनकाउंटर में शामली में छह बदमाश मारे गए और दर्जनों जेल में चले गए। इसके बावजूद शामली में शातिर पुलिस पर हमला करने से बाज नहीं आ रहे है। कार्रवाई के बाद भी हमलावरों के हौसले नहीं टूट रहे हैं। बृहस्पतिवार को तीतरो पुलिस पर हमला भी इसकी बानगी है।
सपा सरकार में खाकी पर हमला कई बार हुआ। योगी सरकार आने के बाद पुलिस के हाथ खुुले और पूरे सूबे में सबसे पहला एनकाउंटर यहां हुआ। इसके बाद तो यहां जिला पुलिस ने छह बदमाशों को ढेर कर दिया और सौ से ज्यादा बदमाश जेल चले गए। बेशक बदमाश जमानत तुड़वाकर जेलों में चले गए, लेकिन इस दौरान पुलिस पर हमले की घटनाएं भी हुई। कैराना नगर के मोहल्ला खैलकला में 14 नवंबर 2018 को भीड़ ने पुलिस के साथ मारपीट कर दी और एक कांस्टेबल को बंधक बना लिया था।
सूचना पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा तथा भीड़ पर लाठियां फटकार कर कांस्टेबल को बंधन मुक्त कराया था। दरोगा बच्चू सिंह, महिला कांस्टेबल देवकी, गुड़िया, सरोज बाला, अनीता व कांस्टेबल हाकम, कौशल और विनोद आदि पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
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दूसरी घटना शामली कोतवाली की है। आठ दिसंबर को नगर के शिव चौक के पास खड़ी कार को हटाने को लेकर दारोगा पर सरेआम हमला कर दिया था। मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। तीसरी घटना भी शामली कोतवाली की है। एक मार्च 2018 को हरियाणा के पंचकुला से चेन स्नेचर को साथ लेकर आई क्राइम ब्रांच की टीम पर सराफा व्यापारियों ने हमला बोल दिया। व्यापारियों ने चेन स्नेचर को पुलिस गाड़ी से उतारकर जमकर धुनाई की, लेकिन पुलिस टीम ने बीच बचाव करते हुए किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। मामले में एसआई ऋषिपाल सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। चौथी घटना शामली कोतवाली के मोहल्ला आजाद चौक की है। तीन फरवरी को मोहल्ला आजाद चौक में दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था।
दोनों पक्षों की ओर से पथराव भी हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को रोकने का प्रयास किया था, लेकिन आरोपियों ने पुलिस पर भी हमला कर दिया था। हमले में एसआई डीएस कालिया घायल हो गए थे।
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सपा सरकार में खाकी पर हमला कई बार हुआ। योगी सरकार आने के बाद पुलिस के हाथ खुुले और पूरे सूबे में सबसे पहला एनकाउंटर यहां हुआ। इसके बाद तो यहां जिला पुलिस ने छह बदमाशों को ढेर कर दिया और सौ से ज्यादा बदमाश जेल चले गए। बेशक बदमाश जमानत तुड़वाकर जेलों में चले गए, लेकिन इस दौरान पुलिस पर हमले की घटनाएं भी हुई। कैराना नगर के मोहल्ला खैलकला में 14 नवंबर 2018 को भीड़ ने पुलिस के साथ मारपीट कर दी और एक कांस्टेबल को बंधक बना लिया था।
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सूचना पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा तथा भीड़ पर लाठियां फटकार कर कांस्टेबल को बंधन मुक्त कराया था। दरोगा बच्चू सिंह, महिला कांस्टेबल देवकी, गुड़िया, सरोज बाला, अनीता व कांस्टेबल हाकम, कौशल और विनोद आदि पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
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दूसरी घटना शामली कोतवाली की है। आठ दिसंबर को नगर के शिव चौक के पास खड़ी कार को हटाने को लेकर दारोगा पर सरेआम हमला कर दिया था। मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। तीसरी घटना भी शामली कोतवाली की है। एक मार्च 2018 को हरियाणा के पंचकुला से चेन स्नेचर को साथ लेकर आई क्राइम ब्रांच की टीम पर सराफा व्यापारियों ने हमला बोल दिया। व्यापारियों ने चेन स्नेचर को पुलिस गाड़ी से उतारकर जमकर धुनाई की, लेकिन पुलिस टीम ने बीच बचाव करते हुए किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। मामले में एसआई ऋषिपाल सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। चौथी घटना शामली कोतवाली के मोहल्ला आजाद चौक की है। तीन फरवरी को मोहल्ला आजाद चौक में दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था।
दोनों पक्षों की ओर से पथराव भी हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को रोकने का प्रयास किया था, लेकिन आरोपियों ने पुलिस पर भी हमला कर दिया था। हमले में एसआई डीएस कालिया घायल हो गए थे।