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हथियारों का नया गढ़ बना खुरगान, दभेड़ी खुर्द

Sat, 14 Jan 2017 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली Updated Sat, 14 Jan 2017 12:03 AM IST
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Create new defenses Khurgan weapons, Dbedi Khurd
crime - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। मुजफ्फरनगर के जौला और मध्यप्रदेश के मुंगेर के बाद कैराना के तमंचे देेशभर में सप्लाई होने लगे हैं। दभेड़ी खुर्द और खुरगान तमंचा फैक्ट्रियों का गढ़ बन गया है। जिससे एक बार फिर हथियारों की सप्लाई को लेकर कैैराना सुर्खियों में आ गया है।  तमंचा फैक्ट्र्ी पकड़े जाने के बाद पूरे जोन में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है।
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कैैराना में पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई आती रही है, जिसके चलते कैराना बदनाम रहा है। समय-समय पर कैराना से जुड़े लोग बार्डर पर हथियारों के साथ पकड़े जा चुके हैं। इसके साथ तीन साल पूर्व ही कैराना यमुना पुल पर आठ पिस्टल तितरवाड़ा निवासी युवक से पकड़ी गई थी। 
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इसके साथ ही मुजफ्फरनगर का जोला गांव भी तमंचा बनाने के लिए मशहूर है। कैराना में करीब चार साल पूर्व कैराना में अस्पताल के सामने तमंचा फैक्ट्री पकड़ी गई। उसके बाद पूर्व में खादर में भी कार्रवाई गई, लेकिन बावजूद इसके खादर के कुछ युवा इसके रंग में रंगते चले गए। 
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 खुरगान में पकड़ी गई तमंचा फैक्ट्री में यह बात साबित करने के लिए काफी है कि कैराना क्षेत्र में कितने बड़े स्तर पर तमंचा फैक्ट्री चलाई जा रही है। घटना के बाद से पुलिस प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है। वहीं, हालांकि पुलिस अभी भी अभियान चलाए जाने की बात कह रही है। इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों की खेप मिलने पर एक बार फिर कैराना सुर्खियों में है। 

वैल्डिंग मशीन, बोर मशीन, फैक्ट्री शुरू 
तमंचा बनाने की फैक्ट्री के लिए ज्यादा सामान की भी जरूरत नहीं होती है। बताया जाता है कि इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी वैल्डिंग मशीन, शिकंजा, बोर करने के लिए बोर मशीन और अन्य छोटे उपकरण चाहिए होते हैं। इनको खेत के बीच में भी रखा जा सकता है। 

खुरगान और दभेड़ी खुर्द के कई लोग हैं शामिल
पुलिस सूत्रों के अनुसार इन दोनों गांव के कई युवा इस धंधे में लिप्त है। सूत्रों के अनुसार तमंचा बनाने का धंधा सबसे सस्ता है। एक तमंचा बनाने में महज चार सौ से पांच सौ तक का खर्चा आता है। जबकि तमंचा पांच हजार तक बिक जाता है। इसी कारण दोनों गांवों के जंगल में अभी भी इस तरह की छोटी-छोटी फैक्ट्रियां संचालित है। 


हरियाणा से लेकर यूपी के कई जिलों में नेटवर्क 
पुलिस सूत्रों की माने तो पकड़ी गई हथियार की फैक्ट्री से जुड़े लोगों का नेटवर्क हरियाणा से लेकर यूपी के कई जिलों तक फैला है। समय-समय पर वहां के लोग आकर यहां से तमंचा ले जाते थे। 
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